ll ॐ नव शिवाय ll

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ll ॐ नव शिवाय ll
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शनिवार, 2 जुलाई 2011

:क्या हिंदी एक भाषा ही है :कि कुछ और भी है :जाने चौधरी अक्षर ज्योतिष में :

 :क्या हिंदी एक भाषा ही है :कि कुछ और भी है :जाने चौधरी अक्षर ज्योतिष में :
मेरे प्रिय दोस्तों ..:हिंदी हिन्दुस्तान की भाषा तो हैं ही लेकिन हिंदी हिंदी भाषा के अलाबा एक विज्ञान भी है :
एक ऊर्जा शक्ति है :
हिंदी के हर एक अक्षर में वो शक्ति है जो पूरे ब्रह्मांड में इतनी शक्ति किसी में भी नही है :
हिंदी के हर एक अक्षर के स्वर में वो ध्वनी छुपी हुई है :
जिसे सुनकर भगवानो के  सिंगांसन तो क्या आकाश पाताल  भी हिलने लगते    है  :
हर एक अक्षर के स्वर में इतनी शक्ति है :
हिंदी भाषा का हर एक अक्षर हर एक शब्द बहुत ही अनमोल है मानव के लिए :
मगर हम भारत वासियों ने अपनी भाषा की कोई कदर नही की :
और हम दुसरे देशो की भाषा में ऐसे लुप्त  गये कि हम अपनी भाषा तो क्या हम  अपने संस्कार  भी भूल गये :
आपको शायद ये नही पता कि हिंदी के हर  एक से हमारे देवी देवताओ के यंत्र  मन्त्र तन्त्र छुपे हुए है :
एक मन्त्र को सिध्ध करने से हमारे देवी देवता हम पर प्रसंद   हो जाते हैं :
हिंदी के हर एक अक्षर में वो वशीकर्ण   छुपा हुआ है 
जिसे चाहो उसे अपने बस में कर सकते हो :
मेरे भाईयो हिंदी का हर शब्द सनातन है :
हिंदी के हर एक अक्षर की ध्वनि हमको  एक  नया पैगाम देती  है  मगर हम समझ नही पाते हम अपनी जिन्दगी की उलझनों में इतने उलझे रहते कि हम को कुछ पता ही नही होता
कभी एकांत होकर   आप अपने शरीर पूछो कि अक्षर क्या है हिंदी के  हर शब्द का मतलव  क्या है ? 
शायद आपको पता नही कि हमारी  भाषा एक विज्ञान है
 व्याकरण हमें इनकी  परिभाषाओं से जानकारी  करवाते हैं . लेकिन हकीकत  में हम उसकी मूल गहराई  के विषय में नहीं जानते कि अक्षर की  भी कोई मूल गहराई  होती है . लेकिन जैसे ही हम अक्षरों के विषय में सोचते हैं तो एक रोचक सा संसार हमारे सामने  उपलध  होता है . हम जितनी गहराई से अक्षर को समझेंगे उतनी ही गहराई  हमारे सामने आती जायेगी :हम अक्षरो के बारे में जितना जाने उतना ही कम है : 
 जी हाँ वास्तविकता तो यही है :  यह प्रश्न उठना  भी स्वाभाविक है , कि  इसका हल हमारी बुद्धि के अपेक्षा  बहुत ज्यादा    है : आज से कुछ बर्षो पहले जब हमारे पूर्वजो के यहाँ जब बच्चा पैदा होता था तो :बड़े बड़े विद्वानों को ऋषि मुनि को बुलाकर अपने बच्चे का नाम कर्ण कराते थे :  
और वो विद्वान बच्चे का नाम कर्ण करने से पहले उन अक्षरों को सिद्ध करते थे जिन अक्षरों से बच्चे का नाम कर्ण करना होता था : तब जाके बच्चे का नाम रखते थे :
पहले जेसे शूरवीर आज नही है तो उसका कारण यही है :कि आज के जमाने में नाम अपने आप रखते है :
जो मुह में आगया वही नाम बच्चे का  रख दिया :
तो आप खुद ही सोच सकते हो कि धरती वीरो से क्यों खली है :
दोहा ::{}  ऋषि मुनि अब रहे नही और ज्ञान का होगया अंत :
               अक्षर विद्या  अब कहाँ मिले इंग्लिश बोले साधू संत :
अब  बात करते हैं कि ध्वनि क्या है ? 
आम तौर पर "आवाज" को हम वैज्ञानिक भाषा में हम  ध्वनि कहते हैं . 
जेसे कि हरमुनियम में जिस प्रकार स्वर होते है :
वेसे ही स्वर हमारे अंदर भी होते है :-
नाक कान मुंह गला आँखे दांत जीभ :
जिस जिस जगह से अपने शरीर में से स्वर निकल ते है :
उन सभी स्वरों का मतलव अलग अलग होता है :
इसी प्रकार अक्षर  योग होते है और इसी प्रकार अखर साधना होती है :
.  जिसे हमने अक्षर  साधना के बल पर महसूस किया है , उसे सब के समक्ष कैसे करेंगे . 
 प्रक्रिया की आवशयकता होती है . नियंत्रित  ध्यान के माध्यम से इस "नाद" को सुना जाता है, महसूस किया जाता है . चित्त  को  ( आत्मा को परमात्मा से ) जोड़ना ही योग है . लेकिन इस जुड़ाव के लिए भी कोई ना कोई माध्यम तो चाहिए ही , औअ इ उ ए अं = 
क ख ग घ ङ = 
च छ ज झ ञ = 
ट ठ ड ढ ण = 
प फ ब भ म = 
त थ द ध न य र ल व     
श ष स श्र..
 ह क्ष ज्ञ त्र


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ये लेख आपको केशा लगा अपनी राय जरुर भेजे:
और आपको इस लेख से क्यों जानकारी मिली ये जरुर लिखे:
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चौधरी अक्षर ज्योतिष के:

लेखक: जगदीश भाई चौधरी:

फोन 09904271497 न:

पता: हेनी गार
र वह है चौधरी अक्षर ज्योतिष:
अक्षर के विशे  में  और  अधिक  जानने   के लिए पढ़ते रहे चौधरी अक्षर ज्योतिष :;;;;;;;;
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क्या हिंदी एक भाषा ही है :कि कुछ और भी है :भाग  { 2 } जाने चौधरी अक्षर ज्योतिष में :
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सोमवार, 21 फ़रवरी 2011

मकान दोस भाग दो {२ }

अक्षर ज्योतिष को बहुत ही आशानी से समझा जा सकता है : ये अक्षर ज्योतिष आपके परवार का भविष्य बनाने के लिए बनी है : ये अक्षर ज्योतिष आपको गुमराह होने बचाएगी : ये अक्षर ज्योतिष आपके कार्य badaayegi :
 :आपको उन्नति दिलाएगी
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                                               {} मकान दोस भाग दो {२ }
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प्रिय दोस्तों आप अगर मकान बना रहे है :
या बनाना चाहते है तो इतना ध्यान जरुर रक्खे :
सब से पहले आप अपने नाम के अक्षर देखे :
कि आपके नाम में कितने अक्षर है :
अगर आपके नाम में दो अक्षर और दो मात्रा है :
तो आप  मकान पूर्व या पछिम का बनाए :
तिन अक्षर और एक मात्रा है तो भी :
आप  मकान पूर्व या पछिम का बनाए :
ढाई या  साडे तिन अक्षर है :तो भी :
आप  मकान पूर्व या पछिम का बनाए :
और मकान तिन रूम रसोड़ा का ही होना चाहिए :
अथवा तो पांच रूम रसोड़ा का होना चाहिए :
मेरा कहने का एक ही मतलव है कि आपके नाम में :
जितने अक्षर है उतने ही रूम होने चाहिए :
आधा अक्षर रसोड़े का होता है :
और मात्रा ट्टी बाथरूम होती है :
एसा मकान आप बनाओगे तो आपको कभी भी :
परेसानी नही आएगी ;
आपके नाम में चार  अक्षर है तो आप चार रूम का मकान बनाए :
और चार अक्षर बाले अपना मकान उत्तर या दखिन का बनाए :
कभी भी आपको मकान के बिसे में किसी ज्योतिषी को :
पूछना नही पड़ेगा :
आप सदा सर्व शुखी इंसान कहला ओगे
आपका कोई काम नही रुकेगा :
और आपको मकान दिशासुर नही नडेगा :
इस तरीके से आप मकान बना ओगे तो :
आपका जीवन शुख सांति से कटेगा :
आपका  परिवार सुखी परिवार कहलायेगा :
मकान के बिसे में और अधिक जानकारी :
चाहिए तो हम से सम्पर्क करे :
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अगर आपको  या आपके कोई रिश्तेदार को ये  मकान दोष है :
तो हम से सम्पर्क के :
फ्री चार्ज है सभी के लिए :
परेशान न हो  फोन करे फ्री सेवा  है :
कोई भी प्रकार का ज्योतिष चार्ज नही है :
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चौधरी अक्षर ज्योतिष के :
लेखक :जगदीश भाई चौधरी :
लुनावाडा परा बजार गुजरात {इंडिया }
फोन न : 09904271497 :
 कोपी रायट २०१० :२०११ :
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रविवार, 20 फ़रवरी 2011

