ll ॐ नव शिवाय ll
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बुधवार, 2 मार्च 2011
गुरुवार, 24 फ़रवरी 2011
पति पत्नी और बेटा स्वर दोस भाग दो {२}
अक्षर ज्योतिष को बहुत ही आशानी से समझा जा सकता है : ये अक्षर ज्योतिष आपके परिवार
का भविष्य बनाने के लिए बनी है : ये अक्षर ज्योतिष आपको गुमराह होने से बचाएगी : ये अक्षर ज्योतिष आपके कार्य को बढायेगी :आपको उन्नति दिलाएगी :
''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''
स: २१ मी सदी की नयी ज्योतिष :चौधरी अक्षर ज्योतिष
''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''
प्रिय दोस्तों , :आज हम आपको बतायेगे पिता और पुत्र के स्वर के विशे में :
जो आपके परिवार के लिए बहुत अनमोल ये जानकारी होगी :
और आपको ये जानकर बहुत ही ख़ुशी होगी कि अक्षर स्वर ज्ञान कितना अनमोल ज्ञान है :
ये अक्षर स्वर को समझना बहुत ही आसान है : स्वर तीन {3}प्रकार होते है एक अंदर का :
और दूसरा बाहर का और तीसरा होता है बंद जो कि स्वरबंद के नाम से पहेचाना जाता है :
जो अक्षर मुह में जाकर मुह को बंद करदे वो स्वरबंद होता है और ये स्वर जब बनता है :
जब कोई अक्षर दुसरे अक्षर को मार रहा हो :ये रहा स्वर ज्ञान :
अब हम आपको बतायेगे कि ये स्वर अपने रिश्तो पर क्या असर करते है :
सब से पहले हम आपको बतायेगे उस रिश्ते के बारे में जिस रिश्ते से जीवन की :
शरुआत होती है वो रिश्ता है पति और पत्नी का :
पति पत्नी के रिश्ते से जीवन की शरूआत होती है :
शादी करने से पहले स्वर मिला कर जरुर देखे :
स्वर दोनों का अंदर का तो नही होता है :
अगर स्वर दोनों का अंदर का बनता है तो शादी न करे :
और अगर स्वर बंद का होता है तो शादी बिलकुल ही न करे :
स्वर की पहचान कैसे करे
स्वर की पहेचान करने का तरीका :
पहले लडके के नाम का पहला अक्षर ले :जेसे कि {र }
और बाद में लडकी के नाम का पहला अक्षर ले :जेसे कि { म }
फिर दोनों अक्षरों को जोड़े रम और फिर दोनों अक्षरों को एक साथ बोले :रम
ये स्वर बनता है : बंद का :रम :इस तरह स्वर मिलान करे
और ऐसे रिश्ते कभी भी ना करे
अगर स्वर बाहर का बनता है तो शादी करे : जेसे कि
लड़के के नाम का पहला अक्षर है {र }
और लडकी के नाम का पहला अक्षर है : स:
दोनों का स्वर देखो : रस आने सर
ये स्वर दोनों तरफ से बाहर का होता है :
ऐसे जोड़े बड़ी किस्मत से बनते है :
आप भी किस्मत वाले बने और अपने घर में ऐसे जोड़े बनाए :
पिता और पुत्र का मिल
और जब आपके घर में पुत्र पैदा हो तो भी ऐसे ही नाम कर्ण करे :
पिता और पुत्र का स्वर दोनों तरफ से बाहर का होना चाहिए :
अगर आप इन स्वरों का इस तरह से ध्यान रक्खोगे तो :
आपका परिवार भारत का सर्वश्रेष्ट परिवार कहलायेगा :
भले ही आप कितने भी नोर्मल परिवार के क्यों न हो
स्वर अपना काम कर के ही बतायेगा :
पुत्र का नाम कर्ण करने से पहले :
ये आप जरुर ध्यान देना कि आपको पुत्र दोस न लगे :
.............................................................................................
चौधरी अक्षर ज्योतिष के :
लेखक :जगदीश भाई चौधरी :
लुनावाडा परा बजार गुजरात {इंडिया }
फोन न : 09904271497 :
कोपी रायट २०१० :२०११ :
...............................................................................................
का भविष्य बनाने के लिए बनी है : ये अक्षर ज्योतिष आपको गुमराह होने से बचाएगी : ये अक्षर ज्योतिष आपके कार्य को बढायेगी :आपको उन्नति दिलाएगी :
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स: २१ मी सदी की नयी ज्योतिष :चौधरी अक्षर ज्योतिष
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प्रिय दोस्तों , :आज हम आपको बतायेगे पिता और पुत्र के स्वर के विशे में :
जो आपके परिवार के लिए बहुत अनमोल ये जानकारी होगी :
और आपको ये जानकर बहुत ही ख़ुशी होगी कि अक्षर स्वर ज्ञान कितना अनमोल ज्ञान है :
ये अक्षर स्वर को समझना बहुत ही आसान है : स्वर तीन {3}प्रकार होते है एक अंदर का :
और दूसरा बाहर का और तीसरा होता है बंद जो कि स्वरबंद के नाम से पहेचाना जाता है :
जो अक्षर मुह में जाकर मुह को बंद करदे वो स्वरबंद होता है और ये स्वर जब बनता है :
जब कोई अक्षर दुसरे अक्षर को मार रहा हो :ये रहा स्वर ज्ञान :
अब हम आपको बतायेगे कि ये स्वर अपने रिश्तो पर क्या असर करते है :
सब से पहले हम आपको बतायेगे उस रिश्ते के बारे में जिस रिश्ते से जीवन की :
शरुआत होती है वो रिश्ता है पति और पत्नी का :
पति पत्नी के रिश्ते से जीवन की शरूआत होती है :
शादी करने से पहले स्वर मिला कर जरुर देखे :
स्वर दोनों का अंदर का तो नही होता है :
अगर स्वर दोनों का अंदर का बनता है तो शादी न करे :
और अगर स्वर बंद का होता है तो शादी बिलकुल ही न करे :
स्वर की पहचान कैसे करे
स्वर की पहेचान करने का तरीका :
पहले लडके के नाम का पहला अक्षर ले :जेसे कि {र }
और बाद में लडकी के नाम का पहला अक्षर ले :जेसे कि { म }
फिर दोनों अक्षरों को जोड़े रम और फिर दोनों अक्षरों को एक साथ बोले :रम
ये स्वर बनता है : बंद का :रम :इस तरह स्वर मिलान करे
और ऐसे रिश्ते कभी भी ना करे
अगर स्वर बाहर का बनता है तो शादी करे : जेसे कि
लड़के के नाम का पहला अक्षर है {र }
और लडकी के नाम का पहला अक्षर है : स:
दोनों का स्वर देखो : रस आने सर
ये स्वर दोनों तरफ से बाहर का होता है :
ऐसे जोड़े बड़ी किस्मत से बनते है :
आप भी किस्मत वाले बने और अपने घर में ऐसे जोड़े बनाए :
पिता और पुत्र का मिल
और जब आपके घर में पुत्र पैदा हो तो भी ऐसे ही नाम कर्ण करे :
पिता और पुत्र का स्वर दोनों तरफ से बाहर का होना चाहिए :
अगर आप इन स्वरों का इस तरह से ध्यान रक्खोगे तो :
आपका परिवार भारत का सर्वश्रेष्ट परिवार कहलायेगा :
भले ही आप कितने भी नोर्मल परिवार के क्यों न हो
स्वर अपना काम कर के ही बतायेगा :
पुत्र का नाम कर्ण करने से पहले :
ये आप जरुर ध्यान देना कि आपको पुत्र दोस न लगे :
.............................................................................................
चौधरी अक्षर ज्योतिष के :
लेखक :जगदीश भाई चौधरी :
लुनावाडा परा बजार गुजरात {इंडिया }
फोन न : 09904271497 :
कोपी रायट २०१० :२०११ :
...............................................................................................
बुधवार, 23 फ़रवरी 2011
लक्ष्मी योग :घर में शुख सांति और समुर्धि पाने का एक आसान योग :भाग {1}
लक्ष्मी योग :घर में शुख सांति और समुर्धि पाने का एक आसान योग :भाग {1}
जिस तरह से भगवान सिव सो रहे है :आप भी सुवह और साम ऐसे ही कम से कम :
दस मिनट सोया करे :आपके जीवन में कभी भी परेशानियां नही आयेगी :
मात्र दस मिनट सोने से आपका का घर खुशियों से भरता है तो इस से अच्छा :
तरीका आपके घर को आबाद करने का क्या होगा :
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{}सुबह सोने का तरीका {}
............................................
जब आप सुबह जगे तो सब से पहले :करबट ले जेसे भगवान सिव ने ली है :
सीधा हाथ आपके धड के उपर रक्खे :
और खेरा हाथ कान के नीचे मोड़ कर रक्खे :
ये और भी अच्छा तरीका है :और जेसे भगवान सिव सोरहे है :
ऐसे भी आप सो सकते हो :ये दो तरीके है :आपके सोने के :
जब तक आपकी नाक का सीधा स्वर न खुले तब तक आप सोते रहे :
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{}रात को सोने का तरीका {}
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रात सोते समय सीधा हाथ मोड़ कर कान के नीचे होना चाहिए :
और उल्टा हाथ धड के उपर होना चाहिए :
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{} खास जानकारी {}
जेसे भगवान शिव का उपर का पैर मुड़ा हुआ है :
आपके दोनों पैर ऐसे ही मुड़े होने चाहिए :
और मुह से श्वास नही लेनी चाहिए :
किसी के साथ बात नही करनी चाहिए :
श्वास को नाक से ही ले :कोई भी प्रकार का जोर न करे :
आँख बंद कर के बस पड़े रहे :
और सरीर को अपने हिसाब से श्वास लेने दे :
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चौधरी अक्षर ज्योतिष के :
लेखक :जगदीश भाई चौधरी :
लुनावाडा परा बजार गुजरात {इंडिया }
फोन न : 09904271497 :
कोपी रायट २०१० :२०११ :
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सोमवार, 21 फ़रवरी 2011
मकान दोस भाग दो {२ }
अक्षर ज्योतिष को बहुत ही आशानी से समझा जा सकता है : ये अक्षर ज्योतिष आपके परवार का भविष्य बनाने के लिए बनी है : ये अक्षर ज्योतिष आपको गुमराह होने बचाएगी : ये अक्षर ज्योतिष आपके कार्य badaayegi :
:आपको उन्नति दिलाएगी
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{} मकान दोस भाग दो {२ }
.................................
