ll ॐ नव शिवाय ll

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शनिवार, 25 जून 2011

{} भाग्य हिन् संतान :कौन से कारण बस पैदा होती हैं जाने चौधरी अक्षर ज्योतिष मैं {}

भाग्य   हिन् संतान कौन से कारण बस   पैदा होती हैं  जाने  {}
{1} पिता  को नारी दोस हो............
-  और  पिता  की उस अवस्था में'अक्षर  स्वर अन्दर  का चल रहा हो
- अथवा तो पिता को जन्म जात दोस हो  ::
माता का भी अक्षर  स्वर अंदर का हो  तो
भाग्य   हिन् संतान   पैदा होती हैं :
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{२} रात्रि के समय माता पिता दोनों के चन्द्र स्वर बंद हो
और सूर्य स्वर चालू हो उस समय की हुई सन्तान में बुद्धि  की कमी होती है :
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{ ३ }दिन के समय माता पिता दोनों के सूर्य स्वर बंद हो    
और चन्द्र स्वर चालू  हो उस समय की हुई सन्तान में आखो  की कमी के साथ साथ बुद्धि की कमी होती है :
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{ ४ }दिन के समय  पिता दोनों के सूर्य स्वर बंद हो   :
पिता  को नारी दोस हो ने  के साथ साथ पिता का अक्षर स्वर बंद का चल रहा हो
-  और  माता को जन्म ज़ात दोस हो :
या माता का  अक्षर स्वर अंदर हो तो गर्भ में बच्चे की म्रत्यु हो जाती  है  :
............................................................................................................................
{ ५ }रात्रि के समय माता पिता दोनों के चन्द्र स्वर बंद हो पिता  को नारी दोस हो ने  के साथ साथ पिता के नाम में मारकेश अक्षर स्वर बंद का चल रहा हो

-  और  माता को जन्म ज़ात दोस हो :
या माता का  अक्षर स्वर अंदर हो:
या माता का अक्षर स्वर बंद का हो तो गर्भ में बच्चे की म्रत्यु हो जाती  है  :......................................................................................................................

अधिक जानकारी के लिए हम से सम्पर्क करे :
फोन न ९१ .9904271497......................................................................................................................

मंगलवार, 26 अप्रैल 2011

भारत की कल्याण कारी ज्योतिष :अक्षर ज्योतिष:

चौधरी अक्षर ज्योतिष :भारत की ही नही  बिश्व की पहली अक्षर ज्योतिष है :
जिसे ३२ साल की महेनत के बाद पूण किया गया है :
और हजारो लोगो पर रिसर्च किया गया है :
सभी ने इस अक्षर ज्योतिष की  काफी सराहना की है :
अब हम ये चाहते है कि केंद्र सरकार:
सभी राज्यों में राज्य भाषा में चेंज कर के कोलेज के स्टुडेंट्स को पढाया  जाय :
जिससे वे अपने जीवन को खुशहाल बना सके :
भारत की कल्याण कारी  ज्योतिष :अक्षर ज्योतिष:
सब से बड़ी बात तो इस अक्षर ज्योतिष की ये है कि :
इस अक्षर ज्योतिष से  इन्शान अपना भूतकाल भविषकाल और बर्तमान "
आसानी से देख सकता  है:
और उनका उपाय भी  कर सकता है  :
औरअंधश्रधा अंध विस्वाश और अंधकार से  बाहर निकल सकता है :
इस अक्षर ज्योतिष की सबसे बड़ी सकती है :कि
इन्शान अपने बारे में पूरी तरह से जान जाता है :
कि मुझे क्या करना चाहिए और क्या नही :
बच्चे के नाम कर्ण से लेकर शादी विवाह नोकरी :
घर का वास्तु :दिशासुर :नारी दोस :पितृ दोस :
मकान दोस भूमि दोस अक्षर ज्ञान जेसी बाते इस :
अक्षर ज्योतिष है :उपायों के साथ :उपलध है :
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अधिक जानकारी के लिए हम से सम्पर्क करे :
फोन न ९१ .9904271497
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गुरुवार, 24 फ़रवरी 2011

पति पत्नी और बेटा स्वर दोस भाग दो {२}

अक्षर ज्योतिष को बहुत ही आशानी से समझा जा सकता है : ये अक्षर ज्योतिष आपके   परिवार 
का भविष्य बनाने के लिए बनी है : ये अक्षर ज्योतिष आपको गुमराह होने  से  बचाएगी : ये अक्षर ज्योतिष आपके कार्य को बढायेगी :आपको उन्नति दिलाएगी :
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 स: २१ मी सदी की नयी ज्योतिष :चौधरी अक्षर ज्योतिष

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प्रिय दोस्तों  ,  :आज हम आपको  बतायेगे  पिता और पुत्र के स्वर के विशे  में :
जो आपके परिवार के लिए बहुत अनमोल ये जानकारी होगी :
और आपको ये जानकर बहुत ही ख़ुशी होगी कि अक्षर  स्वर ज्ञान कितना अनमोल ज्ञान है :
ये अक्षर स्वर को समझना बहुत ही आसान  है  : स्वर  तीन {3}प्रकार होते है  एक अंदर का :
और दूसरा  बाहर का  और तीसरा होता है बंद जो कि स्वरबंद के नाम से पहेचाना  जाता है :
जो अक्षर मुह में जाकर मुह को बंद करदे वो स्वरबंद होता है और ये स्वर जब बनता है :
जब कोई अक्षर दुसरे अक्षर को मार रहा हो :ये रहा स्वर ज्ञान :
अब हम आपको बतायेगे कि ये स्वर अपने रिश्तो पर क्या असर करते है :
सब से पहले हम आपको बतायेगे उस रिश्ते के बारे में जिस रिश्ते से जीवन की :
शरुआत होती है  वो रिश्ता है पति और पत्नी  का :