जन्म भूमि दोस केसे लगता है :भाग {१}

अक्षर ज्योतिष को बहुत ही आशानी से समझा जा सकता है :
 ये अक्षर ज्योतिष आपके परवार का भविष्य बनाने के लिए बनी है :
 ये अक्षर ज्योतिष आपको गुमराह होने बचाएगी :
 ये अक्षर ज्योतिष आपके कार्य को बढायेगी :आपको उन्नति दिलाएगी :
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मेरे प्रिय दोस्तों आज हम आपको बतायेगे कि जन्म भूमि दोस केसे लगता है  :
इन्शान अपने गाँव में पैदा तो होता है :
मगर जब तक अपने गाँव में रहेगा तब तक वो दुखी ही रहेगा :
और परदेश में जाकर हर तरह आवाद होजाता है :ऐसा क्यों होता है :
क्या कारण है :  कि इन्शान जन्म ता कही और है :
अपनी पहचान बनाता कही और है :
जन्म भूमि कही और है :
कर्म भूमि कही और है:
धर्म भूमि कही और है :
क्या मतलव है इसका :क्या आप जानते हो :क्या आपने कभी सूना है :
कि जन्म भूमि दोस होता है :क्या कही लिखा देखा  है :सायद नही :
किसी वेदसास्त्र में पढ़ा है आपने  :किसी ग्रन्थ में  नही है :
आज तक किसी भी धर्म गुरु ने भी ये ज्ञान नही दिया होगा :आपको :
क्यों कि ये ज्ञान किसी भी ग्रन्थ में नही है हम जो आपको बताते है :
वो किसी ग्रन्थ में से पढ़के नही बताते :
हम आपको वो  ज्ञान देते है जो हमें भगवान की भक्ति से :
माता जी की सकती गुरु जी की क्रपा से और  योग की दृष्टी से मिलाता  है :
हम अगर चाहते तो इस ज्ञान से अब तक करोड़ो रूपये :कमाकर बेठे होते :
लाखो लोग हमारी सेवा में लगे होते :मगर हम ये नही चाहते :
हम कुदरत के दीये हुए ज्ञान से पैसा कमाना नही चाहते :
इसी लिए हम इंटर नेट पर सब कुछ लिख रहे है:
क्यों कि लोग पड़े और अपने जीवन को सफल बनाए :
मगर हम किसी भी भाग का : उपाय नही लिख रहे है :
क्यों कि लोग पडके लोगो को लूटना सुरु कर देंगे :
इसी लिए हम उपाय नही लिखते :जिन लोगो को जरूरत होती है :
वो हमें फोन करके उपाय पूछ लेते है :सुखी होजाते है
आपको अगर जरूरत है तो आपभी हमें फोन कर के पूछ सकते हो :
हमारा ज्योतिष चार्ज फ्री है अभी के लिए :
क्यों कि हमारे लिए नर सेवा ही नारायण सेवा है :
और अगर हम किसी भी भाग का उपाय लिखते भी है :
तो भी हम एक ही परिवार का लिख सकते है :
क्यों कि भारत के सभी परिवार के नाम एक नही है :
क्यों कि ये है अक्षर ज्ञान :नामोके अक्षरों से सब कुछ देखा जाता है :
आपके परिवार में जो नाम है :
वो दुसरे परिवार में नही होते :
इसी लिए भी हम किसी भी भाग का उपाय नही लिखे है
हम आपको किसी गलत रास्ते पर लेके  नही जारहे है :
हम आपको वो आयना बता रहे है :जो आपने कभी नही देखा है :
आपका अच्छा भविष्य ही :भारत की शान है :
हर घर भारत का सुखी हो ये हमारी सोच है :
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तो हम बात कर रहे थे :जन्म भूमि दोस  की :
जन्म भूमि दोस काफी प्रकार के होते है :
जन्म भूमि दोस देखने का तरीका ये है :
{१] आपके नाम का पहला अक्षर को
अपने गाँव या सहर :के पहले अक्षर से जोड़े :
जेसे  की आपके नाम का पहला अक्षर { ज }
और आपके गाँव का पहला अक्षर है { म }
दोनों को मिलाओ तो बनता है {जम }
जम का स्वर है बंद :और जो स्वर बंद है बो कोई काम का नही होता :
एक तरीका हमने आपको बता दिया है :
आप जो भी कुछ देखे तो इस तरह से पहले देखे :
जहां स्वर बंद होता है वो अच्छा नही होता :
और अधिक जान ने के लिए पड़े जन्म भूमि दोस भाग दो :
या हम से सम्पर्क करे :
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 अगर आपको  या आपके कोई रिश्तेदार को ये दोष है :


तो हम से सम्पर्क के :
फ्री चार्ज है सभी के लिए :
परेशान न हो  फोन करे फ्री सेवा  है :
कोई भी प्रकार का ज्योतिष चार्ज नही है :
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चौधरी अक्षर ज्योतिष के :
लेखक :जगदीश भाई चौधरी :
लुनावाडा परा बजार गुजरात {इंडिया }
फोन न : 09904271497 :

 कोपी रायट २०१० :२०११ :

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जन्म भूमि दोस :के लेखक :
चौधरी अक्षर ज्योतिष :
कोपी रायट २०१०:2011

गुरुवार, 17 फ़रवरी 2011

भाग {१}में आज हम आपको बतायेगे मकान दोस के बिसे में {}

भाग {१}में  आज हम आपको बतायेगे मकान दोस के बिसे में :
कि मकान दोस क्या होता है :और मकान दोस केसे लगता है :
मकान दोस को आज के जमाने वास्तु दोस के नाम से जाना जाता है :
मगर अक्षर ज्योतिष के हिसाब से वास्तु दोस जेसी कोई चीज नही होती :
भूमि दोस होता है : मकान दिशासुर होता है :
और वो केसे होता है वो आज हम आपको किलियर कर बतायेगे :
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ये चार दिशाए होती है :मेंन :क्यों कि मकान चार दिशाओ के होते है :
अ: पूर्व है .......................
इ : पछिम है :
उ : उत्तर है :
ऍ : दछिन है :.
ओ : को भूमि दोस नही लगता है  : 
अँ : भी भूमि दोस नही लगता है ;
मगर दिशासूर सब को लगता है :
अब आप सोचोगे कि भूमि दोस केसे लगता है :
और दिशासूर दोस केसे लगता है :
तो गोर कर के देखो नीचे के खाने में :
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अ     इ      उ      ए    अं =ओ 
क    ख     ग      घ    ङ =
च    छ     ज     झ    ञ = 
ट    ठ       ड     ढ     ण =
प    फ     ब      भ    म =
त    थ     द      ध     न =
य    र     ल      व      
श    ष     स    .श्र .
ह    क्ष    ज्ञ      त्र 
''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''
आया कुछ आपकी  समझ में :नही आया होगा ये हमें पता है :
क्यों कि न  कभी आपने पड़ा है :और न आपने कभी सुना है  :
इसी लिए आपकी समझ में जल्दी नही आएगा :
मगर हमने भी आपको पक्का ज्योतिषी नही बना दिया :
तो हमारा नाम भी जगदीश भाई चौधरी नही 
आज हम किलियर कर के बता देते है कि :
वास्तु का मतलव क्या है :वास्तु का मतलव है दोस्तों श्राद्ध   :
जब आप कोई मकान बनाते है :तो आपको वास्तु  करना ही पड़ेगा :
क्यों कि आप मकान में बसने जारहे हो :
जो आपने मकान बनाया है :
उस बनाने बाले को तो आपने मजूरी देदी है :
मगर  जो मकान बनाते समय जीव जन्तु मरे है 
उनको मोक्ष दिलाने के लिए वास्तू करना ही होगा :
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वास्तू केसे किया जाता है :ये जाने :
वास्तू की पूर्ण  विधि केसे होती है ये जाने :
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वास्तू की पूर्ण  विधि कोई नही करता है :
और ना ही कोई जानता है :
कर्मकांड  करने वाले  पंडित भी :
मकान के मालिक के कहने के हिसाब से 
वास्तू की विधि करते है  :
कोई सत्य नारायण की कथा करवाता है :
और कोई ग्रह शांति हवन करवाता है 
कोई नवचंडी हवन करता है :
कोई लक्ष्मी हवन करवाता है 
मगर इन चीजो से वास्तू का निवारण नही होता :
वास्तू का निवारण करने के लिए सब से पहले :
जो करोड़ो की संख्या में मकान बनाते समय :
जीव जन्तू मरे है उनको किसी अच्छे स्थान पर जाकर :
मोक्ष दिलाये  
सब का पिंडदान  करवाये और फिर घर आकर {११} {२१ }
ब्राह्मणों को भोजन कराये :उसके बादकम से कम {40}दिन बाद :
 नवचंडी हवन करवाये :
तब जाके वास्तू का निवारण होगा :
वास्तू दोस की विधि:
मकान मालिक के नाम के अक्षरों के हिसाब से की जाती है
ये ही विधि न कराये :मकान मालिक के नाम में कितने अक्षर है :
और वो अक्षर कोन कोन सी योनी   के है   :
ये भी देखना पड़ता है :
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अब हम आपको बतायेगे कि दिशासुर क्या होता है :
......................................................................................................
मकान का दिशासुर मकान मालिक के नाम से देखा जाता है :
कि मकान मालिक के नाम में कितने अक्षर है :
और नाम में कितनी मात्रा  है :
इस इन्शान को कोन सी दिशा का मकान अच्छा रहेगा:
शुभ रहेगा 
इस बिसे और और अधिक जान्ने के लिए पड़े :
मकान दोस भाग दो {२ }:
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 अगर आपको  या आपके कोई रिश्तेदार को ये दोष है :
तो हम से सम्पर्क के :
फ्री चार्ज है सभी के लिए :
परेशान न हो  फोन करे फ्री सेवा  है :
कोई भी प्रकार का ज्योतिष चार्ज नही है :
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चौधरी अक्षर ज्योतिष के :
लेखक :जगदीश भाई चौधरी :
लुनावाडा परा बजार गुजरात {इंडिया }
फोन न : 09904271497 :