प्रिय दोस्तों आप अगर मकान बना रहे है :
या बनाना चाहते है तो इतना ध्यान जरुर रक्खे :
सब से पहले आप अपने नाम के अक्षर देखे :
कि आपके नाम में कितने अक्षर है :
अगर आपके नाम में दो अक्षर और दो मात्रा है :
तो आप मकान पूर्व या पछिम का बनाए :
तिन अक्षर और एक मात्रा है तो भी :
आप मकान पूर्व या पछिम का बनाए :
ढाई या साडे तिन अक्षर है :तो भी :
आप मकान पूर्व या पछिम का बनाए :
और मकान तिन रूम रसोड़ा का ही होना चाहिए :
अथवा तो पांच रूम रसोड़ा का होना चाहिए :
मेरा कहने का एक ही मतलव है कि आपके नाम में :
जितने अक्षर है उतने ही रूम होने चाहिए :
आधा अक्षर रसोड़े का होता है :
और मात्रा ट्टी बाथरूम होती है :
एसा मकान आप बनाओगे तो आपको कभी भी :
परेसानी नही आएगी ;
आपके नाम में चार अक्षर है तो आप चार रूम का मकान बनाए :
और चार अक्षर बाले अपना मकान उत्तर या दखिन का बनाए :
कभी भी आपको मकान के बिसे में किसी ज्योतिषी को :
पूछना नही पड़ेगा :
आप सदा सर्व शुखी इंसान कहला ओगे
आपका कोई काम नही रुकेगा :
और आपको मकान दिशासुर नही नडेगा :
इस तरीके से आप मकान बना ओगे तो :
आपका जीवन शुख सांति से कटेगा :
आपका परिवार सुखी परिवार कहलायेगा :
मकान के बिसे में और अधिक जानकारी :
चाहिए तो हम से सम्पर्क करे :
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अगर आपको या आपके कोई रिश्तेदार को ये मकान दोष है :
तो हम से सम्पर्क के :
फ्री चार्ज है सभी के लिए :
परेशान न हो फोन करे फ्री सेवा है :
कोई भी प्रकार का ज्योतिष चार्ज नही है :
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चौधरी अक्षर ज्योतिष के :
लेखक :जगदीश भाई चौधरी :
लुनावाडा परा बजार गुजरात {इंडिया }
फोन न : 09904271497 :
कोपी रायट २०१० :२०११ :
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:आपको उन्नति दिलाएगी
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{} मकान दोस भाग दो {२ }
.................................
प्रिय दोस्तों आप अगर मकान बना रहे है :
या बनाना चाहते है तो इतना ध्यान जरुर रक्खे :
सब से पहले आप अपने नाम के अक्षर देखे :
कि आपके नाम में कितने अक्षर है :
अगर आपके नाम में दो अक्षर और दो मात्रा है :
तो आप मकान पूर्व या पछिम का बनाए :
तिन अक्षर और एक मात्रा है तो भी :
आप मकान पूर्व या पछिम का बनाए :
ढाई या साडे तिन अक्षर है :तो भी :
आप मकान पूर्व या पछिम का बनाए :
और मकान तिन रूम रसोड़ा का ही होना चाहिए :
अथवा तो पांच रूम रसोड़ा का होना चाहिए :
मेरा कहने का एक ही मतलव है कि आपके नाम में :
जितने अक्षर है उतने ही रूम होने चाहिए :
आधा अक्षर रसोड़े का होता है :
और मात्रा ट्टी बाथरूम होती है :
एसा मकान आप बनाओगे तो आपको कभी भी :
परेसानी नही आएगी ;
आपके नाम में चार अक्षर है तो आप चार रूम का मकान बनाए :
और चार अक्षर बाले अपना मकान उत्तर या दखिन का बनाए :
कभी भी आपको मकान के बिसे में किसी ज्योतिषी को :
पूछना नही पड़ेगा :
आप सदा सर्व शुखी इंसान कहला ओगे
आपका कोई काम नही रुकेगा :
और आपको मकान दिशासुर नही नडेगा :
इस तरीके से आप मकान बना ओगे तो :
आपका जीवन शुख सांति से कटेगा :
आपका परिवार सुखी परिवार कहलायेगा :
मकान के बिसे में और अधिक जानकारी :
चाहिए तो हम से सम्पर्क करे :
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अगर आपको या आपके कोई रिश्तेदार को ये मकान दोष है :
तो हम से सम्पर्क के :
फ्री चार्ज है सभी के लिए :
परेशान न हो फोन करे फ्री सेवा है :
कोई भी प्रकार का ज्योतिष चार्ज नही है :
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चौधरी अक्षर ज्योतिष के :
लेखक :जगदीश भाई चौधरी :
लुनावाडा परा बजार गुजरात {इंडिया }
फोन न : 09904271497 :
कोपी रायट २०१० :२०११ :
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रविवार, 20 फ़रवरी 2011
जन्म भूमि दोस केसे लगता है :भाग {१}
अक्षर ज्योतिष को बहुत ही आशानी से समझा जा सकता है :
ये अक्षर ज्योतिष आपके परवार का भविष्य बनाने के लिए बनी है :
ये अक्षर ज्योतिष आपको गुमराह होने बचाएगी :
ये अक्षर ज्योतिष आपके कार्य को बढायेगी :आपको उन्नति दिलाएगी :
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ये अक्षर ज्योतिष आपके परवार का भविष्य बनाने के लिए बनी है :
ये अक्षर ज्योतिष आपको गुमराह होने बचाएगी :
ये अक्षर ज्योतिष आपके कार्य को बढायेगी :आपको उन्नति दिलाएगी :
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मेरे प्रिय दोस्तों आज हम आपको बतायेगे कि जन्म भूमि दोस केसे लगता है :
इन्शान अपने गाँव में पैदा तो होता है :
मगर जब तक अपने गाँव में रहेगा तब तक वो दुखी ही रहेगा :
और परदेश में जाकर हर तरह आवाद होजाता है :ऐसा क्यों होता है :
क्या कारण है : कि इन्शान जन्म ता कही और है :
अपनी पहचान बनाता कही और है :
जन्म भूमि कही और है :
कर्म भूमि कही और है:
धर्म भूमि कही और है :
क्या मतलव है इसका :क्या आप जानते हो :क्या आपने कभी सूना है :
कि जन्म भूमि दोस होता है :क्या कही लिखा देखा है :सायद नही :
किसी वेदसास्त्र में पढ़ा है आपने :किसी ग्रन्थ में नही है :
आज तक किसी भी धर्म गुरु ने भी ये ज्ञान नही दिया होगा :आपको :
क्यों कि ये ज्ञान किसी भी ग्रन्थ में नही है हम जो आपको बताते है :
वो किसी ग्रन्थ में से पढ़के नही बताते :
हम आपको वो ज्ञान देते है जो हमें भगवान की भक्ति से :
माता जी की सकती गुरु जी की क्रपा से और योग की दृष्टी से मिलाता है :
हम अगर चाहते तो इस ज्ञान से अब तक करोड़ो रूपये :कमाकर बेठे होते :
लाखो लोग हमारी सेवा में लगे होते :मगर हम ये नही चाहते :
हम कुदरत के दीये हुए ज्ञान से पैसा कमाना नही चाहते :
इसी लिए हम इंटर नेट पर सब कुछ लिख रहे है:
क्यों कि लोग पड़े और अपने जीवन को सफल बनाए :
मगर हम किसी भी भाग का : उपाय नही लिख रहे है :
क्यों कि लोग पडके लोगो को लूटना सुरु कर देंगे :
इसी लिए हम उपाय नही लिखते :जिन लोगो को जरूरत होती है :
वो हमें फोन करके उपाय पूछ लेते है :सुखी होजाते है
आपको अगर जरूरत है तो आपभी हमें फोन कर के पूछ सकते हो :
हमारा ज्योतिष चार्ज फ्री है अभी के लिए :
क्यों कि हमारे लिए नर सेवा ही नारायण सेवा है :
और अगर हम किसी भी भाग का उपाय लिखते भी है :
तो भी हम एक ही परिवार का लिख सकते है :
क्यों कि भारत के सभी परिवार के नाम एक नही है :
क्यों कि ये है अक्षर ज्ञान :नामोके अक्षरों से सब कुछ देखा जाता है :
आपके परिवार में जो नाम है :
वो दुसरे परिवार में नही होते :
इसी लिए भी हम किसी भी भाग का उपाय नही लिखे है
हम आपको किसी गलत रास्ते पर लेके नही जारहे है :
हम आपको वो आयना बता रहे है :जो आपने कभी नही देखा है :
आपका अच्छा भविष्य ही :भारत की शान है :
हर घर भारत का सुखी हो ये हमारी सोच है :
............................................................................
तो हम बात कर रहे थे :जन्म भूमि दोस की :
जन्म भूमि दोस काफी प्रकार के होते है :
जन्म भूमि दोस देखने का तरीका ये है :
{१] आपके नाम का पहला अक्षर को
अपने गाँव या सहर :के पहले अक्षर से जोड़े :
जेसे की आपके नाम का पहला अक्षर { ज }
और आपके गाँव का पहला अक्षर है { म }
दोनों को मिलाओ तो बनता है {जम }
जम का स्वर है बंद :और जो स्वर बंद है बो कोई काम का नही होता :
एक तरीका हमने आपको बता दिया है :
आप जो भी कुछ देखे तो इस तरह से पहले देखे :
जहां स्वर बंद होता है वो अच्छा नही होता :
और अधिक जान ने के लिए पड़े जन्म भूमि दोस भाग दो :
या हम से सम्पर्क करे :
'''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''
अगर आपको या आपके कोई रिश्तेदार को ये दोष है :
तो हम से सम्पर्क के :
फ्री चार्ज है सभी के लिए :
परेशान न हो फोन करे फ्री सेवा है :
कोई भी प्रकार का ज्योतिष चार्ज नही है :
'''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''
चौधरी अक्षर ज्योतिष के :
लेखक :जगदीश भाई चौधरी :
लुनावाडा परा बजार गुजरात {इंडिया }
फोन न : 09904271497 :
कोपी रायट २०१० :२०११ :
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इन्शान अपने गाँव में पैदा तो होता है :
मगर जब तक अपने गाँव में रहेगा तब तक वो दुखी ही रहेगा :
और परदेश में जाकर हर तरह आवाद होजाता है :ऐसा क्यों होता है :
क्या कारण है : कि इन्शान जन्म ता कही और है :
अपनी पहचान बनाता कही और है :
जन्म भूमि कही और है :
कर्म भूमि कही और है:
धर्म भूमि कही और है :
क्या मतलव है इसका :क्या आप जानते हो :क्या आपने कभी सूना है :
कि जन्म भूमि दोस होता है :क्या कही लिखा देखा है :सायद नही :
किसी वेदसास्त्र में पढ़ा है आपने :किसी ग्रन्थ में नही है :
आज तक किसी भी धर्म गुरु ने भी ये ज्ञान नही दिया होगा :आपको :
क्यों कि ये ज्ञान किसी भी ग्रन्थ में नही है हम जो आपको बताते है :
वो किसी ग्रन्थ में से पढ़के नही बताते :
हम आपको वो ज्ञान देते है जो हमें भगवान की भक्ति से :
माता जी की सकती गुरु जी की क्रपा से और योग की दृष्टी से मिलाता है :
हम अगर चाहते तो इस ज्ञान से अब तक करोड़ो रूपये :कमाकर बेठे होते :
लाखो लोग हमारी सेवा में लगे होते :मगर हम ये नही चाहते :
हम कुदरत के दीये हुए ज्ञान से पैसा कमाना नही चाहते :
इसी लिए हम इंटर नेट पर सब कुछ लिख रहे है:
क्यों कि लोग पड़े और अपने जीवन को सफल बनाए :
मगर हम किसी भी भाग का : उपाय नही लिख रहे है :
क्यों कि लोग पडके लोगो को लूटना सुरु कर देंगे :
इसी लिए हम उपाय नही लिखते :जिन लोगो को जरूरत होती है :
वो हमें फोन करके उपाय पूछ लेते है :सुखी होजाते है
आपको अगर जरूरत है तो आपभी हमें फोन कर के पूछ सकते हो :
हमारा ज्योतिष चार्ज फ्री है अभी के लिए :
क्यों कि हमारे लिए नर सेवा ही नारायण सेवा है :
और अगर हम किसी भी भाग का उपाय लिखते भी है :
तो भी हम एक ही परिवार का लिख सकते है :
क्यों कि भारत के सभी परिवार के नाम एक नही है :
क्यों कि ये है अक्षर ज्ञान :नामोके अक्षरों से सब कुछ देखा जाता है :
आपके परिवार में जो नाम है :
वो दुसरे परिवार में नही होते :
इसी लिए भी हम किसी भी भाग का उपाय नही लिखे है
हम आपको किसी गलत रास्ते पर लेके नही जारहे है :
हम आपको वो आयना बता रहे है :जो आपने कभी नही देखा है :
आपका अच्छा भविष्य ही :भारत की शान है :
हर घर भारत का सुखी हो ये हमारी सोच है :
............................................................................