पति पत्नी  के रिश्ते से जीवन की शरूआत होती है :
शादी करने से पहले स्वर मिला कर जरुर देखे :
स्वर दोनों का अंदर का तो नही होता है :
अगर स्वर  दोनों का अंदर का बनता है तो शादी न करे :
और अगर स्वर बंद का होता है तो शादी बिलकुल  ही न करे :

                  स्वर की पहचान कैसे करे 
स्वर की पहेचान करने का तरीका :
पहले लडके के नाम का पहला अक्षर ले :जेसे कि {र }
और बाद में लडकी के नाम का पहला अक्षर ले :जेसे कि { म }
फिर दोनों अक्षरों  को जोड़े  रम    और फिर दोनों अक्षरों को एक साथ बोले :रम 
ये स्वर बनता है : बंद का :रम :इस तरह स्वर मिलान करे
और ऐसे रिश्ते  कभी भी ना करे

अगर स्वर बाहर का बनता है तो शादी करे : जेसे कि 
लड़के  के नाम का पहला अक्षर है {र } 
और लडकी के नाम का पहला अक्षर है : स:
दोनों का स्वर देखो : रस आने सर
      ये स्वर दोनों तरफ से बाहर का होता है :
ऐसे जोड़े बड़ी किस्मत से बनते है :
आप भी किस्मत वाले बने और अपने घर में ऐसे जोड़े बनाए :
                     पिता और पुत्र  का मिल
और जब आपके घर में  पुत्र पैदा हो तो भी ऐसे ही नाम कर्ण करे :
पिता और पुत्र का स्वर दोनों तरफ से बाहर  का होना चाहिए :
अगर आप इन स्वरों का इस तरह से  ध्यान रक्खोगे तो :
आपका परिवार भारत का सर्वश्रेष्ट परिवार कहलायेगा :
भले ही आप कितने भी  नोर्मल परिवार के क्यों  न हो  
स्वर अपना काम कर के ही बतायेगा :
पुत्र का नाम कर्ण करने से पहले :
ये आप जरुर ध्यान देना कि आपको पुत्र दोस न लगे  : 
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चौधरी अक्षर ज्योतिष के :
लेखक :जगदीश भाई चौधरी :
लुनावाडा परा बजार गुजरात {इंडिया }
फोन न : 09904271497 :
 कोपी रायट २०१० :२०११ :
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बुधवार, 23 फ़रवरी 2011

लक्ष्मी योग :घर में शुख सांति और समुर्धि पाने का एक आसान योग :भाग {1}


 लक्ष्मी योग  :घर में शुख सांति और समुर्धि  पाने का एक आसान  योग   :भाग {1}
जिस तरह से भगवान सिव सो रहे है :आप भी सुवह और साम ऐसे ही  कम से कम :
दस मिनट सोया करे :आपके जीवन में कभी भी परेशानियां नही आयेगी :
मात्र दस मिनट सोने से आपका का घर खुशियों से भरता है तो इस से अच्छा :
तरीका आपके घर को आबाद करने का क्या होगा :
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                                    {}सुबह सोने का  तरीका {}
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जब आप सुबह जगे तो सब से पहले :करबट ले जेसे भगवान सिव ने ली है :
सीधा हाथ आपके धड के उपर रक्खे :
और खेरा हाथ कान के नीचे मोड़ कर रक्खे :
ये और भी अच्छा तरीका है :और जेसे भगवान सिव सोरहे है :
ऐसे भी आप सो सकते हो :ये दो तरीके है :आपके सोने के :
जब तक आपकी नाक का सीधा स्वर न  खुले  तब तक आप सोते रहे :
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                            {}रात को  सोने का  तरीका {}
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रात सोते समय सीधा हाथ मोड़ कर कान के नीचे होना चाहिए :
और उल्टा हाथ धड के उपर होना चाहिए :
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                               {} खास जानकारी {}
जेसे भगवान शिव का उपर का पैर मुड़ा हुआ है :
आपके दोनों पैर ऐसे ही मुड़े होने चाहिए :
और मुह से श्वास नही लेनी चाहिए :
किसी के साथ बात नही करनी चाहिए :
श्वास को नाक से ही ले :कोई भी प्रकार का  जोर न करे :
आँख  बंद कर के बस पड़े रहे :
और सरीर को अपने हिसाब से श्वास लेने दे :
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चौधरी अक्षर ज्योतिष के :
लेखक :जगदीश भाई चौधरी :
लुनावाडा परा बजार गुजरात {इंडिया }
फोन न : 09904271497 :
 कोपी रायट २०१० :२०११ :
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अक्षर ज्योतिष को बहुत ही आशानी से समझा जा सकता है :ये अक्षर ज्योतिष आपके परवार का भविष्य बनाने के लिए बनी है :ये अक्षर ज्योतिष आपको गुमराह होने बचाएगी :ये अक्षर ज्योतिष आपके कार्य बदाएगी :आपको उन्नति दिलाएगी
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सोमवार, 21 फ़रवरी 2011