 कोपी रायट २०१० :२०११ :

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चौधरी अक्षर ज्योतिष

मंगलवार, 15 फ़रवरी 2011

नारी दोस भाग {७ } झगड़े का घर : {}

नारी दोस भाग {७] में आज हम आपको बहुत ही अनमोल बात बतायेगे ::
पति और पतिनी में  अक्षर झगड़ा क्यों होता है :
ऐसा कोन सा कारण है :जो दोनों में प्यार की बजाय झगड़ा होता है :
घर तवा होजाता है :माँ बाप के होते हुए भी बच्चे अनाथ के समान :
अपना जीवन बितीत करते है :
मेरे प्रिय दोस्तों ये बहुत ही छोटी सी चीज है अगर आपकी समझ में आजाये तो :
ये है अक्षरों के स्वरों  का खेल :आज हम आपको बहुत ही सादा  रूप में बतायेगे :
जेसे कि : पतिनी के नाम का पहला   अक्षर का स्वर  अगर अंदर का है :
और  पति के नाम का पहला अक्षर का स्वर  बाहर का है :
तो दोनों में हमेश झगड़ा ही रहेगा :
अंदर के स्वर  बाली पतिनी :
बाहर के स्वर  बाले पति को :भारी  ही पडती है :
और अंदर  के  स्वर वाले पति :
बाहर के स्वर बाली पतिनीयो  को भारी पड़ते है :
शादी करने से पहले जन्म कुंडली मिलाये या न मिलाये :
मगर नारी दोस सभी प्रकार के मिला कर देखले :
                     { एक बात और खास }
पति पतिनी में दोनों में से जिसका स्वर अंदर का होगा
उसकी मृत्यु पहले होगी :  अंदर के  स्वर से  झगड़ा तो
होता ही है मगर जीवन और भी काफी  परेशानी आती है :
  इस बिसे में और भी अधिक जान्ने के लिए :पड़े :
  {}{पति पतिनी और बेटा के भाग पड़े :{}
क्यों कि इन तीनो से घर बनता है :
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अगर आपको  या आपके कोई रिश्तेदार को ये दोष है :
तो हम से सम्पर्क के :
फ्री चार्ज है सभी के लिए :
परेशान न हो  फोन करे फ्री सेवा  है :
कोई भी प्रकार का ज्योतिष चार्ज नही है :
'''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''
लेखक :जगदीश भाई चौधरी :
लुनावाडा परा बजार गुजरात {इंडिया }
फोन न ओ९९०४२७१४९७                        
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chaudhri jyotish jagdish bhai: गृह दोष निवारण जमीन दोष निवारण

chaudhri jyotish jagdish bhai: गृह दोष निवारण जमीन दोष निवारण

रविवार, 13 फ़रवरी 2011

पहला भाग {१] ऊ:अक्षर का : {ऊ } पूर्व जन्म का मालिक है :और अपने सरीर में {ऊ }आखो का मालिक है :

भाग {१] ऊ:अक्षर :पूर्व जन्म का मालिक है :
और अपने सरीर में {ऊ }आखो का मालिक है :
मेरे  प्रिय  दोस्तों  {ऊ }आखो का भी मालिक है :
और {ऊ }पूर्व जन्म से का मालिक है :
जिस इन्शान का नाम {ऊ } अक्षर के उपर है :
मानो वो इन्शान प्रित्रू  योनो में से आया है :
प्रित्रू योनी में उसने बहुत अच्छे करे होंगे :तभी तो :
किसी अच्छे इन्शान ने  प्रित्रू  को मोक्ष दिलाया है  :
ओर फिर उसे मानव योनी मिली है :
और ये इन्शान मानव योनी में भी अच्छे कर्म करेगा तो
देव लोक में चला जाएगा :
जन्म और मरण से मोक्ष पाजायेगा चोरासी {८४ }से छुट जाएगा :::
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भाग {१] ऊ:अक्षर :पूर्व जन्म का मालिक है :
और अपने सरीर में {ऊ }आखो का मालिक है :
ये {ऊ }के अक्षर है :
ग  ज ड द ब ल स ज्ञ :
यानि {ऊ } की ओलाद है :
और इन की योनी भी अलग अलग है :
योनियों के बिसे में हम आपको आगे बतायेगे :
अक्षर के हिशाब से :
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अभी हम आपको बताते है आँखों  के बारे में :
{ऊ }अक्षर जो हम ने उपर लिखे है :
वो अक्षर अगर आपके नाम में है :
और वो अक्षर आपके नाम में दुसित है :
यानि वो अक्षर किसी और अक्षर ने उन्हें दबा रक्खा है :
या किसी और अक्षर की मात्रा उस पर लगी हुई है :
जो {ऊ }के साथ दुश्मनी  है :
तो सब से पहले आपकी आँखों पर असर पड़ेगा :
जेसे कि:आपकी कोई आँख फूट भी सकती है :
आँखों पर बक्त    से चस्मा आजायेगा :
आँखों में फूली हो सकती है :
आँखों में जाले पड़ सकते है :
बार बार आँखे आना हो सकता है :
या आँखे टेडी  मेसी होजाना :
या आँखे छोटी बड़ी हो जाना :
या रात रोध आना :
आँखों में बार बार दर्द रहना :
और भी बहुत सारे रोग जो आँखों लग सकते है :
ये सब पता चलता है नाम के अक्षरों से :
कि आपके नाम में कोण कोण से अक्षर है :
ओरम वो कोण कोण से अक्षरों से दुसित है :
और उन अक्षरों पर कोण सी मात्रा लगी हुई है :
या फिर आपके नाम में {ऊ } मात्रा दुसित है :
तो भी आपको ये रोग लग सकते है :
आपके नाम में {ऊ } के अक्षर नही है :
मगर उन अक्षरों {ऊ } की मात्रा है :
तो आपको आँखों के रोग लग सकते है :
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ये लेख आपको केशा लगा अपनी राय जरुर भेजे :
और आपको इस लेख से क्यों जानकारी मिली ये जरुर लिखे :
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चौधरी अक्षर ज्योतिष के :

लेखक :जगदीश भाई चौधरी :

फोन न 09904271497 :

पता :हेनी गारमेंट परा बजार लुनावाडा पंच महेल गुजरात {इंडिया


गुरुवार, 10 फ़रवरी 2011

पहला भाग {१] ऊ:अक्षर का : {ऊ } पूर्व जन्म का मालिक है :और अपने सरीर में {ऊ }आखो का मालिक है :