तो हम बात कर रहे थे :जन्म भूमि दोस की :
जन्म भूमि दोस काफी प्रकार के होते है :
जन्म भूमि दोस देखने का तरीका ये है :
{१] आपके नाम का पहला अक्षर को
अपने गाँव या सहर :के पहले अक्षर से जोड़े :
जेसे की आपके नाम का पहला अक्षर { ज }
और आपके गाँव का पहला अक्षर है { म }
दोनों को मिलाओ तो बनता है {जम }
जम का स्वर है बंद :और जो स्वर बंद है बो कोई काम का नही होता :
एक तरीका हमने आपको बता दिया है :
आप जो भी कुछ देखे तो इस तरह से पहले देखे :
जहां स्वर बंद होता है वो अच्छा नही होता :
और अधिक जान ने के लिए पड़े जन्म भूमि दोस भाग दो :
या हम से सम्पर्क करे :
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अगर आपको या आपके कोई रिश्तेदार को ये दोष है :
तो हम से सम्पर्क के :
फ्री चार्ज है सभी के लिए :
परेशान न हो फोन करे फ्री सेवा है :
कोई भी प्रकार का ज्योतिष चार्ज नही है :
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चौधरी अक्षर ज्योतिष के :
लेखक :जगदीश भाई चौधरी :
लुनावाडा परा बजार गुजरात {इंडिया }
फोन न : 09904271497 :
कोपी रायट २०१० :२०११ :
जन्म भूमि दोस :के लेखक :
चौधरी अक्षर ज्योतिष :
कोपी रायट २०१०:2011
चौधरी अक्षर ज्योतिष :
कोपी रायट २०१०:2011
जन्म भूमि दोस केसे लगता है :भाग {१}
अक्षर ज्योतिष को बहुत ही आशानी से समझा जा सकता है : ये अक्षर ज्योतिष आपके परवार का भविष्य बनाने के लिए बनी है : ये अक्षर ज्योतिष आपको गुमराह होने बचाएगी : ये अक्षर ज्योतिष आपके कार्य को बढायेगी
:आपको उन्नति दिलाएगी : आपको समाज में सम्मान दिलायेगी :
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:आपको उन्नति दिलाएगी : आपको समाज में सम्मान दिलायेगी :
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गुरुवार, 17 फ़रवरी 2011
भाग {१}में आज हम आपको बतायेगे मकान दोस के बिसे में {}
भाग {१}में आज हम आपको बतायेगे मकान दोस के बिसे में :
कि मकान दोस क्या होता है :और मकान दोस केसे लगता है :
मकान दोस को आज के जमाने वास्तु दोस के नाम से जाना जाता है :
मगर अक्षर ज्योतिष के हिसाब से वास्तु दोस जेसी कोई चीज नही होती :
भूमि दोस होता है : मकान दिशासुर होता है :
और वो केसे होता है वो आज हम आपको किलियर कर बतायेगे :
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ये चार दिशाए होती है :मेंन :क्यों कि मकान चार दिशाओ के होते है :
अ: पूर्व है .......................
इ : पछिम है :
उ : उत्तर है :
ऍ : दछिन है :.
ओ : को भूमि दोस नही लगता है :
अँ : भी भूमि दोस नही लगता है ;
मगर दिशासूर सब को लगता है :
अब आप सोचोगे कि भूमि दोस केसे लगता है :
और दिशासूर दोस केसे लगता है :
तो गोर कर के देखो नीचे के खाने में :
''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''
अ इ उ ए अं =ओ
क ख ग घ ङ =
च छ ज झ ञ =
ट ठ ड ढ ण =
प फ ब भ म =
त थ द ध न =
य र ल व
श ष स .श्र .
ह क्ष ज्ञ त्र
''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''
आया कुछ आपकी समझ में :नही आया होगा ये हमें पता है :
क्यों कि न कभी आपने पड़ा है :और न आपने कभी सुना है :
इसी लिए आपकी समझ में जल्दी नही आएगा :
मगर हमने भी आपको पक्का ज्योतिषी नही बना दिया :
तो हमारा नाम भी जगदीश भाई चौधरी नही
आज हम किलियर कर के बता देते है कि :
वास्तु का मतलव क्या है :वास्तु का मतलव है दोस्तों श्राद्ध :
जब आप कोई मकान बनाते है :तो आपको वास्तु करना ही पड़ेगा :
क्यों कि आप मकान में बसने जारहे हो :
जो आपने मकान बनाया है :
उस बनाने बाले को तो आपने मजूरी देदी है :
मगर जो मकान बनाते समय जीव जन्तु मरे है
उनको मोक्ष दिलाने के लिए वास्तू करना ही होगा :
'''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''
वास्तू केसे किया जाता है :ये जाने :
वास्तू की पूर्ण विधि केसे होती है ये जाने :
..............................................................................................
वास्तू की पूर्ण विधि कोई नही करता है :
और ना ही कोई जानता है :
कर्मकांड करने वाले पंडित भी :
मकान के मालिक के कहने के हिसाब से
वास्तू की विधि करते है :
कोई सत्य नारायण की कथा करवाता है :
और कोई ग्रह शांति हवन करवाता है
कोई नवचंडी हवन करता है :
कोई लक्ष्मी हवन करवाता है
मगर इन चीजो से वास्तू का निवारण नही होता :
वास्तू का निवारण करने के लिए सब से पहले :
जो करोड़ो की संख्या में मकान बनाते समय :
जीव जन्तू मरे है उनको किसी अच्छे स्थान पर जाकर :
मोक्ष दिलाये
सब का पिंडदान करवाये और फिर घर आकर {११} {२१ }
ब्राह्मणों को भोजन कराये :उसके बादकम से कम {40}दिन बाद :
नवचंडी हवन करवाये :
तब जाके वास्तू का निवारण होगा :
वास्तू दोस की विधि:
मकान मालिक के नाम के अक्षरों के हिसाब से की जाती है
ये ही विधि न कराये :मकान मालिक के नाम में कितने अक्षर है :
और वो अक्षर कोन कोन सी योनी के है :
ये भी देखना पड़ता है :
''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''
अब हम आपको बतायेगे कि दिशासुर क्या होता है :
......................................................................................................
मकान का दिशासुर मकान मालिक के नाम से देखा जाता है :
कि मकान मालिक के नाम में कितने अक्षर है :
और नाम में कितनी मात्रा है :
इस इन्शान को कोन सी दिशा का मकान अच्छा रहेगा:
शुभ रहेगा
इस बिसे और और अधिक जान्ने के लिए पड़े :
मकान दोस भाग दो {२ }:
'''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''
अगर आपको या आपके कोई रिश्तेदार को ये दोष है :
तो हम से सम्पर्क के :
फ्री चार्ज है सभी के लिए :
परेशान न हो फोन करे फ्री सेवा है :
कोई भी प्रकार का ज्योतिष चार्ज नही है :
'''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''
चौधरी अक्षर ज्योतिष के :
लेखक :जगदीश भाई चौधरी :
लुनावाडा परा बजार गुजरात {इंडिया }
फोन न : 09904271497 :
कोपी रायट २०१० :२०११ :
''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''

फ्री चार्ज है सभी के लिए :
परेशान न हो फोन करे फ्री सेवा है :
कोई भी प्रकार का ज्योतिष चार्ज नही है :
'''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''
चौधरी अक्षर ज्योतिष के :
लेखक :जगदीश भाई चौधरी :
लुनावाडा परा बजार गुजरात {इंडिया }
फोन न : 09904271497 :
कोपी रायट २०१० :२०११ :
''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''
चौधरी अक्षर ज्योतिष
भाग {१}में आज हम आपको बतायेगे मकान दोस के बिसे में {}
भाग {१}में आज हम आपको बतायेगे मकान दोस के बिसे में :
कि मकान दोस क्या होता है :और मकान दोस केसे लगता है :
मकान दोस को आज के जमाने वास्तु दोस के नाम से जाना जाता है :
मगर अक्षर ज्योतिष के हिसाब से वास्तु दोस जेसी कोई चीज नही होती :
भूमि दोस होता है : मकान दिशासुर होता है :
और वो केसे होता है वो आज हम आपको किलियर कर बतायेगे :
''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''
ये चार दिशाए होती है :मेंन :क्यों कि मकान चार दिशाओ के होते है :
अ: पूर्व है .......................
इ : पछिम है :
उ : उत्तर है :
ऍ : दछिन है :.
ओ : को भूमि दोस नही लगता है :
अँ : भी भूमि दोस नही लगता है ;
मगर दिशासूर सब को लगता है :
अब आप सोचोगे कि भूमि दोस केसे लगता है :
और दिशासूर दोस केसे लगता है :
तो गोर कर के देखो नीचे के खाने में :
''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''
अ इ उ ए अं =ओ
क ख ग घ ङ =
च छ ज झ ञ =
ट ठ ड ढ ण =
प फ ब भ म =
त थ द ध न =
य र ल व
श ष स .श्र .
ह क्ष ज्ञ त्र
''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''
आया कुछ आपकी समझ में :नही आया होगा ये हमें पता है :
क्यों कि न कभी आपने पड़ा है :और न आपने कभी सुना है :
इसी लिए आपकी समझ में जल्दी नही आएगा :
मगर हमने भी आपको पक्का ज्योतिषी नही बना दिया :
तो हमारा नाम भी जगदीश भाई चौधरी नही
आज हम किलियर कर के बता देते है कि :
वास्तु का मतलव क्या है :वास्तु का मतलव है दोस्तों श्राद्ध :
जब आप कोई मकान बनाते है :तो आपको वास्तु करना ही पड़ेगा :
क्यों कि आप मकान में बसने जारहे हो :
जो आपने मकान बनाया है :
उस बनाने बाले को तो आपने मजूरी देदी है :
मगर जो मकान बनाते समय जीव जन्तु मरे है
उनको मोक्ष दिलाने के लिए वास्तू करना ही होगा :
'''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''
वास्तू केसे किया जाता है :ये जाने :
वास्तू की पूर्ण विधि केसे होती है ये जाने :
..............................................................................................
वास्तू की पूर्ण विधि कोई नही करता है :
और ना ही कोई जानता है :
कर्मकांड करने वाले पंडित भी :
मकान के मालिक के कहने के हिसाब से
वास्तू की विधि करते है :
कोई सत्य नारायण की कथा करवाता है :
और कोई ग्रह शांति हवन करवाता है
कोई नवचंडी हवन करता है :
कोई लक्ष्मी हवन करवाता है
मगर इन चीजो से वास्तू का निवारण नही होता :
वास्तू का निवारण करने के लिए सब से पहले :
जो करोड़ो की संख्या में मकान बनाते समय :
जीव जन्तू मरे है उनको किसी अच्छे स्थान पर जाकर :
मोक्ष दिलाये
सब का पिंडदान करवाये और फिर घर आकर {११} {२१ }
ब्राह्मणों को भोजन कराये :उसके बादकम से कम {40}दिन बाद :
नवचंडी हवन करवाये :
तब जाके वास्तू का निवारण होगा :
वास्तू दोस की विधि:
मकान मालिक के नाम के अक्षरों के हिसाब से की जाती है
ये ही विधि न कराये :मकान मालिक के नाम में कितने अक्षर है :
और वो अक्षर कोन कोन सी योनी के है :
ये भी देखना पड़ता है :
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अब हम आपको बतायेगे कि दिशासुर क्या होता है :
......................................................................................................