मकान दोस भाग दो {२ }

अक्षर ज्योतिष को बहुत ही आशानी से समझा जा सकता है : ये अक्षर ज्योतिष आपके परवार का भविष्य बनाने के लिए बनी है : ये अक्षर ज्योतिष आपको गुमराह होने बचाएगी : ये अक्षर ज्योतिष आपके कार्य badaayegi :
 :आपको उन्नति दिलाएगी
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                                               {} मकान दोस भाग दो {२ }
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प्रिय दोस्तों आप अगर मकान बना रहे है :
या बनाना चाहते है तो इतना ध्यान जरुर रक्खे :
सब से पहले आप अपने नाम के अक्षर देखे :
कि आपके नाम में कितने अक्षर है :
अगर आपके नाम में दो अक्षर और दो मात्रा है :
तो आप  मकान पूर्व या पछिम का बनाए :
तिन अक्षर और एक मात्रा है तो भी :
आप  मकान पूर्व या पछिम का बनाए :
ढाई या  साडे तिन अक्षर है :तो भी :
आप  मकान पूर्व या पछिम का बनाए :
और मकान तिन रूम रसोड़ा का ही होना चाहिए :
अथवा तो पांच रूम रसोड़ा का होना चाहिए :
मेरा कहने का एक ही मतलव है कि आपके नाम में :
जितने अक्षर है उतने ही रूम होने चाहिए :
आधा अक्षर रसोड़े का होता है :
और मात्रा ट्टी बाथरूम होती है :
एसा मकान आप बनाओगे तो आपको कभी भी :
परेसानी नही आएगी ;
आपके नाम में चार  अक्षर है तो आप चार रूम का मकान बनाए :
और चार अक्षर बाले अपना मकान उत्तर या दखिन का बनाए :
कभी भी आपको मकान के बिसे में किसी ज्योतिषी को :
पूछना नही पड़ेगा :
आप सदा सर्व शुखी इंसान कहला ओगे
आपका कोई काम नही रुकेगा :
और आपको मकान दिशासुर नही नडेगा :
इस तरीके से आप मकान बना ओगे तो :
आपका जीवन शुख सांति से कटेगा :
आपका  परिवार सुखी परिवार कहलायेगा :
मकान के बिसे में और अधिक जानकारी :
चाहिए तो हम से सम्पर्क करे :
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अगर आपको  या आपके कोई रिश्तेदार को ये  मकान दोष है :
तो हम से सम्पर्क के :
फ्री चार्ज है सभी के लिए :
परेशान न हो  फोन करे फ्री सेवा  है :
कोई भी प्रकार का ज्योतिष चार्ज नही है :
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चौधरी अक्षर ज्योतिष के :
लेखक :जगदीश भाई चौधरी :
लुनावाडा परा बजार गुजरात {इंडिया }
फोन न : 09904271497 :
 कोपी रायट २०१० :२०११ :
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रविवार, 20 फ़रवरी 2011

जन्म भूमि दोस केसे लगता है :भाग {१}

अक्षर ज्योतिष को बहुत ही आशानी से समझा जा सकता है :
 ये अक्षर ज्योतिष आपके परवार का भविष्य बनाने के लिए बनी है :
 ये अक्षर ज्योतिष आपको गुमराह होने बचाएगी :
 ये अक्षर ज्योतिष आपके कार्य को बढायेगी :आपको उन्नति दिलाएगी :
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मेरे प्रिय दोस्तों आज हम आपको बतायेगे कि जन्म भूमि दोस केसे लगता है  :
इन्शान अपने गाँव में पैदा तो होता है :
मगर जब तक अपने गाँव में रहेगा तब तक वो दुखी ही रहेगा :
और परदेश में जाकर हर तरह आवाद होजाता है :ऐसा क्यों होता है :
क्या कारण है :  कि इन्शान जन्म ता कही और है :
अपनी पहचान बनाता कही और है :
जन्म भूमि कही और है :
कर्म भूमि कही और है:
धर्म भूमि कही और है :
क्या मतलव है इसका :क्या आप जानते हो :क्या आपने कभी सूना है :
कि जन्म भूमि दोस होता है :क्या कही लिखा देखा  है :सायद नही :
किसी वेदसास्त्र में पढ़ा है आपने  :किसी ग्रन्थ में  नही है :
आज तक किसी भी धर्म गुरु ने भी ये ज्ञान नही दिया होगा :आपको :
क्यों कि ये ज्ञान किसी भी ग्रन्थ में नही है हम जो आपको बताते है :
वो किसी ग्रन्थ में से पढ़के नही बताते :
हम आपको वो  ज्ञान देते है जो हमें भगवान की भक्ति से :
माता जी की सकती गुरु जी की क्रपा से और  योग की दृष्टी से मिलाता  है :
हम अगर चाहते तो इस ज्ञान से अब तक करोड़ो रूपये :कमाकर बेठे होते :
लाखो लोग हमारी सेवा में लगे होते :मगर हम ये नही चाहते :
हम कुदरत के दीये हुए ज्ञान से पैसा कमाना नही चाहते :
इसी लिए हम इंटर नेट पर सब कुछ लिख रहे है:
क्यों कि लोग पड़े और अपने जीवन को सफल बनाए :
मगर हम किसी भी भाग का : उपाय नही लिख रहे है :
क्यों कि लोग पडके लोगो को लूटना सुरु कर देंगे :
इसी लिए हम उपाय नही लिखते :जिन लोगो को जरूरत होती है :
वो हमें फोन करके उपाय पूछ लेते है :सुखी होजाते है
आपको अगर जरूरत है तो आपभी हमें फोन कर के पूछ सकते हो :
हमारा ज्योतिष चार्ज फ्री है अभी के लिए :
क्यों कि हमारे लिए नर सेवा ही नारायण सेवा है :
और अगर हम किसी भी भाग का उपाय लिखते भी है :
तो भी हम एक ही परिवार का लिख सकते है :
क्यों कि भारत के सभी परिवार के नाम एक नही है :
क्यों कि ये है अक्षर ज्ञान :नामोके अक्षरों से सब कुछ देखा जाता है :
आपके परिवार में जो नाम है :
वो दुसरे परिवार में नही होते :
इसी लिए भी हम किसी भी भाग का उपाय नही लिखे है
हम आपको किसी गलत रास्ते पर लेके  नही जारहे है :
हम आपको वो आयना बता रहे है :जो आपने कभी नही देखा है :
आपका अच्छा भविष्य ही :भारत की शान है :
हर घर भारत का सुखी हो ये हमारी सोच है :
............................................................................
तो हम बात कर रहे थे :जन्म भूमि दोस  की :
जन्म भूमि दोस काफी प्रकार के होते है :
जन्म भूमि दोस देखने का तरीका ये है :
{१] आपके नाम का पहला अक्षर को
अपने गाँव या सहर :के पहले अक्षर से जोड़े :
जेसे  की आपके नाम का पहला अक्षर { ज }
और आपके गाँव का पहला अक्षर है { म }
दोनों को मिलाओ तो बनता है {जम }
जम का स्वर है बंद :और जो स्वर बंद है बो कोई काम का नही होता :
एक तरीका हमने आपको बता दिया है :
आप जो भी कुछ देखे तो इस तरह से पहले देखे :
जहां स्वर बंद होता है वो अच्छा नही होता :
और अधिक जान ने के लिए पड़े जन्म भूमि दोस भाग दो :
या हम से सम्पर्क करे :
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 अगर आपको  या आपके कोई रिश्तेदार को ये दोष है :