भाग {१] ऊ:अक्षर :पूर्व जन्म का मालिक है :
और अपने सरीर में {ऊ }आखो का मालिक है :
मेरे  प्रिय  दोस्तों  {ऊ }आखो का भी मालिक है :
और {ऊ }पूर्व जन्म से का मालिक है :
जिस इन्शान का नाम {ऊ } अक्षर के उपर है :
मानो वो इन्शान प्रित्रू  योनो में से आया है :
प्रित्रू योनी में उसने बहुत अच्छे करे होंगे :तभी तो :
किसी अच्छे इन्शान ने  प्रित्रू  को मोक्ष दिलाया है  :
ओर फिर उसे मानव योनी मिली है :
और ये इन्शान मानव योनी में भी अच्छे कर्म करेगा तो
देव लोक में चला जाएगा :
जन्म और मरण से मोक्ष पाजायेगा चोरासी {८४ }से छुट जाएगा :::
'''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''
भाग {१] ऊ:अक्षर :पूर्व जन्म का मालिक है :
और अपने सरीर में {ऊ }आखो का मालिक है :
ये {ऊ }के अक्षर है :
ग  ज ड द ब ल स ज्ञ :
यानि {ऊ } की ओलाद है :
और इन की योनी भी अलग अलग है :
योनियों के बिसे में हम आपको आगे बतायेगे :
अक्षर के हिशाब से :
'''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''
अभी हम आपको बताते है आँखों  के बारे में :
{ऊ }अक्षर जो हम ने उपर लिखे है :
वो अक्षर अगर आपके नाम में है :
और वो अक्षर आपके नाम में दुसित है :
यानि वो अक्षर किसी और अक्षर ने उन्हें दबा रक्खा है :
या किसी और अक्षर की मात्रा उस पर लगी हुई है :
जो {ऊ }के साथ दुश्मनी  है :
तो सब से पहले आपकी आँखों पर असर पड़ेगा :
जेसे कि:आपकी कोई आँख फूट भी सकती है :
आँखों पर बक्त    से चस्मा आजायेगा :
आँखों में फूली हो सकती है :
आँखों में जाले पड़ सकते है :
बार बार आँखे आना हो सकता है :
या आँखे टेडी  मेसी होजाना :
या आँखे छोटी बड़ी हो जाना :
या रात रोध आना :
आँखों में बार बार दर्द रहना :
और भी बहुत सारे रोग जो आँखों लग सकते है :
ये सब पता चलता है नाम के अक्षरों से :
कि आपके नाम में कोण कोण से अक्षर है :
ओरम वो कोण कोण से अक्षरों से दुसित है :
और उन अक्षरों पर कोण सी मात्रा लगी हुई है :
या फिर आपके नाम में {ऊ } मात्रा दुसित है :
तो भी आपको ये रोग लग सकते है :
आपके नाम में {ऊ } के अक्षर नही है :
मगर उन अक्षरों {ऊ } की मात्रा है :
तो आपको आँखों के रोग लग सकते है :
''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''
ये लेख आपको केशा लगा अपनी राय जरुर भेजे :
और आपको इस लेख से क्यों जानकारी मिली ये जरुर लिखे :
''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''
चौधरी अक्षर ज्योतिष के :

लेखक :जगदीश भाई चौधरी :

फोन न 09904271497 :

पता :हेनी गारमेंट परा बजार लुनावाडा पंच महेल गुजरात {इंडिया


भाग {1} क : क :नाम बालोके लिए है :जिनके नाम में :क :{१}पहले :{२}दूसरा :{३] तीसरा{४}चोथा :है

                                        
{क} ब्यंजनो का पहला अक्षर है :ये तो साड़ी दुनिया जानती है :
मगर {क }अपने जीवन में क्या पाठ निभाता है ये कोई नही जानता :
आज हम {क }के बिसे में आपको कुछ बताते   है :
कि {क }क्या चीज है :
और अपने जीवन में क्या पाठ बजाता है :
{क] नाम बाले घबराये नही :सिफ समझे :
 हम आपको बताते है :
कि {क }आपके नाम में कहा कहा आता है :
{१}पहले :
{२}दूसरा :
{३] तीसरा
{४}चोथा :
ये आपके नाम में चार जगह से आता है :जेसे कि
{१} {कमलेश }{करन}किरन केलाश काजल कुशुम कमला :
ये रहा आपका नाम {क }पहले आता है :
{२}आपके नाम में दूसरा अक्षर {क }
जेसे :मुकेश :राकेश :आकाश :ओकार :इकबाल :संकर :अंकित ::
इस तरहा से {क }नाम में दूसरा होता है :
और आपके नाम में {क }तीसरा ऐसे आता है :
दीपक :अशोक :राजकुमार :
 :और चोथा { क } ऐसे आता है :       
रविशंकर :प्रेमशंकर :संजीवकुमार : मनोजकुमार :
ये चार प्रकार के : क : होते है :
और इन पर ग्यारह प्रकार की मात्रा  लगाईं जाती है :
ऐसे :क  का कि की कु कू के कै को कों कं कँ :
ग्यारह प्रकार की  मात्रा  भी  :क :को  नुकशान करती है :
क्यों कि :क: का  का जो  सुर  है वो अंदर का है :
और अंदर के सुर को बाहर की मात्रा  अच्छी नही होती :
नुकशान कारक ही होती है
ये सब कुछ आपका नाम देख ने के बाद है पता चलता है :
कि आपके नाम में महात्रा कोंन कोंन  सी है :
और :क:के साथ कोंन से अक्षर है :
और आपके नाम में :क :कोंन सी जगह पर है :
{१}पहले :क {२}दूसरा :क {३] तीसरा:क {४}चोथा :क  :है :
अब हम आपको बताते है का की उम्र :
{१}पहला :क  :बचपन  :::
{२}दूसरा : क :जवानी :
{३] तीसरा: क :मघ्यम :
{४}चोथा : क :बुडापा :
आपकी उम्र में जहा {क} आयेगा वही इन्शान बचपना करेगा ;
इस में इन्शान का कोई दोस नही होता :
ये :क :अक्षर की चाल है :
कोई भी अक्षर अपने जीवन में कोई कमी नही छोड़ता :
क्यों कि हमारे जीवन में :क :आने का मतलव ये है :
कि हमने पिछले जन्म में कर्म ऐसे कीये थे :कि :क ;
जो हमारे जीवन में :क :इस तरह से आये है :
{१}पहले :{२}दूसरा :{३] तीसरा{४}चोथा :
पहले हम कोंन सी योनी के थे ये जाने :
{क ] की योनी कुछ इस तरह से है :
:कबूतर काबर कौउआ  कोयल :
मेरा कहने का मतलव ये है कि :
{1 }:क :की जो पहली योनी है वो पंछी की है :आकाश में उड़ने बाले :
{२ }कुत्ता :कंगारू :जमीन पर चलने बाले
{3 }क :की जो दूसरी योनी है वो कछुबा  की है :पाताल :पानी में रहने बाले :
{४}कमल
'''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''
पैदा होने का तरीके  तो बसे :
दो ही प्रकार के होते है :
{१}यंत्र सकती :
{२] मन्त्र सकती :
'''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''
मगर रास्ते चार प्रकार के होते है ;
अ {१}पहली योनी होती है अण्डा:
इ {२}दूसरी योनी होती है गर्भाषा  :
उ {३] तीसरी योनी होती है बिज :
ए {४}चोथी योनी होती है  :सुतेही
बसे तो बीज सभी के होते है :
मगर तरीका येही चार प्रकार  का होप्ता है :
''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''
आपका सुबाव
''''''''''''''''''''''''''''''
 आप कोंन सी योनी में से आये है :
आप जीस योनी में से आये है आपका सुबाव वेसा ही होगा:
जेसी  योनी में से आप आये है :
जब कोई जीव अच्छा करम करता है तो उसे मानव योनी मिलती है :
और जब मानव अच्छा कर्म करता है तो उसे देव लोक मिलता है :
यही है बिधि का बिधन :क्यों कि ये जो अक्षर है :यही है बिधि का बिधन :
आदमी {क }नाम बाला है और योनी है कबूतर :
कबूतर योनी में से आया है तो :
इन्शान स्वभाव शांत होगा :कोई व्यसन  नही होगा :
गीता कुर्रान  बाइबल  जेसे ग्रंथो में मन लगेगा :
बात  भी किसी से करेगा तो बहुत सोच समझ कर :
बाकी की योनीयो के विसे में आप खुद ही समझ जाइए :
हमे कहने की जरूरत नही है :
इशान जेसी योनी में आया है :उस का खान पान भी वेसा ही होगा :
''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''
बाकी की योनी यो की एक झलक :
'''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''
{१}कोआ की योनी में से आया है तो :
खान पान राक्षसी जेसा होगा :
अगर इन्शान कुत्ता योनी में से आया है :
तो आप खुद ही समझ सकते कि उसकी बात कुत्ते की लात :
अगर कंगारू योनी में से आया है तो इन्शान चोर छिनरा होता है :
शेष  आप समझे क्यो कि अगर हम {क }की योनीयो को अलग अलग :
लिखेगे तो {क}योनी की एक किताब बन जायेगी :
कभी बक्त मिला तो शेष भाग दो में बतायेगे :
''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''
नाम में {क }कहा  पर सही है :
''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''
{क }अगर पहला है तो सही है :
बचपन अच्छा जाएगा :
अगर {क }दूसरा है तो कोई खास नही :
अगर {क }तीसरा है तो माध्यम अब्सता में इन्शान भी जवानी का अह्साश  करता है
और अगर चोथा {क } है तो इन्शान मन से  बुडा कभी नही होता :
'''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''
अब देखे कि {क } नाम बाले  इन्शान के नाम में मात्रा  क्या असर करती है :
और किन कोंन से अक्षर का के साथ अच्छे होते और कोंन से अक्षर खराव होते है :
और कोंन से अक्षर माध्यम होते है
''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''
:क  का कि की कु कू के कै को कों कं कँ :
ये जान्ने के लिए पड़े  {क } भाग दो :
अ     इ    उ    ए   अं =
क  ख     ग     घ   ङ =
च  छ    ज    झ   ञ =
ट  ठ      ड     ढ     ण =
प  फ    ब      भ    म =
त  थ    द     ध    न =
य  र    ल    व    
श  ष    स    .श्र .
 ह  क्ष   ज्ञ    त्र


