ll ॐ नव शिवाय ll

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शनिवार, 22 जनवरी 2011

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{} अक्षर और बिमारी अ इ उ ए ओ अं {}

       अं          इ            उ            ए            ओ               अं      
    हवा      पानी     अग्नि         अन्न      आकाश         प्रथ्वी                                                 
 इन सब से हमारा  सरीर चलता है :इन में से कोई भी चीज की कमी हमारे सरीर  को  :        
   वीमार कर देती है और हम रोगी होजाते है :कभी हम डोक्टर के यहा चक्कर लगाते है :   
    तो कभी हम ज्योतिषियों के यहा तो कभी हम भोआ ओ के यहा कभी हम त्रिन्तिक के :      
 यहा चक्कर लगाते है मगर फीर भी हमे कोई फायदा नही मिलता है तो हम हार करके :      
  डॉक्टर की बात मान कर हम हमेश के लिए दवा चालू कर देते है : और दवा खाखाकरके :  
  हमारा सरीर सरीर न रहकर मेडिकल स्टोर बन जाता है
                                                    {}अब हम आपको बताते है  {}                                                      

         {}  अक्षर और बिमारी के बारे में {}
1} :अ :अगर आपके नाम में दुसित है या आ :की महात्रा आपके नाम में दुसित है :
तो या फीर {आ }के अक्षर आपके नाम में दुसित है तो ::
हवा से लगती हुई बिमारी आपको लगजायेगी :जेसे कि लकवा पेट में गेस :
बादी कब्जी मुटापा नाक बंद सर्दी खासी स्वास ब्लड पेसर :हाई या लो :
हो सकता है और गुस्सा बहुत आसकता   है और  भी हवा से लगती हुई बिमारी इन लोगो को हो सकती है :
                {}  ये बिमारी कब और केसे लगती है {}
आ }के अक्षरों पर {इ }या {उ} या {ए }या {ओ }या {अं }की महात्रा लगजाये तो ::
या इन अक्षरों का आधा अक्षर लगजाये तो :या बंद सुर हो तो  इन इन्शान  को ::
बीमारियों का सामना करता है ::
अगर आप आ  अक्षर बाले इन्शान है और आपको इसी  किसी बिमारी ने ::
घेर रक्खा है तो :फोन करे :फ्री सेवा है सभी के लिए :
फोन .न .919904271497 फोन करने का समय सुबह ११ से साम के ६ बजे तक
 :
                    
                       {}   लेखक :जगदीश भाई चौधरी   {}
अं =क ख =च छ
ट ठ = त थ =प फ =य र श ष
क्ष
ज्ञ त्र
=

बुधवार, 19 जनवरी 2011

सब से  पहले  आप जाने अक्षरों के बारे में                        
                                                    

शनिवार, 8 जनवरी 2011

{}; अपने पित्रू ओ को हम मोक्ष केसे दिलाये :{}

अपने पित्रू ओ को हम मोक्ष केसे दिलाये :

मेरे प्रिय दोस्तों :पित्रू ओ को मोक्ष दिलाना किसी { यज्ञ से कम नही होता :}
पित्रू दोस की बिधी बहुत ही सादा तरीके से होती है
:कोई खास खर्चा नही होता :बस इतना करे
कि आप किसी अच्छे इस्थान पर जाकर ये विधि कर सकते है :
जेसे कि गंगा जमुना या त्रिवेणी संगम में ये विधि की जा सकती है :
अथवा तो :{ गया जी :कासी : इलाहवाद :हरिदुवार :कुरछेत्र:में होती है :
इनमे से किसी भी घाट पर जाकर ये विधि करे :और ये विधि समुन्दर के
घाट पर भी कर सकते है :
[याद रहे ये विधि बुधवार को करे ";या फिर अमावस्या को करे :}
{बाकी के दिनों में ये विधि नही होती :}

{पित्रू दोस की विधि की सामिग्री }

एक किलो दोसो पचास ग्राम जो का आटा { 1 . 250 ग्राम }
और इतना ही दूध ले : { 1 . 250 ग्राम }
नही तो गंगा जल ले ले :
और { 54} पिंड बनाये :एक थाली में {54 } पिंडो को रखले :
और सभी पिंडो को चन्दन से तिलक करे :
गुलाव के फुल तल चावल उन उपर चदाये
और किसी भी घाट पर जाकर आसन बिछा कर बेठे :
: पलाठी लगाकर :
फिर बारह वार ये मन्त्र बोले :
{ मन्त्र }>सदा भवानी दाहिनी :गोरी पुत्र गणेश :}