तो हम से सम्पर्क के :
फ्री चार्ज है सभी के लिए :
परेशान न हो  फोन करे फ्री सेवा  है :
कोई भी प्रकार का ज्योतिष चार्ज नही है :
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चौधरी अक्षर ज्योतिष के :
लेखक :जगदीश भाई चौधरी :
लुनावाडा परा बजार गुजरात {इंडिया }
फोन न : 09904271497 :

 कोपी रायट २०१० :२०११ :

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जन्म भूमि दोस :के लेखक :
चौधरी अक्षर ज्योतिष :
कोपी रायट २०१०:2011

जन्म भूमि दोस केसे लगता है :भाग {१}

अक्षर ज्योतिष को बहुत ही आशानी से समझा जा सकता है : ये अक्षर ज्योतिष आपके परवार का भविष्य बनाने के लिए बनी है : ये अक्षर ज्योतिष आपको गुमराह होने बचाएगी : ये अक्षर ज्योतिष आपके कार्य को बढायेगी
:आपको उन्नति दिलाएगी : आपको  समाज में सम्मान दिलायेगी :
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गुरुवार, 17 फ़रवरी 2011

भाग {१}में आज हम आपको बतायेगे मकान दोस के बिसे में {}

भाग {१}में  आज हम आपको बतायेगे मकान दोस के बिसे में :
कि मकान दोस क्या होता है :और मकान दोस केसे लगता है :
मकान दोस को आज के जमाने वास्तु दोस के नाम से जाना जाता है :
मगर अक्षर ज्योतिष के हिसाब से वास्तु दोस जेसी कोई चीज नही होती :
भूमि दोस होता है : मकान दिशासुर होता है :
और वो केसे होता है वो आज हम आपको किलियर कर बतायेगे :
''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''
ये चार दिशाए होती है :मेंन :क्यों कि मकान चार दिशाओ के होते है :
अ: पूर्व है .......................
इ : पछिम है :
उ : उत्तर है :
ऍ : दछिन है :.
ओ : को भूमि दोस नही लगता है  : 
अँ : भी भूमि दोस नही लगता है ;
मगर दिशासूर सब को लगता है :
अब आप सोचोगे कि भूमि दोस केसे लगता है :
और दिशासूर दोस केसे लगता है :
तो गोर कर के देखो नीचे के खाने में :
''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''
अ     इ      उ      ए    अं =ओ 
क    ख     ग      घ    ङ =
च    छ     ज     झ    ञ = 
ट    ठ       ड     ढ     ण =
प    फ     ब      भ    म =
त    थ     द      ध     न =
य    र     ल      व      
श    ष     स    .श्र .
ह    क्ष    ज्ञ      त्र 
''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''
आया कुछ आपकी  समझ में :नही आया होगा ये हमें पता है :
क्यों कि न  कभी आपने पड़ा है :और न आपने कभी सुना है  :
इसी लिए आपकी समझ में जल्दी नही आएगा :
मगर हमने भी आपको पक्का ज्योतिषी नही बना दिया :
तो हमारा नाम भी जगदीश भाई चौधरी नही 
आज हम किलियर कर के बता देते है कि :
वास्तु का मतलव क्या है :वास्तु का मतलव है दोस्तों श्राद्ध   :
जब आप कोई मकान बनाते है :तो आपको वास्तु  करना ही पड़ेगा :
क्यों कि आप मकान में बसने जारहे हो :
जो आपने मकान बनाया है :
उस बनाने बाले को तो आपने मजूरी देदी है :
मगर  जो मकान बनाते समय जीव जन्तु मरे है 
उनको मोक्ष दिलाने के लिए वास्तू करना ही होगा :
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वास्तू केसे किया जाता है :ये जाने :
वास्तू की पूर्ण  विधि केसे होती है ये जाने :
..............................................................................................
वास्तू की पूर्ण  विधि कोई नही करता है :
और ना ही कोई जानता है :
कर्मकांड  करने वाले  पंडित भी :
मकान के मालिक के कहने के हिसाब से 
वास्तू की विधि करते है  :
कोई सत्य नारायण की कथा करवाता है :
और कोई ग्रह शांति हवन करवाता है 
कोई नवचंडी हवन करता है :
कोई लक्ष्मी हवन करवाता है 
मगर इन चीजो से वास्तू का निवारण नही होता :
वास्तू का निवारण करने के लिए सब से पहले :
जो करोड़ो की संख्या में मकान बनाते समय :
जीव जन्तू मरे है उनको किसी अच्छे स्थान पर जाकर :
मोक्ष दिलाये  
सब का पिंडदान  करवाये और फिर घर आकर {११} {२१ }
ब्राह्मणों को भोजन कराये :उसके बादकम से कम {40}दिन बाद :
 नवचंडी हवन करवाये :
तब जाके वास्तू का निवारण होगा :
वास्तू दोस की विधि:
मकान मालिक के नाम के अक्षरों के हिसाब से की जाती है
ये ही विधि न कराये :मकान मालिक के नाम में कितने अक्षर है :
और वो अक्षर कोन कोन सी योनी   के है   :
ये भी देखना पड़ता है :
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अब हम आपको बतायेगे कि दिशासुर क्या होता है :
......................................................................................................
मकान का दिशासुर मकान मालिक के नाम से देखा जाता है :
कि मकान मालिक के नाम में कितने अक्षर है :
और नाम में कितनी मात्रा  है :
इस इन्शान को कोन सी दिशा का मकान अच्छा रहेगा:
शुभ रहेगा 
इस बिसे और और अधिक जान्ने के लिए पड़े :
मकान दोस भाग दो {२ }:
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 अगर आपको  या आपके कोई रिश्तेदार को ये दोष है :
तो हम से सम्पर्क के :
फ्री चार्ज है सभी के लिए :
परेशान न हो  फोन करे फ्री सेवा  है :
कोई भी प्रकार का ज्योतिष चार्ज नही है :
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चौधरी अक्षर ज्योतिष के :
लेखक :जगदीश भाई चौधरी :
लुनावाडा परा बजार गुजरात {इंडिया }
फोन न : 09904271497 :