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ये लेख आपको केशा लगा अपनी राय जरुर भेजे :
और आपको इस लेख से क्यों जानकारी मिली ये जरुर लिखे :
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चौधरी अक्षर ज्योतिष के :
 
लेखक :जगदीश भाई चौधरी :

फोन न 09904271497 :

   पता :हेनी गारमेंट परा बजार
 लुनावाडा पंच महेल गुजरात {इंडिया }

                                        
{क} ब्यंजनो का पहला अक्षर है :ये तो साड़ी दुनिया जानती है :
मगर {क }अपने जीवन में क्या पाठ निभाता है ये कोई नही जानता :
आज हम {क }के बिसे में आपको कुछ बताते   है :
कि {क }क्या चीज है :
और अपने जीवन में क्या पाठ बजाता है :
{क] नाम बाले घबराये नही :सिफ समझे :
अफ्ले हम आपको बताते है :
कि {क }आपके नाम में कहा कहा आता है :
{१}पहले :
{२}दूसरा :
{३] तीसरा
{४}चोथा :
ये आपके नाम में चार जगह से आता है :जेसे कि
{१} {कमलेश }{करन}किरन केलाश काजल कुशुम कमला :
ये रहा आपका नाम {क }पहले आता है :
{२}आपके नाम में दूसरा अक्षर {क }
जेसे :मुकेश :राकेश :आकाश :ओकार :इकबाल :संकर :अंकित ::
इस तरहा से {क }नाम में दूसरा होता है :
और आपके नाम में {क }तीसरा ऐसे आता है :
दीपक :अशोक :राजकुमार :
 :और चोथा { क } ऐसे आता है :       
रविशंकर :प्रेमशंकर :संजीवकुमार : मनोजकुमार :
ये चार प्रकार के : क : होते है :
और इन पर ग्यारह प्रकार की मात्रा  लगाईं जाती है :
ऐसे :क  का कि की कु कू के कै को कों कं कँ :
ग्यारह प्रकार की  मात्रा  भी  :क :को  नुकशान करती है :
क्यों कि :क: का  का जो  सुर  है वो अंदर का है :
और अंदर के सुर को बाहर की मात्रा  अच्छी नही होती :
नुकशान कारक ही होती है
ये सब कुछ आपका नाम देख ने के बाद है पता चलता है :
कि आपके नाम में महात्रा कोंन कोंन  सी है :
और :क:के साथ कोंन से अक्षर है :
और आपके नाम में :क :कोंन सी जगह पर है :
{१}पहले :क {२}दूसरा :क {३] तीसरा:क {४}चोथा :क  :है :
अब हम आपको बताते है का की उम्र :
{१}पहला :क  :बचपन  :::
{२}दूसरा : क :जवानी :
{३] तीसरा: क :मघ्यम :
{४}चोथा : क :बुडापा :
आपकी उम्र में जहा {क} आयेगा वही इन्शान बचपना करेगा ;
इस में इन्शान का कोई दोस नही होता :
ये :क :अक्षर की चाल है :
कोई भी अक्षर अपने जीवन में कोई कमी नही छोड़ता :
क्यों कि हमारे जीवन में :क :आने का मतलव ये है :
कि हमने पिछले जन्म में कर्म ऐसे कीये थे :कि :क ;
जो हमारे जीवन में :क :इस तरह से आये है :
{१}पहले :{२}दूसरा :{३] तीसरा{४}चोथा :
पहले हम कोंन सी योनी के थे ये जाने :
{क ] की योनी कुछ इस तरह से है :
:कबूतर काबर कौउआ  कोयल :
मेरा कहने का मतलव ये है कि :
{1 }:क :की जो पहली योनी है वो पंछी की है :आकाश में उड़ने बाले :
{२ }कुत्ता :कंगारू :जमीन पर चलने बाले
{3 }क :की जो दूसरी योनी है वो कछुबा  की है :पाताल :पानी में रहने बाले :
{४}कमल
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पैदा होने का तरीके  तो बसे :
दो ही प्रकार के होते है :
{१}यंत्र सकती :
{२] मन्त्र सकती :
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मगर रास्ते चार प्रकार के होते है ;
अ {१}पहली योनी होती है अण्डा:
इ {२}दूसरी योनी होती है गर्भाषा  :
उ {३] तीसरी योनी होती है बिज :
ए {४}चोथी योनी होती है  :सुतेही
बसे तो बीज सभी के होते है :
मगर तरीका येही चार प्रकार  का होप्ता है :
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आपका सुबाव
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 आप कोंन सी योनी में से आये है :
आप जीस योनी में से आये है आपका सुबाव वेसा ही होगा:
जेसी  योनी में से आप आये है :
जब कोई जीव अच्छा करम करता है तो उसे मानव योनी मिलती है :
और जब मानव अच्छा कर्म करता है तो उसे देव लोक मिलता है :
यही है बिधि का बिधन :क्यों कि ये जो अक्षर है :यही है बिधि का बिधन :
आदमी {क }नाम बाला है और योनी है कबूतर :
कबूतर योनी में से आया है तो :
इन्शान स्वभाव शांत होगा :कोई व्यसन  नही होगा :
गीता कुर्रान  बाइबल  जेसे ग्रंथो में मन लगेगा :
बात  भी किसी से करेगा तो बहुत सोच समझ कर :
बाकी की योनीयो के विसे में आप खुद ही समझ जाइए :
हमे कहने की जरूरत नही है :
इशान जेसी योनी में आया है :उस का खान पान भी वेसा ही होगा :
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बाकी की योनी यो की एक झलक :
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{१}कोआ की योनी में से आया है तो :
खान पान राक्षसी जेसा होगा :
अगर इन्शान कुत्ता योनी में से आया है :
तो आप खुद ही समझ सकते कि उसकी बात कुत्ते की लात :
अगर कंगारू योनी में से आया है तो इन्शान चोर छिनरा होता है :
शेष  आप समझे क्यो कि अगर हम {क }की योनीयो को अलग अलग :
लिखेगे तो {क}योनी की एक किताब बन जायेगी :
कभी बक्त मिला तो शेष भाग दो में बतायेगे :
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नाम में {क }कहा  पर सही है :
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{क }अगर पहला है तो सही है :
बचपन अच्छा जाएगा :
अगर {क }दूसरा है तो कोई खास नही :
अगर {क }तीसरा है तो माध्यम अब्सता में इन्शान भी जवानी का अह्साश  करता है
और अगर चोथा {क } है तो इन्शान मन से  बुडा कभी नही होता :
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अब देखे कि {क } नाम बाले  इन्शान के नाम में मात्रा  क्या असर करती है :
और किन कोंन से अक्षर का के साथ अच्छे होते और कोंन से अक्षर खराव होते है :
और कोंन से अक्षर माध्यम होते है
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:क  का कि की कु कू के कै को कों कं कँ :
ये जान्ने के लिए पड़े  {क } भाग दो :
अ     इ    उ    ए   अं =
क  ख     ग     घ   ङ =
च  छ    ज    झ   ञ =
ट  ठ      ड     ढ     ण =
प  फ    ब      भ    म =
त  थ    द     ध    न य  र    ल    व    
श  ष    स    .श्र .
 ह  क्ष   ज्ञ    त्र