मकान का दिशासुर मकान मालिक के नाम से देखा जाता है :
कि मकान मालिक के नाम में कितने अक्षर है :
और नाम में कितनी मात्रा है :
इस इन्शान को कोन सी दिशा का मकान अच्छा रहेगा:
शुभ रहेगा
इस बिसे और और अधिक जान्ने के लिए पड़े :
मकान दोस भाग दो {२ }:
'''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''
अगर आपको या आपके कोई रिश्तेदार को ये दोष है :
तो हम से सम्पर्क के :
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कोई भी प्रकार का ज्योतिष चार्ज नही है :
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चौधरी अक्षर ज्योतिष के :
लेखक :जगदीश भाई चौधरी :
लुनावाडा परा बजार गुजरात {इंडिया }
फोन न : 09904271497 :
कोपी रायट २०१० :२०११ :
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चौधरी अक्षर ज्योतिष के :
लेखक :जगदीश भाई चौधरी :
लुनावाडा परा बजार गुजरात {इंडिया }
फोन न : 09904271497 :
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''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''
चौधरी अक्षर ज्योतिष
भाग {१}में आज हम आपको बतायेगे मकान दोस के बिसे में {}
भाग {१}में आज हम आपको बतायेगे मकान दोस के बिसे में :
कि मकान दोस क्या होता है :और मकान दोस केसे लगता है :
मकान दोस को आज के जमाने वास्तु दोस के नाम से जाना जाता है :
मगर अक्षर ज्योतिष के हिसाब से वास्तु दोस जेसी कोई चीज नही होती :
भूमि दोस होता है : मकान दिशासुर होता है :
और वो केसे होता है वो आज हम आपको किलियर कर बतायेगे :
''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''
ये चार दिशाए होती है :मेंन :क्यों कि मकान चार दिशाओ के होते है :
अ: पूर्व है .......................
इ : पछिम है :
उ : उत्तर है :
ऍ : दछिन है :.
ओ : को भूमि दोस नही लगता है :
अँ : भी भूमि दोस नही लगता है ;
मगर दिशासूर सब को लगता है :
अब आप सोचोगे कि भूमि दोस केसे लगता है :
और दिशासूर दोस केसे लगता है :
तो गोर कर के देखो नीचे के खाने में :
''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''
अ इ उ ए अं =ओ
क ख ग घ ङ =
च छ ज झ ञ =
ट ठ ड ढ ण =
प फ ब भ म =
त थ द ध न =
य र ल व
श ष स .श्र .
ह क्ष ज्ञ त्र
''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''
आया कुछ आपकी समझ में :नही आया होगा ये हमें पता है :
क्यों कि न कभी आपने पड़ा है :और न आपने कभी सुना है :
इसी लिए आपकी समझ में जल्दी नही आएगा :
मगर हमने भी आपको पक्का ज्योतिषी नही बना दिया :
तो हमारा नाम भी जगदीश भाई चौधरी नही
आज हम किलियर कर के बता देते है कि :
वास्तु का मतलव क्या है :वास्तु का मतलव है दोस्तों श्राद्ध :
जब आप कोई मकान बनाते है :तो आपको वास्तु करना ही पड़ेगा :
क्यों कि आप मकान में बसने जारहे हो :
जो आपने मकान बनाया है :
उस बनाने बाले को तो आपने मजूरी देदी है :
मगर जो मकान बनाते समय जीव जन्तु मरे है
उनको मोक्ष दिलाने के लिए वास्तू करना ही होगा :
'''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''
वास्तू केसे किया जाता है :ये जाने :
वास्तू की पूर्ण विधि केसे होती है ये जाने :
..............................................................................................
वास्तू की पूर्ण विधि कोई नही करता है :
और ना ही कोई जानता है :
कर्मकांड करने वाले पंडित भी :
मकान के मालिक के कहने के हिसाब से
वास्तू की विधि करते है :
कोई सत्य नारायण की कथा करवाता है :
और कोई ग्रह शांति हवन करवाता है
कोई नवचंडी हवन करता है :
कोई लक्ष्मी हवन करवाता है
मगर इन चीजो से वास्तू का निवारण नही होता :
वास्तू का निवारण करने के लिए सब से पहले :
जो करोड़ो की संख्या में मकान बनाते समय :
जीव जन्तू मरे है उनको किसी अच्छे स्थान पर जाकर :
मोक्ष दिलाये
सब का पिंडदान करवाये और फिर घर आकर {११} {२१ }
ब्राह्मणों को भोजन कराये :उसके बादकम से कम {40}दिन बाद :
नवचंडी हवन करवाये :
तब जाके वास्तू का निवारण होगा :
वास्तू दोस की विधि:
मकान मालिक के नाम के अक्षरों के हिसाब से की जाती है
ये ही विधि न कराये :मकान मालिक के नाम में कितने अक्षर है :
और वो अक्षर कोन कोन सी योनी के है :
ये भी देखना पड़ता है :
''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''
अब हम आपको बतायेगे कि दिशासुर क्या होता है :
......................................................................................................
मकान का दिशासुर मकान मालिक के नाम से देखा जाता है :
कि मकान मालिक के नाम में कितने अक्षर है :
और नाम में कितनी मात्रा है :
इस इन्शान को कोन सी दिशा का मकान अच्छा रहेगा:
शुभ रहेगा
इस बिसे और और अधिक जान्ने के लिए पड़े :
मकान दोस भाग दो {२ }:
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अगर आपको या आपके कोई रिश्तेदार को ये दोष है :
तो हम से सम्पर्क के :
फ्री चार्ज है सभी के लिए :
परेशान न हो फोन करे फ्री सेवा है :
कोई भी प्रकार का ज्योतिष चार्ज नही है :
'''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''
चौधरी अक्षर ज्योतिष के :
लेखक :जगदीश भाई चौधरी :
लुनावाडा परा बजार गुजरात {इंडिया }
फोन न : 09904271497 :
कोपी रायट २०१० :२०११ :
''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''

फ्री चार्ज है सभी के लिए :
परेशान न हो फोन करे फ्री सेवा है :
कोई भी प्रकार का ज्योतिष चार्ज नही है :
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चौधरी अक्षर ज्योतिष के :
लेखक :जगदीश भाई चौधरी :
लुनावाडा परा बजार गुजरात {इंडिया }
फोन न : 09904271497 :
कोपी रायट २०१० :२०११ :
''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''
चौधरी अक्षर ज्योतिष
बुधवार, 16 फ़रवरी 2011
{} भाग {१} पति पतिनी और बेटा {} स्वर दोस {}
पतिनी के नाम का स्वर अंदर का है :
और पति के नाम का स्वर बाहर का है :
और बेटे के नाम का स्वर अंदर का है :
और नारी दोस नही तो भी इन्शान को :
काफी मुशीबतो का सामना करना पड़ता है :
जीवन में वो कितना भी कमाए घर की पूरती नही होती :
और नारी दोस है तो उस इन्शान को तो मुशिबतो से :
कोई ज्योतिषी तो क्या उसे भगवान भी नही बचा सकता :
और साथ में पुत्र दोस है :
तो जीवन की गाडी भगवान भरोसे भी नही चल सकती :
उस इन्शान के लिए यंत्र मन्त्र तन्त्र कोई काम नही लग सकता :
जिन्दगी नर्क के समान होजाती है :
बार बार आत्म ह्त्या की तरफ कदम उठते है :
''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''
पतिनी के नाम का स्वर बाहर का है :
और बेटे के नाम का स्वर बाहर का है :
और पति के नाम का स्वर अंदर का है :
नारी दोस ना हो :
और पुत्र ना हो :
तो भी घर में झगड़ा रहेगा :
क्यों कि स्वरों के मेल नही है :
ऐसे घरो में ओरतो को नोकरी या बिजनिस करनी पड़ती है :
और घर ओरत के हिशाब ही चलता है :
अगर जोड़ा का स्वर बाहर का होता है तो :
इन्शान जीरो से करोड़ पति बन जाता है :
''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''
जोड़ा के स्वर की समझ :
............................
अगर पति के नाम पहला अक्षर {ज }है
और पतिनी के नाम का पहला अक्षर { स श ष .श्र .}है :
ज और स दोनों को मिलाओगे तो बनेगा {जस }
जस का स्वर हुआ बाहर का :
ऐसे नाम बाले पति पतिनीयो में झगड़ा तो होगा :
मगर साथ में धनवान भी होगे :
कोई चीज की कमी नही होगी :
और अधिक जान्ने के लिए :
पड़े पति पतिनी और बेटा का भाग दो :{ २ ]
'''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''
अगर आपको या आपके कोई रिश्तेदार को ये दोष है :
तो हम से सम्पर्क के :
फ्री चार्ज है सभी के लिए :
परेशान न हो फोन करे फ्री सेवा है :
कोई भी प्रकार का ज्योतिष चार्ज नही है :
'''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''
चौधरी अक्षर ज्योतिष के :
लेखक :जगदीश भाई चौधरी :
लुनावाडा परा बजार गुजरात {इंडिया }
फोन न : 09904271497 :
कोपी रायट २०१० :२०११ :
''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''

और पति के नाम का स्वर बाहर का है :
और बेटे के नाम का स्वर अंदर का है :
और नारी दोस नही तो भी इन्शान को :
काफी मुशीबतो का सामना करना पड़ता है :
जीवन में वो कितना भी कमाए घर की पूरती नही होती :
और नारी दोस है तो उस इन्शान को तो मुशिबतो से :
कोई ज्योतिषी तो क्या उसे भगवान भी नही बचा सकता :
और साथ में पुत्र दोस है :
तो जीवन की गाडी भगवान भरोसे भी नही चल सकती :
उस इन्शान के लिए यंत्र मन्त्र तन्त्र कोई काम नही लग सकता :
जिन्दगी नर्क के समान होजाती है :
बार बार आत्म ह्त्या की तरफ कदम उठते है :
''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''
पतिनी के नाम का स्वर बाहर का है :
और बेटे के नाम का स्वर बाहर का है :
और पति के नाम का स्वर अंदर का है :
नारी दोस ना हो :
और पुत्र ना हो :
तो भी घर में झगड़ा रहेगा :
क्यों कि स्वरों के मेल नही है :
ऐसे घरो में ओरतो को नोकरी या बिजनिस करनी पड़ती है :
और घर ओरत के हिशाब ही चलता है :
अगर जोड़ा का स्वर बाहर का होता है तो :
इन्शान जीरो से करोड़ पति बन जाता है :
''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''
जोड़ा के स्वर की समझ :
............................