 कोपी रायट २०१० :२०११ :

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चौधरी अक्षर ज्योतिष

भाग {१}में आज हम आपको बतायेगे मकान दोस के बिसे में {}

भाग {१}में  आज हम आपको बतायेगे मकान दोस के बिसे में :
कि मकान दोस क्या होता है :और मकान दोस केसे लगता है :
मकान दोस को आज के जमाने वास्तु दोस के नाम से जाना जाता है :
मगर अक्षर ज्योतिष के हिसाब से वास्तु दोस जेसी कोई चीज नही होती :
भूमि दोस होता है : मकान दिशासुर होता है :
और वो केसे होता है वो आज हम आपको किलियर कर बतायेगे :
''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''
ये चार दिशाए होती है :मेंन :क्यों कि मकान चार दिशाओ के होते है :
अ: पूर्व है .......................
इ : पछिम है :
उ : उत्तर है :
ऍ : दछिन है :.
ओ : को भूमि दोस नही लगता है  : 
अँ : भी भूमि दोस नही लगता है ;
मगर दिशासूर सब को लगता है :
अब आप सोचोगे कि भूमि दोस केसे लगता है :
और दिशासूर दोस केसे लगता है :
तो गोर कर के देखो नीचे के खाने में :
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अ     इ      उ      ए    अं =ओ 
क    ख     ग      घ    ङ =
च    छ     ज     झ    ञ = 
ट    ठ       ड     ढ     ण =
प    फ     ब      भ    म =
त    थ     द      ध     न =
य    र     ल      व      
श    ष     स    .श्र .
ह    क्ष    ज्ञ      त्र 
''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''
आया कुछ आपकी  समझ में :नही आया होगा ये हमें पता है :
क्यों कि न  कभी आपने पड़ा है :और न आपने कभी सुना है  :
इसी लिए आपकी समझ में जल्दी नही आएगा :
मगर हमने भी आपको पक्का ज्योतिषी नही बना दिया :
तो हमारा नाम भी जगदीश भाई चौधरी नही 
आज हम किलियर कर के बता देते है कि :
वास्तु का मतलव क्या है :वास्तु का मतलव है दोस्तों श्राद्ध   :
जब आप कोई मकान बनाते है :तो आपको वास्तु  करना ही पड़ेगा :
क्यों कि आप मकान में बसने जारहे हो :
जो आपने मकान बनाया है :
उस बनाने बाले को तो आपने मजूरी देदी है :
मगर  जो मकान बनाते समय जीव जन्तु मरे है 
उनको मोक्ष दिलाने के लिए वास्तू करना ही होगा :
'''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''
वास्तू केसे किया जाता है :ये जाने :
वास्तू की पूर्ण  विधि केसे होती है ये जाने :
..............................................................................................
वास्तू की पूर्ण  विधि कोई नही करता है :
और ना ही कोई जानता है :
कर्मकांड  करने वाले  पंडित भी :
मकान के मालिक के कहने के हिसाब से 
वास्तू की विधि करते है  :
कोई सत्य नारायण की कथा करवाता है :
और कोई ग्रह शांति हवन करवाता है 
कोई नवचंडी हवन करता है :
कोई लक्ष्मी हवन करवाता है 
मगर इन चीजो से वास्तू का निवारण नही होता :
वास्तू का निवारण करने के लिए सब से पहले :
जो करोड़ो की संख्या में मकान बनाते समय :
जीव जन्तू मरे है उनको किसी अच्छे स्थान पर जाकर :
मोक्ष दिलाये  
सब का पिंडदान  करवाये और फिर घर आकर {११} {२१ }
ब्राह्मणों को भोजन कराये :उसके बादकम से कम {40}दिन बाद :
 नवचंडी हवन करवाये :
तब जाके वास्तू का निवारण होगा :
वास्तू दोस की विधि:
मकान मालिक के नाम के अक्षरों के हिसाब से की जाती है
ये ही विधि न कराये :मकान मालिक के नाम में कितने अक्षर है :
और वो अक्षर कोन कोन सी योनी   के है   :
ये भी देखना पड़ता है :
'''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''' 
अब हम आपको बतायेगे कि दिशासुर क्या होता है :
......................................................................................................
मकान का दिशासुर मकान मालिक के नाम से देखा जाता है :
कि मकान मालिक के नाम में कितने अक्षर है :
और नाम में कितनी मात्रा  है :
इस इन्शान को कोन सी दिशा का मकान अच्छा रहेगा:
शुभ रहेगा 
इस बिसे और और अधिक जान्ने के लिए पड़े :
मकान दोस भाग दो {२ }:
'''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''
 अगर आपको  या आपके कोई रिश्तेदार को ये दोष है :
तो हम से सम्पर्क के :
फ्री चार्ज है सभी के लिए :
परेशान न हो  फोन करे फ्री सेवा  है :
कोई भी प्रकार का ज्योतिष चार्ज नही है :
'''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''
चौधरी अक्षर ज्योतिष के :
लेखक :जगदीश भाई चौधरी :
लुनावाडा परा बजार गुजरात {इंडिया }
फोन न : 09904271497 :

 कोपी रायट २०१० :२०११ :