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ये लेख आपको केशा लगा अपनी राय जरुर भेजे :
और आपको इस लेख से क्यों जानकारी मिली ये जरुर लिखे :
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चौधरी अक्षर ज्योतिष के :

लेखक :जगदीश भाई चौधरी :

फोन न 09904271497 :

पता :हेनी गारमेंट परा बजार लुनावाडा पंच महेल गुजरात {इंडिया }

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सोमवार, 7 फ़रवरी 2011

{} पुत्र दोस भाग {१}

मेरे प्रिय दोस्तों :
मेरे और  हाथ पैर दोनों ही  कांपते है:
जब में इन दोसो के बारे में लिखता हु तो :
चाहे वो पुत्र दोस हो :
या नारी दोस हो या मकान दोस हो :
या जन्म जात दोस हो
किसी संत ने सही ही कहा है :
की ज्ञान होना बहुत अच्छा है :
मगर ज्ञान न होना भी सब से अच्छा है :
में लिखता हु तो भी पछिताता हु :
और में नही लिखता हु तो जादा पछिताता हु :
इस लेख : को पड़ने बाले सभी भाई और बहनों से :
मुझ से बड़े बुजर्गो से और मेरे बराबर के मित्रो से :
मेरी हाथ जोड़ कर सब से बिनती है :
आप हमे अपनी राय जरुर लिखे :
और मुझ से छोटे  भी अपनी राय जरुर  लिखे :
''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''
विश्व के सभी नर और नारी अपने इश्वर  से :
यही प्रार्थना  करते कि हे इश्वर हमे  बेटा दे :
जिससे हमारा बंस आगे बड़े :
हमारा नाम न दुबे :
और में फिर भी पुत्र दोस  के बारे में लिख रहा हु :
आप खुद ही समझ गये  होगे कि मेरे कितने हाथ कांपते होगे :
मगर पुत्र दोस के कारण कितने घर उजड़े हुये है :
और कितने माँ बाप दुःख पारहे है :पुत्र दोस के कारण :
जब तक आप और हम इस पुत्र दोस का सुधर नही करेगे :
तब तक घर उजड़ ते ही रहेगे :
इसी लिए पुत्र दोस का समाधान करना ही होगा :
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आज हम आपको बताते  है :कि पुत्र दोष लगता केसे है :
पुत्र दोष भी नारी दोष की  <span>तरह </span> :है :
बेसे पुत्र दोष होते तो बहुत प्रकार के है :
और नारी दोष भी बहुत प्रकार के होते है :
बसे नारी दोष के कुछ भाग हम पहले लिख चुके है :
और पुत्र दोष के बारे में आज हम आप को बता रहे है :
और अगले भाग में हम आपको बतायेगे जन्म जात दोष के बारे में :
मगर हम आज आपको कुछ   ही प्रकार के पुत्र दोष के बारे में बतायगे :
बाकी आप हमारी किताब { चौधरी अक्षर ज्योतिष }
को मगाकर पड़ सकते है :और अपने घर को खुश मय बना सकते है :
माता पिता दोनों के नाम के पहले अक्षर से पहले :
बेटे के नाम का अक्षर आये तो मानो आपको बहुत ही भारी पुत्र दोष है :
माता पिता दोनों को ही भारी है :
और पिता के नाम के पहले अक्षर से पहले :
बेटे के नाम का अक्षर आएतो पिता को भारी है :
और माता के नाम के पहले अक्षर से :
बेटे के नाम का अक्षर आएतो माता  को भारी है :
और ये दोष कितना भारी है ये बेटे का नाम देख कर ही :
पता चल सकता है :
'''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''
अगर आपको  या आपके कोई रिश्तेदार को ये दोष है :
तो हम से सम्पर्क के :
फ्री चार्ज है सभी के लिए :
परेशान न हो  फोन करे फ्री सेवा  है :
कोई भी प्रकार का ज्योतिष चार्ज नही है :
'''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''
लेखक :जगदीश भाई चौधरी :
लुनावाडा परा बजार गुजरात {इंडिया }
फोन न ओ९९०४२७१४९७                        
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शनिवार, 5 फ़रवरी 2011

{}चौधरी अक्षर ज्योतिष : की कितावे बहुत ही जल्दी आप लोगो तक पहुचेगी :कितावो के नाम कुछ इस तरह से है {}

सब ये बड़ा कर्म प्रधान है ये बात आपको हमेसा याद रहनी चाहिए :
आपके कर्म अच्छे है और आपका  धर्म  अच्छा   है  :
और आपका इमान  अच्छा   है :
तो  आपको इन  चीजो  की कभी  भी  जरूरत  नही  पड़ेगी :
फिर भी  ज्ञान तो  ज्ञान है सबको  लेना  चाहिए   :
और ये अक्षर ज्ञान तो कुदरत का दिया हुआ हमें गिप्ट है:
जो हम आपको अर्पित कर रहे है :इन भागो के रूप में   :
हमारा कोई भी भाग किसी धर्म जाती के आधार पर नही है :
सिर्फ मानव के जीवन पर है :
'''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''
भाग { १ }  चौधरी अक्षर ज्योतिष : ज्योतिष :
भाग {  २ }  चौधरी अक्षर ज्योतिष : नारी दोस :
भाग { ३ } चौधरी अक्षर ज्योतिष : पुत्र  दोस :
भाग {४ }  चौधरी अक्षर ज्योतिष : जन्म जात दोस :
भाग {5 }  चौधरी अक्षर ज्योतिष : भूमी दोस :
भाग {६ }  चौधरी अक्षर ज्योतिष : पितृ दोस
भाग {७ }  चौधरी अक्षर ज्योतिष : गाव>  दोस :
भाग {8 }  चौधरी अक्षर ज्योतिष : मकान दिशासूर :
भाग {9 }   चौधरी अक्षर ज्योतिष : दूकान फेक्ट्री मील कंपनी दिशा सूर :
भाग {10}  चौधरी अक्षर ज्योतिष :अक्षर ज्ञान :
भाग {११ }  चौधरी अक्षर ज्योतिष : अक्षर योग :
भाग {१२}  चौधरी अक्षर ज्योतिष : अक्षर साधना :
भाग {१३ } चौधरी अक्षर ज्योतिष  : अक्षर यंत्र :
भाग {१४}  चौधरी अक्षर ज्योतिष  : अक्षर मन्त्र :
भाग {१५  }चौधरी अक्षर ज्योतिष  : अक्षर देव मन्त्र :
भाग {१६}  चौधरी अक्षर ज्योतिष  : अक्षर समाधी योग :
भाग {१७ } चौधरी अक्षर ज्योतिष  : लक्ष्मी प्राप्ति योग :
भाग {१८ }चौधरी अक्षर ज्योतिष   :परदेश या परप्रांत में भविष्य में :
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               {} अठारा भाग है :{}
हमें  उम्मीद है आपको हमारा हर भाग :
आपको प्रसंद आयेगा :
आप अपनी राय जरुर भेजे :
/chaudhrijyotishjagdishbhai.blogspot.com/2010/12/chaudhry-akshr-jyotish.html?spref=fb

/chaudhrijyotishjagdishbhai.blogspot.com/


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चौधरी अक्षर ज्योतिष के :
लेखक  :जगदीश भाई चौधरी :
फोन न 09904271497  :
पता  :हेनी गारमेंट परा बजार लुनावाडा  पंच महेल गुजरात {इंडिया }
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शुक्रवार, 4 फ़रवरी 2011

{} नारी दोस भाग {6}घर को स्वर्ग केसे बनाये उपाय {}

{} नारी दोस भाग {6}घर को स्वर्ग केसे बनाये {}
आपको अगर नारी दोस >है > तो हम  से >सम्पर्क करे
और आप अगर अपने बच्चे की शादी करते है :
तो उसका उपाय ये है :
आपका बच्चा किस योनी का > है   :
और उसका नाम  क्या है :
जिस लड़की के साथ शादी करना चाहते हो :
वो  लड़की किस योनी की है :
और उस लड़की का नाम क्या है :
या तो शादी से पहले हम से सम्पर्क करे :
या फिर अपने आप इस तरीके से देखे :
'''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''
अ उ ओ :ये नर  योनो  है :
इ ऐ अं :ये नारी योनी है :
'''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''
                {}   इन्शानो के नाम के अक्षर इस तरह से है :{}
नर योनी के अक्षर ये है :
अ आ   क च ट त प य श ह :ये अक्षर नर योनी के है :
और पित्रू योनी के अक्षर ये है :
>ग ज ड द ब ल स ज्ञ > ये अक्षर पित्रू योनी के है :
और ये देव योनी के अक्षर है :
ओ ऑ :
'''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''
 लेड़ीजो के नाम के अक्षर ये है :इस तरह से है :
इ ई उ ऊ  ख छ ठ थ फ र ष त्र  : नर नारी  योनी के :
और ये पित्रू योनी के अक्षर है :
 ऐ ऍ  घ  झ ढ़ ध भ व श्र . पित्रू  नारी योनी के अक्षर है :
अं ड़ ण न >म  :ये देव नारी योनी के अक्षर है :
अभी भी आपकी समझ में नही आरहा है तो :
हम से सम्पर्क कर सकते है :
फ्री सेवा है :
'''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''
अक्षर ज्योतिष के :
लेखक  :जगदीश भाई चौधरी :
फोन न 09904271497  :
पता  :हेनी गारमेंट परा बजार लुनावाडा  पंच महेल गुजरात {इंडिया }
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{}नारी दोस भाग {5 } में {}