[ पांचो देव मेरी रक्षा करो ब्रह्ममाँ विष्णू महेश :}

उस के बाद माता गंगा जी का आहवान करो :

माता गंगा जी का { मन्त्र }माफ़ करे {में लिख नही सकता:
इसी लिए में अपना मोबायल नंबर लिख रहा हु :

फिर मुझे फोन करे :919904271497 :फोन कर ने के दो पाच मिनट बाद वहा माता गंगा जी का आहवान :

होजायेगा और आपको वहा माता गंगा जी दिखने लगेगी :उनके आनेका आभास आपको जरुर होगा :

अगर आप गंगा घाट पर नही है तो

महर वानी कर के हमे एक दो दिन पहले कहना होगा :कि कल हमे पिंड दान करने जाना है :

दर पिंड दान करते समय जो आप को बोलना है वो में आपको फोन पर ही बता दूंगा :

फिर श्री गणेशाय बोलकर पिंड दान सुरु करे :



{}ध्यान रहे {}जो

पिंडो के में नाम लिख रहा हु :और उनमे से कोई हाजिर है तो उस इन्शान का नाम निकाल कर :

उनका नाम लिखे जो हाजिर नही है :

{१}गुरु जी का
{२}गुरु माता का
{३}भगवान श्री व्रह्म्मा, जी को अरपित करे और
{4} माता स्वरसती
{५} विष्णू जी का
{६]लक्ष्मी जी का
{७}सिव जी का
{८}पार्वती जी का
{९}कुल देव का
{१०}कुलदेवी का
{११}कुल गुरु का
{12} कुल गुरु माता का
{13}पिता जी
{१४}माँ का
{१५}दादा जी का
{१६}दादी जी क
{१७}नाना जी का
{१८ननि जी का
{१९}काका जी का
{२०}काकी जी का
{२१}भाई का
{२२}बहन का
{23.24 }मामा मामी
{२५.२६ }माशा माशी
{२७.२८ }पर दादा और पर दादी का
{२९}अपने पालतू जानवर का गाय
{३०} बेल
{३१.३२ }भेस भेसा
{३३.34}कुत्ताकुतिया
{३५.36}घोडा घोड़ी
{३७}जो जीव आप मकान बनाते समय हत्या हुई है उनका
{३८}आपके चलते समय होई कार्य करते समय जीव ह्त्या हुई है उनका
{३९}आपने जान बुझ कर मारा है उनका
{४०}जो पेरो पर चलते है वो
{४१}परों से उड़ते है वो
{४२}जो पेट के बल से चलते है वो
{४३}जमीन में से उगते है वो
{४४}पूर्व दिशा में रहते है वो
{४५}पछिम दिशा में रहते है वो
{४६}उत्तर दिशा में रहते है वो
{४७}दछिन दिशा में रहते है वो
{४८.49 }अपने पिछले जन्म के माता पिता को पिंड दान करे
{५०}अपने पिछले जन्म के सह पूर्वज को पिंड दान करे
[५१}इक्यावन माँ पिंड :प्रीत य्योनी में रहते वो
{५२} देव य्योनी में रहते है वो
{53}धरती के निचे रहते है वो
{५४}धरती से उपर रहते है वो :
ये सभी पिंड दान बहुत ही सांति के सांति के साथ करे :
अपने पंडित जी के साथ कराये तो बहुत ही अच्छा रहिगा :
कोई भी कारण बस अगर कुछ पिंड आपके पास बचते है :
तो आप एक पिंड लेकर ये मन्त्र बोल कर पिंड दान करे :
{ मन्त्र }
{१}गुरु व्रह्म्मा गुरु विष्णु गुरु महेश राय :
{२}माता स्वरसती माता लक्ष्मी माता महेश्वरी :
इन { मन्त्र }को बोलकर पिंडो को पूरा करे :
जो दूध या गंगा जल आपके पास है वो वही गंगा जी में
चदाये और अपने घर चले जाए पीछे मुड कर न देखे :
अपने घर की छत पर सात बुध वार एक अगरबती लगाये :
भगवान की क्रपा से आपके सारे काम पुरे होंगे
{} जय माता की {}

आपके अपने जगदीश भाई चौधरी :

फोन : 919904271497 :

chaudhri jyotish jagdish bhai: चौधरी अक्षर ज्योतिष

chaudhri jyotish jagdish bhai: चौधरी अक्षर ज्योतिष

गुरुवार, 6 जनवरी 2011

{ चौधरी अक्षर ज्योतिष सीखे }

चौधरी अक्षर ज्योतिष सीखे :