अगर पति के नाम पहला अक्षर {ज }है
और पतिनी के नाम का पहला अक्षर { स श ष .श्र .}है :
ज और स दोनों को मिलाओगे तो बनेगा {जस }
जस का स्वर हुआ बाहर का :
ऐसे नाम बाले पति पतिनीयो में झगड़ा तो होगा :
मगर साथ में धनवान भी होगे :
कोई चीज की कमी नही होगी :
और अधिक जान्ने के लिए :
पड़े पति पतिनी और बेटा का भाग दो :{ २ ]
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अगर आपको या आपके कोई रिश्तेदार को ये दोष है :
तो हम से सम्पर्क के :
फ्री चार्ज है सभी के लिए :
परेशान न हो फोन करे फ्री सेवा है :
कोई भी प्रकार का ज्योतिष चार्ज नही है :
'''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''
चौधरी अक्षर ज्योतिष के :
लेखक :जगदीश भाई चौधरी :
लुनावाडा परा बजार गुजरात {इंडिया }
फोन न : 09904271497 :
कोपी रायट २०१० :२०११ :
''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''
चौधरी अक्षर ज्योतिष
मंगलवार, 15 फ़रवरी 2011
नारी दोस भाग {७ } झगड़े का घर : {}
नारी दोस भाग {७] में आज हम आपको बहुत ही अनमोल बात बतायेगे ::
पति और पतिनी में अक्षर झगड़ा क्यों होता है :
ऐसा कोन सा कारण है :जो दोनों में प्यार की बजाय झगड़ा होता है :
घर तवा होजाता है :माँ बाप के होते हुए भी बच्चे अनाथ के समान :
अपना जीवन बितीत करते है :
मेरे प्रिय दोस्तों ये बहुत ही छोटी सी चीज है अगर आपकी समझ में आजाये तो :
ये है अक्षरों के स्वरों का खेल :आज हम आपको बहुत ही सादा रूप में बतायेगे :
जेसे कि : पतिनी के नाम का पहला अक्षर का स्वर अगर अंदर का है :
और पति के नाम का पहला अक्षर का स्वर बाहर का है :
तो दोनों में हमेश झगड़ा ही रहेगा :
अंदर के स्वर बाली पतिनी :
बाहर के स्वर बाले पति को :भारी ही पडती है :
और अंदर के स्वर वाले पति :
बाहर के स्वर बाली पतिनीयो को भारी पड़ते है :
शादी करने से पहले जन्म कुंडली मिलाये या न मिलाये :
मगर नारी दोस सभी प्रकार के मिला कर देखले :
{ एक बात और खास }
पति पतिनी में दोनों में से जिसका स्वर अंदर का होगा
उसकी मृत्यु पहले होगी : अंदर के स्वर से झगड़ा तो
होता ही है मगर जीवन और भी काफी परेशानी आती है :
इस बिसे में और भी अधिक जान्ने के लिए :पड़े :
{}{पति पतिनी और बेटा के भाग पड़े :{}
क्यों कि इन तीनो से घर बनता है :
'''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''
अगर आपको या आपके कोई रिश्तेदार को ये दोष है :
तो हम से सम्पर्क के :
फ्री चार्ज है सभी के लिए :
परेशान न हो फोन करे फ्री सेवा है :
कोई भी प्रकार का ज्योतिष चार्ज नही है :
'''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''
लेखक :जगदीश भाई चौधरी :
लुनावाडा परा बजार गुजरात {इंडिया }
फोन न ओ९९०४२७१४९७
''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''

पति और पतिनी में अक्षर झगड़ा क्यों होता है :
ऐसा कोन सा कारण है :जो दोनों में प्यार की बजाय झगड़ा होता है :
घर तवा होजाता है :माँ बाप के होते हुए भी बच्चे अनाथ के समान :
अपना जीवन बितीत करते है :
मेरे प्रिय दोस्तों ये बहुत ही छोटी सी चीज है अगर आपकी समझ में आजाये तो :
ये है अक्षरों के स्वरों का खेल :आज हम आपको बहुत ही सादा रूप में बतायेगे :
जेसे कि : पतिनी के नाम का पहला अक्षर का स्वर अगर अंदर का है :
और पति के नाम का पहला अक्षर का स्वर बाहर का है :
तो दोनों में हमेश झगड़ा ही रहेगा :
अंदर के स्वर बाली पतिनी :
बाहर के स्वर बाले पति को :भारी ही पडती है :
और अंदर के स्वर वाले पति :
बाहर के स्वर बाली पतिनीयो को भारी पड़ते है :
शादी करने से पहले जन्म कुंडली मिलाये या न मिलाये :
मगर नारी दोस सभी प्रकार के मिला कर देखले :
{ एक बात और खास }
पति पतिनी में दोनों में से जिसका स्वर अंदर का होगा
उसकी मृत्यु पहले होगी : अंदर के स्वर से झगड़ा तो
होता ही है मगर जीवन और भी काफी परेशानी आती है :
इस बिसे में और भी अधिक जान्ने के लिए :पड़े :
{}{पति पतिनी और बेटा के भाग पड़े :{}
क्यों कि इन तीनो से घर बनता है :
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अगर आपको या आपके कोई रिश्तेदार को ये दोष है :
तो हम से सम्पर्क के :
फ्री चार्ज है सभी के लिए :
परेशान न हो फोन करे फ्री सेवा है :
कोई भी प्रकार का ज्योतिष चार्ज नही है :
'''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''
लेखक :जगदीश भाई चौधरी :
लुनावाडा परा बजार गुजरात {इंडिया }
फोन न ओ९९०४२७१४९७
सोमवार, 14 फ़रवरी 2011
रविवार, 13 फ़रवरी 2011
पहला भाग {१] ऊ:अक्षर का : {ऊ } पूर्व जन्म का मालिक है :और अपने सरीर में {ऊ }आखो का मालिक है :
भाग {१] ऊ:अक्षर :पूर्व जन्म का मालिक है :
और अपने सरीर में {ऊ }आखो का मालिक है :
मेरे प्रिय दोस्तों {ऊ }आखो का भी मालिक है :
और {ऊ }पूर्व जन्म से का मालिक है :
जिस इन्शान का नाम {ऊ } अक्षर के उपर है :
मानो वो इन्शान प्रित्रू योनो में से आया है :
प्रित्रू योनी में उसने बहुत अच्छे करे होंगे :तभी तो :
किसी अच्छे इन्शान ने प्रित्रू को मोक्ष दिलाया है :
ओर फिर उसे मानव योनी मिली है :
और ये इन्शान मानव योनी में भी अच्छे कर्म करेगा तो
देव लोक में चला जाएगा :
जन्म और मरण से मोक्ष पाजायेगा चोरासी {८४ }से छुट जाएगा :::
'''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''
भाग {१] ऊ:अक्षर :पूर्व जन्म का मालिक है :
और अपने सरीर में {ऊ }आखो का मालिक है :
ये {ऊ }के अक्षर है :
ग ज ड द ब ल स ज्ञ :
यानि {ऊ } की ओलाद है :
और इन की योनी भी अलग अलग है :
योनियों के बिसे में हम आपको आगे बतायेगे :
अक्षर के हिशाब से :
'''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''
अभी हम आपको बताते है आँखों के बारे में :
{ऊ }अक्षर जो हम ने उपर लिखे है :
वो अक्षर अगर आपके नाम में है :
और वो अक्षर आपके नाम में दुसित है :
यानि वो अक्षर किसी और अक्षर ने उन्हें दबा रक्खा है :
या किसी और अक्षर की मात्रा उस पर लगी हुई है :
जो {ऊ }के साथ दुश्मनी है :
तो सब से पहले आपकी आँखों पर असर पड़ेगा :
जेसे कि:आपकी कोई आँख फूट भी सकती है :
आँखों पर बक्त से चस्मा आजायेगा :
आँखों में फूली हो सकती है :
आँखों में जाले पड़ सकते है :
बार बार आँखे आना हो सकता है :
या आँखे टेडी मेसी होजाना :
या आँखे छोटी बड़ी हो जाना :
या रात रोध आना :
आँखों में बार बार दर्द रहना :
और भी बहुत सारे रोग जो आँखों लग सकते है :
ये सब पता चलता है नाम के अक्षरों से :
कि आपके नाम में कोण कोण से अक्षर है :
ओरम वो कोण कोण से अक्षरों से दुसित है :
और उन अक्षरों पर कोण सी मात्रा लगी हुई है :
या फिर आपके नाम में {ऊ } मात्रा दुसित है :
तो भी आपको ये रोग लग सकते है :
आपके नाम में {ऊ } के अक्षर नही है :
मगर उन अक्षरों {ऊ } की मात्रा है :
तो आपको आँखों के रोग लग सकते है :
''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''
ये लेख आपको केशा लगा अपनी राय जरुर भेजे :
और आपको इस लेख से क्यों जानकारी मिली ये जरुर लिखे :
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चौधरी अक्षर ज्योतिष के :
लेखक :जगदीश भाई चौधरी :
फोन न 09904271497 :
पता :हेनी गारमेंट परा बजार लुनावाडा पंच महेल गुजरात {इंडिया

और अपने सरीर में {ऊ }आखो का मालिक है :
मेरे प्रिय दोस्तों {ऊ }आखो का भी मालिक है :
और {ऊ }पूर्व जन्म से का मालिक है :
जिस इन्शान का नाम {ऊ } अक्षर के उपर है :
मानो वो इन्शान प्रित्रू योनो में से आया है :
प्रित्रू योनी में उसने बहुत अच्छे करे होंगे :तभी तो :
किसी अच्छे इन्शान ने प्रित्रू को मोक्ष दिलाया है :
ओर फिर उसे मानव योनी मिली है :
और ये इन्शान मानव योनी में भी अच्छे कर्म करेगा तो
देव लोक में चला जाएगा :
जन्म और मरण से मोक्ष पाजायेगा चोरासी {८४ }से छुट जाएगा :::
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भाग {१] ऊ:अक्षर :पूर्व जन्म का मालिक है :
और अपने सरीर में {ऊ }आखो का मालिक है :
ये {ऊ }के अक्षर है :
ग ज ड द ब ल स ज्ञ :
यानि {ऊ } की ओलाद है :
और इन की योनी भी अलग अलग है :
योनियों के बिसे में हम आपको आगे बतायेगे :
अक्षर के हिशाब से :
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अभी हम आपको बताते है आँखों के बारे में :
{ऊ }अक्षर जो हम ने उपर लिखे है :
वो अक्षर अगर आपके नाम में है :
और वो अक्षर आपके नाम में दुसित है :
यानि वो अक्षर किसी और अक्षर ने उन्हें दबा रक्खा है :
या किसी और अक्षर की मात्रा उस पर लगी हुई है :
जो {ऊ }के साथ दुश्मनी है :
तो सब से पहले आपकी आँखों पर असर पड़ेगा :
जेसे कि:आपकी कोई आँख फूट भी सकती है :
आँखों पर बक्त से चस्मा आजायेगा :
आँखों में फूली हो सकती है :
आँखों में जाले पड़ सकते है :
बार बार आँखे आना हो सकता है :
या आँखे टेडी मेसी होजाना :
या आँखे छोटी बड़ी हो जाना :
या रात रोध आना :
आँखों में बार बार दर्द रहना :
और भी बहुत सारे रोग जो आँखों लग सकते है :
ये सब पता चलता है नाम के अक्षरों से :
कि आपके नाम में कोण कोण से अक्षर है :
ओरम वो कोण कोण से अक्षरों से दुसित है :
और उन अक्षरों पर कोण सी मात्रा लगी हुई है :
या फिर आपके नाम में {ऊ } मात्रा दुसित है :
तो भी आपको ये रोग लग सकते है :
आपके नाम में {ऊ } के अक्षर नही है :
मगर उन अक्षरों {ऊ } की मात्रा है :
तो आपको आँखों के रोग लग सकते है :
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ये लेख आपको केशा लगा अपनी राय जरुर भेजे :
और आपको इस लेख से क्यों जानकारी मिली ये जरुर लिखे :
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चौधरी अक्षर ज्योतिष के :
लेखक :जगदीश भाई चौधरी :
फोन न 09904271497 :
पता :हेनी गारमेंट परा बजार लुनावाडा पंच महेल गुजरात {इंडिया
गुरुवार, 10 फ़रवरी 2011
पहला भाग {१] ऊ:अक्षर का : {ऊ } पूर्व जन्म का मालिक है :और अपने सरीर में {ऊ }आखो का मालिक है :
भाग {१] ऊ:अक्षर :पूर्व जन्म का मालिक है :
और अपने सरीर में {ऊ }आखो का मालिक है :
मेरे प्रिय दोस्तों {ऊ }आखो का भी मालिक है :
और {ऊ }पूर्व जन्म से का मालिक है :
जिस इन्शान का नाम {ऊ } अक्षर के उपर है :
मानो वो इन्शान प्रित्रू योनो में से आया है :
प्रित्रू योनी में उसने बहुत अच्छे करे होंगे :तभी तो :