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चौधरी अक्षर ज्योतिष

भाग {१}में आज हम आपको बतायेगे मकान दोस के बिसे में {}

भाग {१}में  आज हम आपको बतायेगे मकान दोस के बिसे में :
कि मकान दोस क्या होता है :और मकान दोस केसे लगता है :
मकान दोस को आज के जमाने वास्तु दोस के नाम से जाना जाता है :
मगर अक्षर ज्योतिष के हिसाब से वास्तु दोस जेसी कोई चीज नही होती :
भूमि दोस होता है : मकान दिशासुर होता है :
और वो केसे होता है वो आज हम आपको किलियर कर बतायेगे :
''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''
ये चार दिशाए होती है :मेंन :क्यों कि मकान चार दिशाओ के होते है :
अ: पूर्व है .......................
इ : पछिम है :
उ : उत्तर है :
ऍ : दछिन है :.
ओ : को भूमि दोस नही लगता है  : 
अँ : भी भूमि दोस नही लगता है ;
मगर दिशासूर सब को लगता है :
अब आप सोचोगे कि भूमि दोस केसे लगता है :
और दिशासूर दोस केसे लगता है :
तो गोर कर के देखो नीचे के खाने में :
''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''
अ     इ      उ      ए    अं =ओ 
क    ख     ग      घ    ङ =
च    छ     ज     झ    ञ = 
ट    ठ       ड     ढ     ण =
प    फ     ब      भ    म =
त    थ     द      ध     न =
य    र     ल      व      
श    ष     स    .श्र .
ह    क्ष    ज्ञ      त्र 
''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''
आया कुछ आपकी  समझ में :नही आया होगा ये हमें पता है :
क्यों कि न  कभी आपने पड़ा है :और न आपने कभी सुना है  :
इसी लिए आपकी समझ में जल्दी नही आएगा :
मगर हमने भी आपको पक्का ज्योतिषी नही बना दिया :
तो हमारा नाम भी जगदीश भाई चौधरी नही 
आज हम किलियर कर के बता देते है कि :
वास्तु का मतलव क्या है :वास्तु का मतलव है दोस्तों श्राद्ध   :
जब आप कोई मकान बनाते है :तो आपको वास्तु  करना ही पड़ेगा :
क्यों कि आप मकान में बसने जारहे हो :
जो आपने मकान बनाया है :
उस बनाने बाले को तो आपने मजूरी देदी है :
मगर  जो मकान बनाते समय जीव जन्तु मरे है 
उनको मोक्ष दिलाने के लिए वास्तू करना ही होगा :
'''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''
वास्तू केसे किया जाता है :ये जाने :
वास्तू की पूर्ण  विधि केसे होती है ये जाने :
..............................................................................................
वास्तू की पूर्ण  विधि कोई नही करता है :
और ना ही कोई जानता है :
कर्मकांड  करने वाले  पंडित भी :
मकान के मालिक के कहने के हिसाब से 
वास्तू की विधि करते है  :
कोई सत्य नारायण की कथा करवाता है :
और कोई ग्रह शांति हवन करवाता है 
कोई नवचंडी हवन करता है :
कोई लक्ष्मी हवन करवाता है 
मगर इन चीजो से वास्तू का निवारण नही होता :
वास्तू का निवारण करने के लिए सब से पहले :
जो करोड़ो की संख्या में मकान बनाते समय :
जीव जन्तू मरे है उनको किसी अच्छे स्थान पर जाकर :
मोक्ष दिलाये  
सब का पिंडदान  करवाये और फिर घर आकर {११} {२१ }
ब्राह्मणों को भोजन कराये :उसके बादकम से कम {40}दिन बाद :
 नवचंडी हवन करवाये :
तब जाके वास्तू का निवारण होगा :
वास्तू दोस की विधि:
मकान मालिक के नाम के अक्षरों के हिसाब से की जाती है
ये ही विधि न कराये :मकान मालिक के नाम में कितने अक्षर है :
और वो अक्षर कोन कोन सी योनी   के है   :
ये भी देखना पड़ता है :
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अब हम आपको बतायेगे कि दिशासुर क्या होता है :
......................................................................................................
मकान का दिशासुर मकान मालिक के नाम से देखा जाता है :
कि मकान मालिक के नाम में कितने अक्षर है :
और नाम में कितनी मात्रा  है :
इस इन्शान को कोन सी दिशा का मकान अच्छा रहेगा:
शुभ रहेगा 
इस बिसे और और अधिक जान्ने के लिए पड़े :
मकान दोस भाग दो {२ }:
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 अगर आपको  या आपके कोई रिश्तेदार को ये दोष है :
तो हम से सम्पर्क के :
फ्री चार्ज है सभी के लिए :
परेशान न हो  फोन करे फ्री सेवा  है :
कोई भी प्रकार का ज्योतिष चार्ज नही है :
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चौधरी अक्षर ज्योतिष के :
लेखक :जगदीश भाई चौधरी :
लुनावाडा परा बजार गुजरात {इंडिया }
फोन न : 09904271497 :

 कोपी रायट २०१० :२०११ :