मेरे प्रिय दोस्तों :

हमारे या आपके यहाँ या संसार के किसी भी घर में जब बच्चा पैदा होता है :तब हम उस बच्चे का नाम कर्ण करते है :

किसी के समाज 6 दिन बाद और किसी समाज में 10 दिन बाद :किसी में सबा महीने बाद :

नाम कर्ण करने में हम अपने महमानों को बुलाकर पंडित जी के दुवारा नाम कर्ण करते है :

मगर नातो आपके महमान जानते है :बच्चो के नामकरण के बारे में :और नाही पंडित जी जानते है :

कि नाम,कर्ण सही तरीके से केसे होता है :वो भी आपको उतना ही बता सकते है :

जितना पंचाग बताता है चंद्रमा के हिसाब कि .चंद्रमा कोण से घर में है :

उसके हिसाब से नाम का पहला अक्षर बताते है :और उसके बाद आप और हम उस बच्चे का नाम रखते है :

.............. {उधारण के तोर पर }......... ..



पंडित जी :ने मकर राशि बताई और :ख :ज :अक्षर बताये :तो पंडित जी दो अक्षर बताये है :

और बाकी के अक्षर घर बालो ने उमर कर बच्चे का नाम सब ने {जगदीश } रख दिया है :

एक अक्षर पंडित जी ने बता दिया और बाकी के अक्षर घर बालो ने उमर दिए :

{जगदीश }नाम सब को बहुत प्यारा लगा :क्यों कि {भगवान विष्णु जी }का एक नाम जगदीश है :

भगवान का नाम तो सबको प्रिय होता ही है इसी लिए बच्चे का नाम जगदीश रख दिया :

न तो घर वाले ही जानते है और नहीं कोई पंडित जी पूछते है के{ ज} के बाद जो {ग }आता है

क्या वो सही है {ग} के बाद {दी} आता है क्या वो सही है और {दी} के बाद {श} आता है क्या वो सही है

बस भगवान का नाम समजकर रख दिया

आपने कभी ये जानने की कोसिस नहीं कि वो जगदीश ने कोण से वार को अबतार लिया था :

उनका अबतार लेने का समय कोन सा था :

महिना कोन सा था

दिन कोन सा था

बार कोन सा था

वो समय कोन सा था वो घड़ी कोन सी थी

ये तो आपने नही जाना और बच्चे का नाम जगदीश रख दिया :

और नाही आपको अक्षर ज्ञान है :

तो फीर बच्चे का नाम जगदीश केसे रख दिया :

एक जगदीश को हम ने डॉक्टर बनते देखा है :

एक जगदीश इंजीनियर है

एक जगदीश बकील है एक जगदीश करोड़ पति है :

एक जगदीश रोड पति है :

एक जगदीश अनाडी है :

एक जगदीश भिकारी है :

ऐसे ही नाना प्रकार जगदीश भारत भरे पड़े है :

आज अगर में जगदीशो के बारे में लिखता रहा तो :

दुनिया में एक और जगदीश ग्रिन्थ बन जाएगा :

मगर जगदीश का इतिहाश खतम नही होगा :

मेरा आपसे यही कहना है :

कि इस तरह से बच्चो के नाम कर्ण नही होता :

बच्चो का नाम कर्ण करने के लिए अक्षर ज्ञान होना बहुत जरुरी है :

नाम कर्ण करने के लिए आपको चाहिए इन कि जानकारी :

{१]अक्षर ज्ञान :

{२} सुर ज्ञान :

{३}दिशा का ज्ञान :

{४} ये तीनो ज्ञान पूरी तरह से आने चाहिए :

फिर आप नाम कर्ण कर सकते है



:अधिक जानकारी के लिए फोन करे 919904271497

:लेखक :जगदीश भाई चौधरी :

रविवार, 2 जनवरी 2011

{{अ } { अक्षर ब्रह्माड का पहला अक्षर है }

{अ } अक्षर के बारे में आज बताता हु : {अ} अक्षर ब्रह्माड का पहला अक्षर है :

और ये निराकार है ये हर अक्षर के अंदर है क्यों कि ये बिज है :

और अ >का जो सुर है वो कंठ का है अक्षर ज्योतिष में अक्षर के साथ साथ

सुर का भी सीखना जरूरी है :अ का योग बहुत महत पुण है : जेसे {अ } के बिना पढाई सुरु नही कि :जा सकती :

इसे ही {अ }के योग के बिना जिन्दगी सफल बन नही सकती :