किसी अच्छे इन्शान ने प्रित्रू को मोक्ष दिलाया है :
ओर फिर उसे मानव योनी मिली है :
और ये इन्शान मानव योनी में भी अच्छे कर्म करेगा तो
देव लोक में चला जाएगा :
जन्म और मरण से मोक्ष पाजायेगा चोरासी {८४ }से छुट जाएगा :::
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भाग {१] ऊ:अक्षर :पूर्व जन्म का मालिक है :
और अपने सरीर में {ऊ }आखो का मालिक है :
ये {ऊ }के अक्षर है :
ग ज ड द ब ल स ज्ञ :
यानि {ऊ } की ओलाद है :
और इन की योनी भी अलग अलग है :
योनियों के बिसे में हम आपको आगे बतायेगे :
अक्षर के हिशाब से :
'''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''
अभी हम आपको बताते है आँखों के बारे में :
{ऊ }अक्षर जो हम ने उपर लिखे है :
वो अक्षर अगर आपके नाम में है :
और वो अक्षर आपके नाम में दुसित है :
यानि वो अक्षर किसी और अक्षर ने उन्हें दबा रक्खा है :
या किसी और अक्षर की मात्रा उस पर लगी हुई है :
जो {ऊ }के साथ दुश्मनी है :
तो सब से पहले आपकी आँखों पर असर पड़ेगा :
जेसे कि:आपकी कोई आँख फूट भी सकती है :
आँखों पर बक्त से चस्मा आजायेगा :
आँखों में फूली हो सकती है :
आँखों में जाले पड़ सकते है :
बार बार आँखे आना हो सकता है :
या आँखे टेडी मेसी होजाना :
या आँखे छोटी बड़ी हो जाना :
या रात रोध आना :
आँखों में बार बार दर्द रहना :
और भी बहुत सारे रोग जो आँखों लग सकते है :
ये सब पता चलता है नाम के अक्षरों से :
कि आपके नाम में कोण कोण से अक्षर है :
ओरम वो कोण कोण से अक्षरों से दुसित है :
और उन अक्षरों पर कोण सी मात्रा लगी हुई है :
या फिर आपके नाम में {ऊ } मात्रा दुसित है :
तो भी आपको ये रोग लग सकते है :
आपके नाम में {ऊ } के अक्षर नही है :
मगर उन अक्षरों {ऊ } की मात्रा है :
तो आपको आँखों के रोग लग सकते है :
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ये लेख आपको केशा लगा अपनी राय जरुर भेजे :
और आपको इस लेख से क्यों जानकारी मिली ये जरुर लिखे :
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चौधरी अक्षर ज्योतिष के :
लेखक :जगदीश भाई चौधरी :
फोन न 09904271497 :
पता :हेनी गारमेंट परा बजार लुनावाडा पंच महेल गुजरात {इंडिया

और अपने सरीर में {ऊ }आखो का मालिक है :
मेरे प्रिय दोस्तों {ऊ }आखो का भी मालिक है :
और {ऊ }पूर्व जन्म से का मालिक है :
जिस इन्शान का नाम {ऊ } अक्षर के उपर है :
मानो वो इन्शान प्रित्रू योनो में से आया है :
प्रित्रू योनी में उसने बहुत अच्छे करे होंगे :तभी तो :
किसी अच्छे इन्शान ने प्रित्रू को मोक्ष दिलाया है :
ओर फिर उसे मानव योनी मिली है :
और ये इन्शान मानव योनी में भी अच्छे कर्म करेगा तो
देव लोक में चला जाएगा :
जन्म और मरण से मोक्ष पाजायेगा चोरासी {८४ }से छुट जाएगा :::
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भाग {१] ऊ:अक्षर :पूर्व जन्म का मालिक है :
और अपने सरीर में {ऊ }आखो का मालिक है :
ये {ऊ }के अक्षर है :
ग ज ड द ब ल स ज्ञ :
यानि {ऊ } की ओलाद है :
और इन की योनी भी अलग अलग है :
योनियों के बिसे में हम आपको आगे बतायेगे :
अक्षर के हिशाब से :
'''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''
अभी हम आपको बताते है आँखों के बारे में :
{ऊ }अक्षर जो हम ने उपर लिखे है :
वो अक्षर अगर आपके नाम में है :
और वो अक्षर आपके नाम में दुसित है :
यानि वो अक्षर किसी और अक्षर ने उन्हें दबा रक्खा है :
या किसी और अक्षर की मात्रा उस पर लगी हुई है :
जो {ऊ }के साथ दुश्मनी है :
तो सब से पहले आपकी आँखों पर असर पड़ेगा :
जेसे कि:आपकी कोई आँख फूट भी सकती है :
आँखों पर बक्त से चस्मा आजायेगा :
आँखों में फूली हो सकती है :
आँखों में जाले पड़ सकते है :
बार बार आँखे आना हो सकता है :
या आँखे टेडी मेसी होजाना :
या आँखे छोटी बड़ी हो जाना :
या रात रोध आना :
आँखों में बार बार दर्द रहना :
और भी बहुत सारे रोग जो आँखों लग सकते है :
ये सब पता चलता है नाम के अक्षरों से :
कि आपके नाम में कोण कोण से अक्षर है :
ओरम वो कोण कोण से अक्षरों से दुसित है :
और उन अक्षरों पर कोण सी मात्रा लगी हुई है :
या फिर आपके नाम में {ऊ } मात्रा दुसित है :
तो भी आपको ये रोग लग सकते है :
आपके नाम में {ऊ } के अक्षर नही है :
मगर उन अक्षरों {ऊ } की मात्रा है :
तो आपको आँखों के रोग लग सकते है :
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ये लेख आपको केशा लगा अपनी राय जरुर भेजे :
और आपको इस लेख से क्यों जानकारी मिली ये जरुर लिखे :
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चौधरी अक्षर ज्योतिष के :
लेखक :जगदीश भाई चौधरी :
फोन न 09904271497 :
पता :हेनी गारमेंट परा बजार लुनावाडा पंच महेल गुजरात {इंडिया
भाग {1} क : क :नाम बालोके लिए है :जिनके नाम में :क :{१}पहले :{२}दूसरा :{३] तीसरा{४}चोथा :है
{क} ब्यंजनो का पहला अक्षर है :ये तो साड़ी दुनिया जानती है :
मगर {क }अपने जीवन में क्या पाठ निभाता है ये कोई नही जानता :
आज हम {क }के बिसे में आपको कुछ बताते है :
कि {क }क्या चीज है :
और अपने जीवन में क्या पाठ बजाता है :
{क] नाम बाले घबराये नही :सिफ समझे :
हम आपको बताते है :
कि {क }आपके नाम में कहा कहा आता है :
{१}पहले :
{२}दूसरा :
{३] तीसरा
{४}चोथा :
ये आपके नाम में चार जगह से आता है :जेसे कि
{१} {कमलेश }{करन}किरन केलाश काजल कुशुम कमला :
ये रहा आपका नाम {क }पहले आता है :{२}आपके नाम में दूसरा अक्षर {क }
जेसे :मुकेश :राकेश :आकाश :ओकार :इकबाल :संकर :अंकित ::
इस तरहा से {क }नाम में दूसरा होता है :
और आपके नाम में {क }तीसरा ऐसे आता है :
दीपक :अशोक :राजकुमार :
:और चोथा { क } ऐसे आता है :
रविशंकर :प्रेमशंकर :संजीवकुमार : मनोजकुमार :
ये चार प्रकार के : क : होते है :
और इन पर ग्यारह प्रकार की मात्रा लगाईं जाती है :
ऐसे :क का कि की कु कू के कै को कों कं कँ :
ग्यारह प्रकार की मात्रा भी :क :को नुकशान करती है :
क्यों कि :क: का का जो सुर है वो अंदर का है :
और अंदर के सुर को बाहर की मात्रा अच्छी नही होती :
नुकशान कारक ही होती है
ये सब कुछ आपका नाम देख ने के बाद है पता चलता है :
कि आपके नाम में महात्रा कोंन कोंन सी है :
और :क:के साथ कोंन से अक्षर है :
और आपके नाम में :क :कोंन सी जगह पर है :
{१}पहले :क {२}दूसरा :क {३] तीसरा:क {४}चोथा :क :है :
अब हम आपको बताते है का की उम्र :
{१}पहला :क :बचपन :::
{२}दूसरा : क :जवानी :
{३] तीसरा: क :मघ्यम :
{४}चोथा : क :बुडापा :
आपकी उम्र में जहा {क} आयेगा वही इन्शान बचपना करेगा ;
इस में इन्शान का कोई दोस नही होता :
ये :क :अक्षर की चाल है :
कोई भी अक्षर अपने जीवन में कोई कमी नही छोड़ता :
क्यों कि हमारे जीवन में :क :आने का मतलव ये है :
कि हमने पिछले जन्म में कर्म ऐसे कीये थे :कि :क ;
जो हमारे जीवन में :क :इस तरह से आये है :
{१}पहले :{२}दूसरा :{३] तीसरा{४}चोथा :
पहले हम कोंन सी योनी के थे ये जाने :
{क ] की योनी कुछ इस तरह से है :
:कबूतर काबर कौउआ कोयल :
मेरा कहने का मतलव ये है कि :
{1 }:क :की जो पहली योनी है वो पंछी की है :आकाश में उड़ने बाले :
{२ }कुत्ता :कंगारू :जमीन पर चलने बाले
{3 }क :की जो दूसरी योनी है वो कछुबा की है :पाताल :पानी में रहने बाले :
{४}कमल
'''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''
पैदा होने का तरीके तो बसे :
दो ही प्रकार के होते है :
{१}यंत्र सकती :
{२] मन्त्र सकती :
'''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''
मगर रास्ते चार प्रकार के होते है ;
अ {१}पहली योनी होती है अण्डा:
इ {२}दूसरी योनी होती है गर्भाषा :
उ {३] तीसरी योनी होती है बिज :
ए {४}चोथी योनी होती है :सुतेही
बसे तो बीज सभी के होते है :
मगर तरीका येही चार प्रकार का होप्ता है :
''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''
आपका सुबाव
''''''''''''''''''''''''''''''
आप कोंन सी योनी में से आये है :
आप जीस योनी में से आये है आपका सुबाव वेसा ही होगा:
जेसी योनी में से आप आये है :
जब कोई जीव अच्छा करम करता है तो उसे मानव योनी मिलती है :
और जब मानव अच्छा कर्म करता है तो उसे देव लोक मिलता है :
यही है बिधि का बिधन :क्यों कि ये जो अक्षर है :यही है बिधि का बिधन :
आदमी {क }नाम बाला है और योनी है कबूतर :
कबूतर योनी में से आया है तो :
इन्शान स्वभाव शांत होगा :कोई व्यसन नही होगा :
गीता कुर्रान बाइबल जेसे ग्रंथो में मन लगेगा :
बात भी किसी से करेगा तो बहुत सोच समझ कर :
बाकी की योनीयो के विसे में आप खुद ही समझ जाइए :
हमे कहने की जरूरत नही है :
इशान जेसी योनी में आया है :उस का खान पान भी वेसा ही होगा :
''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''
बाकी की योनी यो की एक झलक :
'''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''
{१}कोआ की योनी में से आया है तो :
खान पान राक्षसी जेसा होगा :
अगर इन्शान कुत्ता योनी में से आया है :
तो आप खुद ही समझ सकते कि उसकी बात कुत्ते की लात :
अगर कंगारू योनी में से आया है तो इन्शान चोर छिनरा होता है :
शेष आप समझे क्यो कि अगर हम {क }की योनीयो को अलग अलग :
लिखेगे तो {क}योनी की एक किताब बन जायेगी :
कभी बक्त मिला तो शेष भाग दो में बतायेगे :
''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''
नाम में {क }कहा पर सही है :
''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''
{क }अगर पहला है तो सही है :
बचपन अच्छा जाएगा :
अगर {क }दूसरा है तो कोई खास नही :
अगर {क }तीसरा है तो माध्यम अब्सता में इन्शान भी जवानी का अह्साश करता है
और अगर चोथा {क } है तो इन्शान मन से बुडा कभी नही होता :
'''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''
अब देखे कि {क } नाम बाले इन्शान के नाम में मात्रा क्या असर करती है :
और किन कोंन से अक्षर का के साथ अच्छे होते और कोंन से अक्षर खराव होते है :
और कोंन से अक्षर माध्यम होते है
''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''
:क का कि की कु कू के कै को कों कं कँ :
ये जान्ने के लिए पड़े {क } भाग दो :
अ इ उ ए अं =
क ख ग घ ङ =
च छ ज झ ञ =
ट ठ ड ढ ण =
प फ ब भ म =
त थ द ध न =
य र ल व
श ष स .श्र .