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चौधरी अक्षर ज्योतिष
 

बुधवार, 16 फ़रवरी 2011

{} भाग {१} पति पतिनी और बेटा {} स्वर दोस {}

पतिनी के नाम का स्वर अंदर का है :
और पति के नाम का स्वर बाहर का है :
और बेटे के नाम का स्वर अंदर का है :
और नारी दोस नही तो भी इन्शान को :
काफी मुशीबतो  का सामना करना पड़ता है :
जीवन में वो कितना भी कमाए घर की पूरती नही होती :
और नारी दोस है तो उस इन्शान को तो मुशिबतो से :
कोई ज्योतिषी तो क्या उसे भगवान भी नही बचा सकता :
और साथ में पुत्र दोस है :
तो जीवन की गाडी भगवान  भरोसे भी नही चल सकती :
उस इन्शान के लिए  यंत्र  मन्त्र  तन्त्र  कोई काम  नही लग सकता :
जिन्दगी नर्क के समान होजाती   है  :
बार बार  आत्म ह्त्या की तरफ कदम उठते है :
''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''
पतिनी के नाम का स्वर बाहर का है :
और बेटे के नाम का स्वर बाहर का है :
और पति के नाम का स्वर अंदर का है :
नारी दोस ना हो :
और पुत्र ना हो :
तो भी घर में झगड़ा रहेगा :
क्यों कि स्वरों के  मेल  नही है :
ऐसे घरो में ओरतो को नोकरी या बिजनिस करनी पड़ती है :
और घर ओरत के हिशाब ही चलता है :
अगर जोड़ा का स्वर बाहर का होता है तो :
इन्शान जीरो से करोड़ पति बन जाता है :
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जोड़ा के स्वर की समझ :
............................
अगर पति के नाम पहला अक्षर {ज }है
और पतिनी के नाम का पहला अक्षर  { स श ष .श्र .}है :
ज और स दोनों को मिलाओगे तो बनेगा {जस }
जस का स्वर हुआ बाहर का :
ऐसे नाम बाले पति पतिनीयो में झगड़ा तो होगा  :
मगर साथ में धनवान भी होगे :
कोई चीज की कमी नही होगी :
और अधिक जान्ने के लिए :
पड़े पति पतिनी और बेटा का भाग दो :{ २ ]
'''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''

अगर आपको  या आपके कोई रिश्तेदार को ये दोष है :
तो हम से सम्पर्क के :
फ्री चार्ज है सभी के लिए :
परेशान न हो  फोन करे फ्री सेवा  है :
कोई भी प्रकार का ज्योतिष चार्ज नही है :
'''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''
चौधरी अक्षर ज्योतिष के :
लेखक :जगदीश भाई चौधरी :
लुनावाडा परा बजार गुजरात {इंडिया }
फोन न : 09904271497 :

 कोपी रायट २०१० :२०११ :

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चौधरी अक्षर ज्योतिष

मंगलवार, 15 फ़रवरी 2011

नारी दोस भाग {७ } झगड़े का घर : {}

नारी दोस भाग {७] में आज हम आपको बहुत ही अनमोल बात बतायेगे ::
पति और पतिनी में  अक्षर झगड़ा क्यों होता है :
ऐसा कोन सा कारण है :जो दोनों में प्यार की बजाय झगड़ा होता है :
घर तवा होजाता है :माँ बाप के होते हुए भी बच्चे अनाथ के समान :
अपना जीवन बितीत करते है :
मेरे प्रिय दोस्तों ये बहुत ही छोटी सी चीज है अगर आपकी समझ में आजाये तो :
ये है अक्षरों के स्वरों  का खेल :आज हम आपको बहुत ही सादा  रूप में बतायेगे :
जेसे कि : पतिनी के नाम का पहला   अक्षर का स्वर  अगर अंदर का है :
और  पति के नाम का पहला अक्षर का स्वर  बाहर का है :
तो दोनों में हमेश झगड़ा ही रहेगा :
अंदर के स्वर  बाली पतिनी :
बाहर के स्वर  बाले पति को :भारी  ही पडती है :
और अंदर  के  स्वर वाले पति :
बाहर के स्वर बाली पतिनीयो  को भारी पड़ते है :
शादी करने से पहले जन्म कुंडली मिलाये या न मिलाये :
मगर नारी दोस सभी प्रकार के मिला कर देखले :
                     { एक बात और खास }
पति पतिनी में दोनों में से जिसका स्वर अंदर का होगा
उसकी मृत्यु पहले होगी :  अंदर के  स्वर से  झगड़ा तो
होता ही है मगर जीवन और भी काफी  परेशानी आती है :
  इस बिसे में और भी अधिक जान्ने के लिए :पड़े :
  {}{पति पतिनी और बेटा के भाग पड़े :{}
क्यों कि इन तीनो से घर बनता है :
'''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''
अगर आपको  या आपके कोई रिश्तेदार को ये दोष है :
तो हम से सम्पर्क के :
फ्री चार्ज है सभी के लिए :
परेशान न हो  फोन करे फ्री सेवा  है :
कोई भी प्रकार का ज्योतिष चार्ज नही है :
'''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''
लेखक :जगदीश भाई चौधरी :
लुनावाडा परा बजार गुजरात {इंडिया }
फोन न ओ९९०४२७१४९७                        
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chaudhri jyotish jagdish bhai: गृह दोष निवारण जमीन दोष निवारण

chaudhri jyotish jagdish bhai: गृह दोष निवारण जमीन दोष निवारण

रविवार, 13 फ़रवरी 2011

पहला भाग {१] ऊ:अक्षर का : {ऊ } पूर्व जन्म का मालिक है :और अपने सरीर में {ऊ }आखो का मालिक है :