     {}नारी  दोस भाग {5 } में {}
मेरे प्रिय मित्रो नारी दोस :के मेंरे  पास बहुत से भाग है :
और भी आपके   >जीवन>  से लगती समस्याओ के बारे में :
बहुत सी जानकारी  है :जो आपके बहुत से काम  >आएगी
आपके दुःख मय जीवन को  ख़ुशीयो में बदल ने की सकती है :
अक्षर ज्योतिष के अंदर आप पड़ते रहे {चौधरी अक्षर  ज्योतिष }
के हर एक  भाग को और अपने जीवन सफल बनाते रहे :
 अभी हम बात कर रहे है  {}नारी  दोस भाग {5 }
तो चले नारी दोस  भाग नम्बर पाच में :
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नारी दोस  भाग नम्बर पाच में :
अगर आप भी देव योनी के है :
और आपकी बीबी भी देव योनी की है :
और फिर भी नारी दोस लगता है :
तो क्या होगा :ये बात तो में पहले  ही>लिख> चूका हु :
कि नारी दोस केसा भी हो हानिकारक होता है
आपको अगर नारी दोस है तो हमारे पास इसका उपाय भी :
और बिल कुल  फ्री है :
नारी दोस का उपाय :अक्षरों के हिसाब से ही किया जाता है :
और योनी के हिसाब से किया जाता है :
एक ही उपाय हर  इन्शान   पर >लागु  नही होता :


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आप देव नर योनी के है
और आपकी बीबी देवे नारी योनी की है :
और नारी दोस न हो तो
आपका जोड़ा देवताओ से भी अच्छा होगा :
क्यों कि अभी तक देवताओ में भी एसा जोड़ा नही बना है :
आप अगर  एसा जोड़ा बनाएगे तो प्रथ्वी पर  स्वर्ग   होगा   :
और उस  स्वर्ग   के मालिक आप होगे :
तीनो लोको से प्यारा आपका घर होगा :
में मानता हु कि एसा जोड़ा बनाना लोखन के चना चबाने के बराबर है:
मगर आप बना सकते है क्यों कि आप नर है :और नर ही नारायण है :
और नारायण कुछ भी कर सकते है :
''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''
अ     इ    उ     ए    अं =
क   ख     ग     घ    ङ =
च   छ    ज     झ    ञ =
ट   ठ      ड      ढ     ण =
प   फ    ब       भ    म =
त   थ    द       ध    न =
य   र    ल       व    
श   ष    स     .श्र .
 ह   क्ष   ज्ञ     त्र
 ''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''
  ऐसे ही पितृ नर योनी बाले :
पितृ नारी योनी बाली लड़की के साथ शादी करे :
और ऐसे ही नर योनी बाले :
नर योनी बाली लड़की के साथ शादी करे :
भारत  पर नये स्वर्ग   का निर्माण कर :
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अक्षर ज्योतिष के :
लेखक  :जगदीश भाई चौधरी :
फोन न 09904271497  :
पता  :हेनी गारमेंट परा बजार लुनावाडा  पंच महेल गुजरात {इंडिया }
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नारी दोस भाग {४} में हम आपको बताते है :

नारी  दोस भाग  {४}  में  हम  आपको बताते है :
 कुछ और नई बाते :
अ  इ } नर योनी   है :
उ ऐ } ये पितृ  योनी है :
ओ  अं } ये देव योनी है :
ये बात में पहले भी लिख चूका हु :
हमने फिर  भी रिपीट किया <span>क्यों कि :</span>
<span> </span>आपको समझने में कोई भी भूल न हो :
हमारा मकसद आपके घर को आबाद करना है :
जिससे आप अपने परवार को सही तरीके से जान सके :
और आने बाली पेडियो को  सभाल सके :
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अ     इ       उ       ए     अं   =
क     ख      ग      घ      ङ    =
च     छ     ज      झ     ञ    =
ट      ठ      ड      ढ       ण   =
प     फ     ब       भ      म    =
त     थ      द      ध       न    =
य     र      ल      व    
श    ष      स     .श्र .
 ह   क्ष     ज्ञ      त्र
'''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''
आप अगर देव योनी के है और आप की पतिनी नर योनी की है :
तो क्या आपका जोड़ा सही है :
और अगर इस का उल्टा कीया जाए तो क्या आपका जोड़ा सही है :
दोनों तरफ मिला कर देखो :जोड़े  <span>में</span>  कमी है है :
स्वाभिक बात है कि घर समझोता से ही चलेगा :
''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''
आप नर योनी के है :और आपकी  पतिनी पितृ योनी की है :
तो क्या आपका जोड़ा सही है :
और अगर इस का उल्टा कीया जाए तो क्या आपका जोड़ा सही है :
दोनों तरफ मिला कर देखो :जोड़े  में  कमी है है :
स्वाभिक बात है कि घर समझोता से ही चलेगा :
''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''
आप अगर पित्रु योनी के है और आपकी पतिनी भी पित्रु योनी की है :
तो आप जोड़ा सही है :शादी  से <span>पहले :</span>
<span>जन्म कुंली मिलाने से पहले योनी जरुर मिलाये तो :</span>
<span>आप के बच्चे का घर हमेशा आवाद रहेगा :</span>
<span>नर योनी है तो नर योनी :</span>
<span>पित्रु  योनी है पित्रु योनी :</span>
<span>देव योनी है तो देव योनी :</span>
और अधिक जानकारी के लिए पड़े नारी दोस का भाग {५}
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लिखक :जगदीश भाई चौधरी :
फोन न 09904271497  :
पता  :हेनी गारमेंट परा बजार लुनावाडा  पंच महेल गुजरात {इंडिया }
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{} नारी दोस भाग {3 }

नारी दोस  भाग {1}{२] में जो बताया है :
और भाग >तिन  में और भी सरल कर दिया है :
{ इ }{ ऐ }{अं } प्रकार की नारी होती है :
हम  जो अपनी बेटियों के नाम कर्ण करते >है वो हम  चन्द्र राशि के हिशाव से करते है :
किसी का भी नाम कर्ण करते समय चन्द्र राशि के अलाबा :
हमें अक्षर का भी ध्यान रखना जरुरी है :
चाहे वो नाम बेटी का हो या बेटा  का  हो :
दूकान हो या फेक्ट्री हो :
मील  हो या मकान हो :  नाम किसी का भी हो :
अक्षर और सुर का ध्यान  रखना जरुरी है :
अ     इ      उ     ए      अं =
क     ख     ग     घ      ङ =
च     छ     ज     झ     ञ =
ट     ठ       ड       ढ     ण =
त    थ      द       ध      न =
प    फ      ब       भ      म =
य     र       ल      व    
श     ष     स      .श्र .
 ह    क्ष     ज्ञ       त्र
''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''
{ अ  }{ उ } {ओ }इन्शानो के अक्षर है :
अब आप  <>ही  फेसला  करे :
कि इन अक्षरों पर हम अपनी बेटियों का नाम रखते  है :
तो क्या वो अपने पति के साथ पत्नी जेसा बिव्हार  करेगी :
जी नही वो हर बात में उसके बराबर की  रहेगी :
अभी इन बातो  का समय नही है आगे बतायेगे :
क्यों कि अभी यहा बात चलरही है :
नारी दोस की तो हम नारी दोस के बारे में ही बताये :
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{ अ  }{ उ } {ओ } इन्शानो के अक्षर  है :
{ इ }  {ऐ }   {अं } ये अक्षर  नारी के   है :
''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''
{1} पहला नारी दोस होता  है  दाया :
{२} और दूसरा नारी दोस होता है मध्यम :
{३} और तीसरा  नारी दोस  बाया :
{४] और चोथा नारी दोस होता उपर का :
{५} और पांच  माँ नारी दोस होता :
नारी के नाम में नर के अक्षर और नर के नाम में नारी के अक्षर :
{६] छटमाँ नारी दोस होता है :
दोनों के नाम के अक्षर नारी के है :
{७} सात माँ नारी दोस होता है :
दोनों के नाम के अक्षर नर के हो :
''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''
और अधिक :जान्ने के लिए नारी दोस भाग चार पड़े :
आपको हमारे लिखे नोट  केसे लगे  है :
आपको जो नोट जेसा भी लगा  है:
आप टिप्पणी जरुर लिखे :
और अधिक जानकारी हम से संपर्क करे :
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लिखक :जगदीश भाई चौधरी :
फोन न 09904271497  :
पता  :हेनी गारमेंट परा बजार लुनावाडा  पंच महेल गुजरात {इंडिया }
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गुरुवार, 3 फ़रवरी 2011