ह क्ष ज्ञ त्र
''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''
ये लेख आपको केशा लगा अपनी राय जरुर भेजे :
और आपको इस लेख से क्यों जानकारी मिली ये जरुर लिखे :
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चौधरी अक्षर ज्योतिष के :
लेखक :जगदीश भाई चौधरी :
फोन न 09904271497 :
पता :हेनी गारमेंट परा बजार
लुनावाडा पंच महेल गुजरात {इंडिया }
{क} ब्यंजनो का पहला अक्षर है :ये तो साड़ी दुनिया जानती है :
मगर {क }अपने जीवन में क्या पाठ निभाता है ये कोई नही जानता :
आज हम {क }के बिसे में आपको कुछ बताते है :
कि {क }क्या चीज है :
और अपने जीवन में क्या पाठ बजाता है :
{क] नाम बाले घबराये नही :सिफ समझे :
अफ्ले हम आपको बताते है :
कि {क }आपके नाम में कहा कहा आता है :
{१}पहले :
{२}दूसरा :
{३] तीसरा
{४}चोथा :
ये आपके नाम में चार जगह से आता है :जेसे कि
{१} {कमलेश }{करन}किरन केलाश काजल कुशुम कमला :
ये रहा आपका नाम {क }पहले आता है :
{२}आपके नाम में दूसरा अक्षर {क }
जेसे :मुकेश :राकेश :आकाश :ओकार :इकबाल :संकर :अंकित ::
इस तरहा से {क }नाम में दूसरा होता है :
और आपके नाम में {क }तीसरा ऐसे आता है :
दीपक :अशोक :राजकुमार :
:और चोथा { क } ऐसे आता है :
रविशंकर :प्रेमशंकर :संजीवकुमार : मनोजकुमार :
ये चार प्रकार के : क : होते है :
और इन पर ग्यारह प्रकार की मात्रा लगाईं जाती है :
ऐसे :क का कि की कु कू के कै को कों कं कँ :
ग्यारह प्रकार की मात्रा भी :क :को नुकशान करती है :
क्यों कि :क: का का जो सुर है वो अंदर का है :
और अंदर के सुर को बाहर की मात्रा अच्छी नही होती :
नुकशान कारक ही होती है
ये सब कुछ आपका नाम देख ने के बाद है पता चलता है :
कि आपके नाम में महात्रा कोंन कोंन सी है :
और :क:के साथ कोंन से अक्षर है :
और आपके नाम में :क :कोंन सी जगह पर है :
{१}पहले :क {२}दूसरा :क {३] तीसरा:क {४}चोथा :क :है :
अब हम आपको बताते है का की उम्र :
{१}पहला :क :बचपन :::
{२}दूसरा : क :जवानी :
{३] तीसरा: क :मघ्यम :
{४}चोथा : क :बुडापा :
आपकी उम्र में जहा {क} आयेगा वही इन्शान बचपना करेगा ;
इस में इन्शान का कोई दोस नही होता :
ये :क :अक्षर की चाल है :
कोई भी अक्षर अपने जीवन में कोई कमी नही छोड़ता :
क्यों कि हमारे जीवन में :क :आने का मतलव ये है :
कि हमने पिछले जन्म में कर्म ऐसे कीये थे :कि :क ;
जो हमारे जीवन में :क :इस तरह से आये है :
{१}पहले :{२}दूसरा :{३] तीसरा{४}चोथा :
पहले हम कोंन सी योनी के थे ये जाने :
{क ] की योनी कुछ इस तरह से है :
:कबूतर काबर कौउआ कोयल :
मेरा कहने का मतलव ये है कि :
{1 }:क :की जो पहली योनी है वो पंछी की है :आकाश में उड़ने बाले :
{२ }कुत्ता :कंगारू :जमीन पर चलने बाले
{3 }क :की जो दूसरी योनी है वो कछुबा की है :पाताल :पानी में रहने बाले :
{४}कमल
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पैदा होने का तरीके तो बसे :
दो ही प्रकार के होते है :
{१}यंत्र सकती :
{२] मन्त्र सकती :
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मगर रास्ते चार प्रकार के होते है ;
अ {१}पहली योनी होती है अण्डा:
इ {२}दूसरी योनी होती है गर्भाषा :
उ {३] तीसरी योनी होती है बिज :
ए {४}चोथी योनी होती है :सुतेही
बसे तो बीज सभी के होते है :
मगर तरीका येही चार प्रकार का होप्ता है :
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आपका सुबाव
''''''''''''''''''''''''''''''
आप कोंन सी योनी में से आये है :
आप जीस योनी में से आये है आपका सुबाव वेसा ही होगा:
जेसी योनी में से आप आये है :
जब कोई जीव अच्छा करम करता है तो उसे मानव योनी मिलती है :
और जब मानव अच्छा कर्म करता है तो उसे देव लोक मिलता है :
यही है बिधि का बिधन :क्यों कि ये जो अक्षर है :यही है बिधि का बिधन :
आदमी {क }नाम बाला है और योनी है कबूतर :
कबूतर योनी में से आया है तो :
इन्शान स्वभाव शांत होगा :कोई व्यसन नही होगा :
गीता कुर्रान बाइबल जेसे ग्रंथो में मन लगेगा :
बात भी किसी से करेगा तो बहुत सोच समझ कर :
बाकी की योनीयो के विसे में आप खुद ही समझ जाइए :
हमे कहने की जरूरत नही है :
इशान जेसी योनी में आया है :उस का खान पान भी वेसा ही होगा :
''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''
बाकी की योनी यो की एक झलक :
'''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''
{१}कोआ की योनी में से आया है तो :
खान पान राक्षसी जेसा होगा :
अगर इन्शान कुत्ता योनी में से आया है :
तो आप खुद ही समझ सकते कि उसकी बात कुत्ते की लात :
अगर कंगारू योनी में से आया है तो इन्शान चोर छिनरा होता है :
शेष आप समझे क्यो कि अगर हम {क }की योनीयो को अलग अलग :
लिखेगे तो {क}योनी की एक किताब बन जायेगी :
कभी बक्त मिला तो शेष भाग दो में बतायेगे :
''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''
नाम में {क }कहा पर सही है :
''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''
{क }अगर पहला है तो सही है :
बचपन अच्छा जाएगा :
अगर {क }दूसरा है तो कोई खास नही :
अगर {क }तीसरा है तो माध्यम अब्सता में इन्शान भी जवानी का अह्साश करता है
और अगर चोथा {क } है तो इन्शान मन से बुडा कभी नही होता :
'''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''
अब देखे कि {क } नाम बाले इन्शान के नाम में मात्रा क्या असर करती है :
और किन कोंन से अक्षर का के साथ अच्छे होते और कोंन से अक्षर खराव होते है :
और कोंन से अक्षर माध्यम होते है
''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''
:क का कि की कु कू के कै को कों कं कँ :
ये जान्ने के लिए पड़े {क } भाग दो :
अ इ उ ए अं =
क ख ग घ ङ =
च छ ज झ ञ =
ट ठ ड ढ ण =
प फ ब भ म =
त थ द ध न य र ल व
श ष स .श्र .