भाग {१] ऊ:अक्षर :पूर्व जन्म का मालिक है :
और अपने सरीर में {ऊ }आखो का मालिक है :
मेरे  प्रिय  दोस्तों  {ऊ }आखो का भी मालिक है :
और {ऊ }पूर्व जन्म से का मालिक है :
जिस इन्शान का नाम {ऊ } अक्षर के उपर है :
मानो वो इन्शान प्रित्रू  योनो में से आया है :
प्रित्रू योनी में उसने बहुत अच्छे करे होंगे :तभी तो :
किसी अच्छे इन्शान ने  प्रित्रू  को मोक्ष दिलाया है  :
ओर फिर उसे मानव योनी मिली है :
और ये इन्शान मानव योनी में भी अच्छे कर्म करेगा तो
देव लोक में चला जाएगा :
जन्म और मरण से मोक्ष पाजायेगा चोरासी {८४ }से छुट जाएगा :::
'''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''
भाग {१] ऊ:अक्षर :पूर्व जन्म का मालिक है :
और अपने सरीर में {ऊ }आखो का मालिक है :
ये {ऊ }के अक्षर है :
ग  ज ड द ब ल स ज्ञ :
यानि {ऊ } की ओलाद है :
और इन की योनी भी अलग अलग है :
योनियों के बिसे में हम आपको आगे बतायेगे :
अक्षर के हिशाब से :
'''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''
अभी हम आपको बताते है आँखों  के बारे में :
{ऊ }अक्षर जो हम ने उपर लिखे है :
वो अक्षर अगर आपके नाम में है :
और वो अक्षर आपके नाम में दुसित है :
यानि वो अक्षर किसी और अक्षर ने उन्हें दबा रक्खा है :
या किसी और अक्षर की मात्रा उस पर लगी हुई है :
जो {ऊ }के साथ दुश्मनी  है :
तो सब से पहले आपकी आँखों पर असर पड़ेगा :
जेसे कि:आपकी कोई आँख फूट भी सकती है :
आँखों पर बक्त    से चस्मा आजायेगा :
आँखों में फूली हो सकती है :
आँखों में जाले पड़ सकते है :
बार बार आँखे आना हो सकता है :
या आँखे टेडी  मेसी होजाना :
या आँखे छोटी बड़ी हो जाना :
या रात रोध आना :
आँखों में बार बार दर्द रहना :
और भी बहुत सारे रोग जो आँखों लग सकते है :
ये सब पता चलता है नाम के अक्षरों से :
कि आपके नाम में कोण कोण से अक्षर है :
ओरम वो कोण कोण से अक्षरों से दुसित है :
और उन अक्षरों पर कोण सी मात्रा लगी हुई है :
या फिर आपके नाम में {ऊ } मात्रा दुसित है :
तो भी आपको ये रोग लग सकते है :
आपके नाम में {ऊ } के अक्षर नही है :
मगर उन अक्षरों {ऊ } की मात्रा है :
तो आपको आँखों के रोग लग सकते है :
''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''
ये लेख आपको केशा लगा अपनी राय जरुर भेजे :
और आपको इस लेख से क्यों जानकारी मिली ये जरुर लिखे :
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चौधरी अक्षर ज्योतिष के :

लेखक :जगदीश भाई चौधरी :

फोन न 09904271497 :

पता :हेनी गारमेंट परा बजार लुनावाडा पंच महेल गुजरात {इंडिया


गुरुवार, 10 फ़रवरी 2011

पहला भाग {१] ऊ:अक्षर का : {ऊ } पूर्व जन्म का मालिक है :और अपने सरीर में {ऊ }आखो का मालिक है :

भाग {१] ऊ:अक्षर :पूर्व जन्म का मालिक है :
और अपने सरीर में {ऊ }आखो का मालिक है :
मेरे  प्रिय  दोस्तों  {ऊ }आखो का भी मालिक है :
और {ऊ }पूर्व जन्म से का मालिक है :
जिस इन्शान का नाम {ऊ } अक्षर के उपर है :
मानो वो इन्शान प्रित्रू  योनो में से आया है :
प्रित्रू योनी में उसने बहुत अच्छे करे होंगे :तभी तो :
किसी अच्छे इन्शान ने  प्रित्रू  को मोक्ष दिलाया है  :
ओर फिर उसे मानव योनी मिली है :
और ये इन्शान मानव योनी में भी अच्छे कर्म करेगा तो
देव लोक में चला जाएगा :
जन्म और मरण से मोक्ष पाजायेगा चोरासी {८४ }से छुट जाएगा :::
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भाग {१] ऊ:अक्षर :पूर्व जन्म का मालिक है :
और अपने सरीर में {ऊ }आखो का मालिक है :
ये {ऊ }के अक्षर है :
ग  ज ड द ब ल स ज्ञ :
यानि {ऊ } की ओलाद है :
और इन की योनी भी अलग अलग है :
योनियों के बिसे में हम आपको आगे बतायेगे :
अक्षर के हिशाब से :
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अभी हम आपको बताते है आँखों  के बारे में :
{ऊ }अक्षर जो हम ने उपर लिखे है :
वो अक्षर अगर आपके नाम में है :
और वो अक्षर आपके नाम में दुसित है :
यानि वो अक्षर किसी और अक्षर ने उन्हें दबा रक्खा है :
या किसी और अक्षर की मात्रा उस पर लगी हुई है :
जो {ऊ }के साथ दुश्मनी  है :
तो सब से पहले आपकी आँखों पर असर पड़ेगा :
जेसे कि:आपकी कोई आँख फूट भी सकती है :
आँखों पर बक्त    से चस्मा आजायेगा :
आँखों में फूली हो सकती है :
आँखों में जाले पड़ सकते है :
बार बार आँखे आना हो सकता है :
या आँखे टेडी  मेसी होजाना :
या आँखे छोटी बड़ी हो जाना :
या रात रोध आना :
आँखों में बार बार दर्द रहना :
और भी बहुत सारे रोग जो आँखों लग सकते है :
ये सब पता चलता है नाम के अक्षरों से :
कि आपके नाम में कोण कोण से अक्षर है :
ओरम वो कोण कोण से अक्षरों से दुसित है :
और उन अक्षरों पर कोण सी मात्रा लगी हुई है :
या फिर आपके नाम में {ऊ } मात्रा दुसित है :
तो भी आपको ये रोग लग सकते है :
आपके नाम में {ऊ } के अक्षर नही है :
मगर उन अक्षरों {ऊ } की मात्रा है :
तो आपको आँखों के रोग लग सकते है :
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ये लेख आपको केशा लगा अपनी राय जरुर भेजे :
और आपको इस लेख से क्यों जानकारी मिली ये जरुर लिखे :
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चौधरी अक्षर ज्योतिष के :

लेखक :जगदीश भाई चौधरी :

फोन न 09904271497 :

पता :हेनी गारमेंट परा बजार लुनावाडा पंच महेल गुजरात {इंडिया