{} नारी दोस भाग {२] {}

नारी दोस भाग {२]
नारी दोस कितने प्रकार के होते है :
नारी दोस जो सबसे बड़ा होता है :
वो में पहले भी बता चूका हु :
फिर भी दुवारा समझलो :
नारी दोस की पहचान है :
आपके नाम का पहला अक्षर :
जेसे आपका नाम है { राजवीर }{रामवीर }
और आप बीबी का नाम है {कल्पना }अनीता }
तो कल्पना का {क }और राजवीर का {र }
दोनों को मिलाकर देखे :पहला दोस ये है :
की पति के नाम से पहले बीबी का नाम आता है :
जवानी में बिघवा होने का पूरा पूरा योग है :
दूसरा इस नारी दोस में और भी पिरोवलम यह भी  है :
कि पति के कार्य छेत्र में भी रुकाबट आती है है :
क्यों कि पतिऔर पत्नी दोनों का सुर बंद होजाता है :
जेसे :{रक }ये दोनों का सुर :
इसी प्रकार का पुत्र दोस लग जाता  है :
तो जीवन नरक के समान होजाता है :
अगर आप एसे किसी नारी दोस से :
परेशान है तो फोन करे फ्री सेवा  है :
कोई भी प्रकार का ज्योतिष चार्ज नही है :
लेखक :जगदीश भाई चौधरी :
लुनावाडा परा बजार गुजरात {इंडिया }
फोन न o9904271497



मंगलवार, 1 फ़रवरी 2011

गृह दोष निवारण जमीन दोष निवारण


 
गृह दोष निवारण
जमीन दोष निवारण
मकान दोष निवारण
और भी ऐसे  काफी दोस्त जीवन में लगे रहते है जो इंसान को शांति  से जीने नहीं देते
और इंसान सारा जीवन भटकता ही  रहता है
शांति की खोज में इंशान अपना सहारा जीवन वितित कर चला जाता है
मगर उशे कही पर भी शांति नहीं मिलाती
मरने के बाद उसकी आत्मा भटकती रहती है
हर आदमी परेशान  है ऐसे दोषों से छुटकारा कैसे पाए
हजारो लाखो  रूपया बर्बाद करने के  बाद भी निवारण नहीं मिलता
मगर मेरे प्यारे भाईओ अब वो समय  आगया है
जों बिना पेसा  खर्च किये ही एन दोषों से मुक्ति मिल जाएगी
अगर आप ऐसे दोषों से परेशा है
नोट
पिता का नाम -[
अपना नाम -[
 अपनी पत्नी का नाम [
अपने बेटे का नाम [
अपने गाव का नाम [
अपने जिल्ला का नाम [
प्रान्त का नाम [
लिखना न भूले और सभी की उम्र लिखना न भूले
ईमेल हिंदी मेही भेजे इग्लिश में नहीं
आपके अपनेज्योतिषी
जगदीशभाई  चौधरी
जय माता की  
१] नारी दोस
 २] पुत्र  दोस
 3] ग्रह दोस
४ ] पत्नी और पुत्र दोस
५] भूमि दोस
६ ] मकान दोस
७ ]बास्तु दोस
8 पितृ  दोस
९] गाव दोस
१०] पिरांत  दोस ये सभी दोस का निवारण
कृपा करके फ़ोन करे
फ़ोन नुम्बर ९१९९०४२७१४९७
या हिंदी में ईमेल करे
आपके अपनेज्योतिषी
जगदीशभाई  चौधरी
जय माता की  

भारत में पहेली बार अक्षर ज्योतिष ज्योतिषकी दुनिया मै एक नई खोज :

प्रिय मित्रो
मेरे जीवन का एक उधेस  था
के में भारत के लिए कुछ करू
मगर में भारत के लिए कुछ कर न सका=
इस बात का मुझे काफी अफ़सोस था
में जिंदगी जी रहा था तो ऐसे जी रहा था
जेसे जिंदगी मेरे ऊपर कोई  बोज हो =
मगर ऊपर वाले ने मेरी सुनी -और मुझे एक बहुत ही अच्छे  गुरु=
= मिल गए
-उन्होंने मेरा जीवन ही सभार दिया
मेरा दुःख तो मिटा ही
ओरो का दुःख मिटने की सकती दी
उन्होंने मुझे ऐसे योग साधना दी
योग सधना से जो मुझे ग्यान मिला वो बहुत ही अनमोल मिला
वो ग्यान है अक्षर ग्यान
-आज में हजारो किलो मीटर दूर से ही काफी लोगो का  दुःख दूर कर सकता हु -
 अक्षर  ज्योतिष के माध्यम से
अक्षर  ज्योतिष बहुँत ही सरल है  ओर सदा है
   भारत में पहेली बार?
अक्षर  ज्योतिष
ज्योतिषकी दुनिया मै एक नई खोज
दुनिया की हर ज्योतिष से अलग अक्षर  ज्योतिष
अक्षर  ज्योतिष में  पचांग की  जरुरत नहीं होती
जनम तारीख कि  तिथि की जरुरत नहीं होती
 अक्षर  ज्योतिष  के हिसाब  से कोई भी ग्रह  किसी भी इन्सान को
किसी भी प्रकार का  अच्छा या बुरा असर नहीं  पहुचाते
 अक्षर ज्योतिष को सीखना  बहुत ही आसन है
कम से कम पढ़ा हुआ इन्सान भी
इस अक्षर ज्योतिष को सीख सकता है
और अपना भविष्य उज्वल और सुखी बना सकता है
 '''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''
जोतिषी  जगदीश भाई चौधरी ki सलाह
 १= धंधे में नुकसान क्यों होता है
२= घर में जगडा कोंसे कारन से होता है
३= पितृ ओ को मोक्ष केसे दिलाये
४= जिव हत्या से केसे छूट्कारा केसे पाए
५= अपने घर का दरवाजा कोंसी दिशा में होना चाहिए
६= अपना घर कितने रूम का होना चाहिए
७= अपनी दुकान का नाम क्या होना चाहिए
८= अपने बच्चे का नाम क्या रखे और केसे रखे
९= अपने लड़के के लिए बहु कोंनसे नाम वाली होनी चाहिए
१०= और अधिक जानने के लिए कोल करे फ़िरी सेवा
आउट ऑफ़ गुजरात वाले  09904271497         
likhk :  जगदीश भाई चौधरी



नारी दोस देखने की समज नारी दोस का असर बहुत ही बुरा होता है :

नारी दोस का असर  बहुत  ही  बुरा  होता  है : 
अगर इस दोस का उपाय जल्दी ना किया जाय तो:
 आदमी को समाज मै सर झुकाकर चलना पड़ता है ;
जिस घर में नारी दोस होता है :
उस घर में से यातो  गेर समाज में से बेटा बहू लेकर आता है:
 या फिर  अपनी लडकी  गेर समाज में अपनी मर्जी से शादी करती है  :
 दोनों मेसे काम कोई भी करे सर तो समाज झुकेगा ही :
आप सोचो किनारी सोस लगता केसे है
नारी दोस देखने की समज  :
आप अपने नाम का  पहला अक्षर देखे  :
आप के नाम के पहले  अक्षर से पहले :
आप ki  बीबी के नाम का आये तो :
मानो आपके घर में नारी दोस है :
:नारी दोस से और भी  काफी  नुकशान होते  है :
नारी दोस सब से पहले तो घर का नास करता है :
धन का भी नास करता है
पति पत्नी में दुरिया बनाता है :
और इसके साथ पुत्र दोस लग जाए तो :
महा हानि होती है :
और साथ में अगर मकान दिशा सूर होतो ऐसेघर को तो :
 फिर भगवान भी नही  बचा सकते  है :
और साथ में घर टाइगर छाप है तो :
बंस डुवने  की पूरी पूरी संभावना होती है :   
नारी दोस से हमेशा सावधान रहे

  नारी दोस अगर आप   के घर में है  :तो कोन टेक करे  {{  फोन न  919904271497  }}
या मेल भेजे {  chiraglunawada @yahoo .com  }}
फ्री सेवा है :
लेखक :जगदीश   भाई  चौधरी