ह क्ष ज्ञ त्र
''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''
ये लेख आपको केशा लगा अपनी राय जरुर भेजे :
और आपको इस लेख से क्यों जानकारी मिली ये जरुर लिखे :
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चौधरी अक्षर ज्योतिष के :
लेखक :जगदीश भाई चौधरी :
फोन न 09904271497 :
पता :हेनी गारमेंट परा बजार लुनावाडा पंच महेल गुजरात {इंडिया }
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सोमवार, 7 फ़रवरी 2011
{} पुत्र दोस भाग {१}
मेरे प्रिय दोस्तों :
मेरे और हाथ पैर दोनों ही कांपते है:
जब में इन दोसो के बारे में लिखता हु तो :
चाहे वो पुत्र दोस हो :
या नारी दोस हो या मकान दोस हो :
या जन्म जात दोस हो
किसी संत ने सही ही कहा है :
की ज्ञान होना बहुत अच्छा है :
मगर ज्ञान न होना भी सब से अच्छा है :
में लिखता हु तो भी पछिताता हु :
और में नही लिखता हु तो जादा पछिताता हु :
इस लेख : को पड़ने बाले सभी भाई और बहनों से :
मुझ से बड़े बुजर्गो से और मेरे बराबर के मित्रो से :
मेरी हाथ जोड़ कर सब से बिनती है :
आप हमे अपनी राय जरुर लिखे :
और मुझ से छोटे भी अपनी राय जरुर लिखे :
''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''
विश्व के सभी नर और नारी अपने इश्वर से :
यही प्रार्थना करते कि हे इश्वर हमे बेटा दे :
जिससे हमारा बंस आगे बड़े :
हमारा नाम न दुबे :
और में फिर भी पुत्र दोस के बारे में लिख रहा हु :
आप खुद ही समझ गये होगे कि मेरे कितने हाथ कांपते होगे :
मगर पुत्र दोस के कारण कितने घर उजड़े हुये है :
और कितने माँ बाप दुःख पारहे है :पुत्र दोस के कारण :
जब तक आप और हम इस पुत्र दोस का सुधर नही करेगे :
तब तक घर उजड़ ते ही रहेगे :
इसी लिए पुत्र दोस का समाधान करना ही होगा :
'''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''
आज हम आपको बताते है :कि पुत्र दोष लगता केसे है :
पुत्र दोष भी नारी दोष की <span>तरह </span> :है :
बेसे पुत्र दोष होते तो बहुत प्रकार के है :
और नारी दोष भी बहुत प्रकार के होते है :
बसे नारी दोष के कुछ भाग हम पहले लिख चुके है :
और पुत्र दोष के बारे में आज हम आप को बता रहे है :
और अगले भाग में हम आपको बतायेगे जन्म जात दोष के बारे में :
मगर हम आज आपको कुछ ही प्रकार के पुत्र दोष के बारे में बतायगे :
बाकी आप हमारी किताब { चौधरी अक्षर ज्योतिष }
को मगाकर पड़ सकते है :और अपने घर को खुश मय बना सकते है :
माता पिता दोनों के नाम के पहले अक्षर से पहले :
बेटे के नाम का अक्षर आये तो मानो आपको बहुत ही भारी पुत्र दोष है :
माता पिता दोनों को ही भारी है :
और पिता के नाम के पहले अक्षर से पहले :
बेटे के नाम का अक्षर आएतो पिता को भारी है :
और माता के नाम के पहले अक्षर से :
बेटे के नाम का अक्षर आएतो माता को भारी है :
और ये दोष कितना भारी है ये बेटे का नाम देख कर ही :
पता चल सकता है :
'''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''
अगर आपको या आपके कोई रिश्तेदार को ये दोष है :
तो हम से सम्पर्क के :
फ्री चार्ज है सभी के लिए :
परेशान न हो फोन करे फ्री सेवा है :
कोई भी प्रकार का ज्योतिष चार्ज नही है :
'''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''
लेखक :जगदीश भाई चौधरी :
लुनावाडा परा बजार गुजरात {इंडिया }
फोन न ओ९९०४२७१४९७
''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''

मेरे और हाथ पैर दोनों ही कांपते है:
जब में इन दोसो के बारे में लिखता हु तो :
चाहे वो पुत्र दोस हो :
या नारी दोस हो या मकान दोस हो :
या जन्म जात दोस हो
किसी संत ने सही ही कहा है :
की ज्ञान होना बहुत अच्छा है :
मगर ज्ञान न होना भी सब से अच्छा है :
में लिखता हु तो भी पछिताता हु :
और में नही लिखता हु तो जादा पछिताता हु :
इस लेख : को पड़ने बाले सभी भाई और बहनों से :
मुझ से बड़े बुजर्गो से और मेरे बराबर के मित्रो से :
मेरी हाथ जोड़ कर सब से बिनती है :
आप हमे अपनी राय जरुर लिखे :
और मुझ से छोटे भी अपनी राय जरुर लिखे :
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विश्व के सभी नर और नारी अपने इश्वर से :
यही प्रार्थना करते कि हे इश्वर हमे बेटा दे :
जिससे हमारा बंस आगे बड़े :
हमारा नाम न दुबे :
और में फिर भी पुत्र दोस के बारे में लिख रहा हु :
आप खुद ही समझ गये होगे कि मेरे कितने हाथ कांपते होगे :
मगर पुत्र दोस के कारण कितने घर उजड़े हुये है :
और कितने माँ बाप दुःख पारहे है :पुत्र दोस के कारण :
जब तक आप और हम इस पुत्र दोस का सुधर नही करेगे :
तब तक घर उजड़ ते ही रहेगे :
इसी लिए पुत्र दोस का समाधान करना ही होगा :
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आज हम आपको बताते है :कि पुत्र दोष लगता केसे है :
पुत्र दोष भी नारी दोष की <span>तरह </span> :है :
बेसे पुत्र दोष होते तो बहुत प्रकार के है :
और नारी दोष भी बहुत प्रकार के होते है :
बसे नारी दोष के कुछ भाग हम पहले लिख चुके है :
और पुत्र दोष के बारे में आज हम आप को बता रहे है :
और अगले भाग में हम आपको बतायेगे जन्म जात दोष के बारे में :
मगर हम आज आपको कुछ ही प्रकार के पुत्र दोष के बारे में बतायगे :
बाकी आप हमारी किताब { चौधरी अक्षर ज्योतिष }
को मगाकर पड़ सकते है :और अपने घर को खुश मय बना सकते है :
माता पिता दोनों के नाम के पहले अक्षर से पहले :
बेटे के नाम का अक्षर आये तो मानो आपको बहुत ही भारी पुत्र दोष है :
माता पिता दोनों को ही भारी है :
और पिता के नाम के पहले अक्षर से पहले :
बेटे के नाम का अक्षर आएतो पिता को भारी है :
और माता के नाम के पहले अक्षर से :
बेटे के नाम का अक्षर आएतो माता को भारी है :
और ये दोष कितना भारी है ये बेटे का नाम देख कर ही :
पता चल सकता है :
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अगर आपको या आपके कोई रिश्तेदार को ये दोष है :
तो हम से सम्पर्क के :
फ्री चार्ज है सभी के लिए :
परेशान न हो फोन करे फ्री सेवा है :
कोई भी प्रकार का ज्योतिष चार्ज नही है :
'''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''
लेखक :जगदीश भाई चौधरी :
लुनावाडा परा बजार गुजरात {इंडिया }
फोन न ओ९९०४२७१४९७
शनिवार, 5 फ़रवरी 2011
{}चौधरी अक्षर ज्योतिष : की कितावे बहुत ही जल्दी आप लोगो तक पहुचेगी :कितावो के नाम कुछ इस तरह से है {}
सब ये बड़ा कर्म प्रधान है ये बात आपको हमेसा याद रहनी चाहिए :
आपके कर्म अच्छे है और आपका धर्म अच्छा है :
और आपका इमान अच्छा है :
तो आपको इन चीजो की कभी भी जरूरत नही पड़ेगी :
फिर भी ज्ञान तो ज्ञान है सबको लेना चाहिए :
और ये अक्षर ज्ञान तो कुदरत का दिया हुआ हमें गिप्ट है:
जो हम आपको अर्पित कर रहे है :इन भागो के रूप में :
हमारा कोई भी भाग किसी धर्म जाती के आधार पर नही है :
सिर्फ मानव के जीवन पर है :
'''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''
भाग { १ } चौधरी अक्षर ज्योतिष : ज्योतिष :
भाग { २ } चौधरी अक्षर ज्योतिष : नारी दोस :
भाग { ३ } चौधरी अक्षर ज्योतिष : पुत्र दोस :
भाग {४ } चौधरी अक्षर ज्योतिष : जन्म जात दोस :
भाग {5 } चौधरी अक्षर ज्योतिष : भूमी दोस :
भाग {६ } चौधरी अक्षर ज्योतिष : पितृ दोस
भाग {७ } चौधरी अक्षर ज्योतिष : गाव> दोस :
भाग {8 } चौधरी अक्षर ज्योतिष : मकान दिशासूर :
भाग {9 } चौधरी अक्षर ज्योतिष : दूकान फेक्ट्री मील कंपनी दिशा सूर :
भाग {10} चौधरी अक्षर ज्योतिष :अक्षर ज्ञान :
भाग {११ } चौधरी अक्षर ज्योतिष : अक्षर योग :
भाग {१२} चौधरी अक्षर ज्योतिष : अक्षर साधना :
भाग {१३ } चौधरी अक्षर ज्योतिष : अक्षर यंत्र :
भाग {१४} चौधरी अक्षर ज्योतिष : अक्षर मन्त्र :
भाग {१५ }चौधरी अक्षर ज्योतिष : अक्षर देव मन्त्र :
भाग {१६} चौधरी अक्षर ज्योतिष : अक्षर समाधी योग :
भाग {१७ } चौधरी अक्षर ज्योतिष : लक्ष्मी प्राप्ति योग :
भाग {१८ }चौधरी अक्षर ज्योतिष :परदेश या परप्रांत में भविष्य में :
''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''
{} अठारा भाग है :{}
हमें उम्मीद है आपको हमारा हर भाग :
आपको प्रसंद आयेगा :
आप अपनी राय जरुर भेजे :
/chaudhrijyotishjagdishbhai.blogspot.com/2010/12/chaudhry-akshr-jyotish.html?spref=fb
/chaudhrijyotishjagdishbhai.blogspot.com/
'''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''
चौधरी अक्षर ज्योतिष के :
लेखक :जगदीश भाई चौधरी :
फोन न 09904271497 :
पता :हेनी गारमेंट परा बजार लुनावाडा पंच महेल गुजरात {इंडिया }
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आपके कर्म अच्छे है और आपका धर्म अच्छा है :
और आपका इमान अच्छा है :
तो आपको इन चीजो की कभी भी जरूरत नही पड़ेगी :
फिर भी ज्ञान तो ज्ञान है सबको लेना चाहिए :
और ये अक्षर ज्ञान तो कुदरत का दिया हुआ हमें गिप्ट है:
जो हम आपको अर्पित कर रहे है :इन भागो के रूप में :
हमारा कोई भी भाग किसी धर्म जाती के आधार पर नही है :
सिर्फ मानव के जीवन पर है :
'''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''
भाग { १ } चौधरी अक्षर ज्योतिष : ज्योतिष :
भाग { २ } चौधरी अक्षर ज्योतिष : नारी दोस :
भाग { ३ } चौधरी अक्षर ज्योतिष : पुत्र दोस :
भाग {४ } चौधरी अक्षर ज्योतिष : जन्म जात दोस :
भाग {5 } चौधरी अक्षर ज्योतिष : भूमी दोस :
भाग {६ } चौधरी अक्षर ज्योतिष : पितृ दोस
भाग {७ } चौधरी अक्षर ज्योतिष : गाव> दोस :
भाग {8 } चौधरी अक्षर ज्योतिष : मकान दिशासूर :
भाग {9 } चौधरी अक्षर ज्योतिष : दूकान फेक्ट्री मील कंपनी दिशा सूर :
भाग {10} चौधरी अक्षर ज्योतिष :अक्षर ज्ञान :
भाग {११ } चौधरी अक्षर ज्योतिष : अक्षर योग :
भाग {१२} चौधरी अक्षर ज्योतिष : अक्षर साधना :
भाग {१३ } चौधरी अक्षर ज्योतिष : अक्षर यंत्र :
भाग {१४} चौधरी अक्षर ज्योतिष : अक्षर मन्त्र :
भाग {१५ }चौधरी अक्षर ज्योतिष : अक्षर देव मन्त्र :
भाग {१६} चौधरी अक्षर ज्योतिष : अक्षर समाधी योग :
भाग {१७ } चौधरी अक्षर ज्योतिष : लक्ष्मी प्राप्ति योग :
भाग {१८ }चौधरी अक्षर ज्योतिष :परदेश या परप्रांत में भविष्य में :
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{} अठारा भाग है :{}
हमें उम्मीद है आपको हमारा हर भाग :
आपको प्रसंद आयेगा :
आप अपनी राय जरुर भेजे :
/chaudhrijyotishjagdishbhai.blogspot.com/2010/12/chaudhry-akshr-jyotish.html?spref=fb
/chaudhrijyotishjagdishbhai.blogspot.com/
'''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''
चौधरी अक्षर ज्योतिष के :
लेखक :जगदीश भाई चौधरी :
फोन न 09904271497 :
पता :हेनी गारमेंट परा बजार लुनावाडा पंच महेल गुजरात {इंडिया }
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