और { अ }की साधना तो क्या साधना है : कोई इन्शान अगर {अ }की साधना :

को जीवन में एक बार करले उस इन्शान को किसीकी अराधना करने जरूरत

नही पड़ेगी :क्यों की {अ }ही भ्रम है

{ अ }योग { अ }साधना } करने से पहलें आप अपने गुरु की सलाह जरुर ले :
{{ ख़ास चेताबनी }

{हाथ जोडकर सभी से बिनती है }कि :अ इ उ ए अं =

{अ}का योग {अ }की साधना }>किसी भी पारवारिक इन्शान के लिए नही है :

जो ईशान ग्रिती में है और उस का कोई गुरु है और वो आप से

{अ }का योग या { अ }की साधना करने को कहते है तो आप खुद जान जाइए :

कि हमारे गुरु को अक्षर ज्ञान नही है :देखिये हर इन्शान को हर ज्ञान नही होता :

देखिये आकाश निचे और पाताल उपर {84 }लाख योनिया है और हर योनी का :

एक देवता है ये बात तो सभी महान पुरुष जानते है :}

और हर देवता के पास अपनी खुद की सक्तिया है }

बसे में आगे पारिबारिक लोगो के लिया भी लिखुगा :अ इ उ ए अं = ये बिज है :
इनकी साधना हर इन्शान के लिए नही है

अधिक जानकारी के लिए फोन करे न 919904271497 है

लेखक : जगदीश भाई चौधरी
:

चौधरी अक्षर ज्योतिष

चौधरी अक्षर ज्योतिष एक इसी ज्योतिष है जो सब से अलग है :

ये अक्षर के ज्ञान से बनी ज्योतिष है इस अक्षर ज्योतिष में सब से पहले देखा जाता है इन्सान का नाम :

फिर माता पिता का नाम :और फिर बीबी और बेटे का नाम: इन सब के नामो के अक्षरो को मिलाके भविष्य कहा जाता :

ये अक्षर ज्योतिष में अक्षरोंको मिलाने के बाद फिर अक्षरों का सुर देखना देखना पड़ता है :उस के बाद ये देखना पड़ता है :

कि कोनसा अक्षर कोनसे अक्षर को मार रहा है फिर ये भी देखना पड़ता है :

कि किसका अक्षर किसके अक्षर को मार रहा है एसी कोंसी बजए है जो घर में मुसीबत आई है :

और किस तरह की मुसीबत आने बाली है इन अक्षरों से पता पड़ता है :और ये जानना जरूरी है :

{ मुसीबत क्यों आती है }

मुसीबत आने के कारण ये है

कही आप का नाम दिसा सुर तो नही है :कही आपको जन्म जात दोस तो नही है :

कही आपका मकान दोस तो नही है कही आपका मकान दिशा सुर टी नही है :

कही आप को नारी दोस तो नही है :कही पुत्र दोस तो नही है :

कही देव दोस तो नही है : कही आप को पितृ दोस तो नही है :

कही आप को नगर दोस तो नही है :ये सबकुछ पता चलता है :

आपके नाम के अक्षरों से और अधिक जानकारी के लिए :

रूबरू मिले :पता :हेनी गारमेंट परा बजार लुनावाडा पंच महल गुजरात { इण्डिया :}

या सम्पर्क करे या मेल करेchiraglunawada@yahoo.com पर

या फोन करे 919904271497 लेखक ज्योतिषी जगदीश भाई चौधरी :

: फ्री सेवा सभी के लिए :
चौधरी अक्षर ज्योतिष एक इसी ज्योतिष है जो सब से अलग है :

ये अक्षर के ज्ञान से बनी ज्योतिष है इस अक्षर ज्योतिष में सब से पहले देखा जाता है इन्सान का नाम :

फिर माता पिता का नाम :और फिर बीबी और बेटे का नाम: इन सब के नामो के अक्षरो को मिलाके भविष्य कहा जाता :

ये अक्षर ज्योतिष में अक्षरोंको मिलाने के बाद फिर अक्षरों का सुर देखना देखना पड़ता है :उस के बाद ये देखना पड़ता है :

कि कोनसा अक्षर कोनसे अक्षर को मार रहा है फिर ये भी देखना पड़ता है :

कि किसका अक्षर किसके अक्षर को मार रहा है एसी कोंसी बजए है जो घर में मुसीबत आई है :

और किस तरह की मुसीबत आने बाली है इन अक्षरों से पता पड़ता है :और ये जानना जरूरी है :

{ मुसीबत क्यों आती है }

मुसीबत आने के कारण ये है

कही आप का नाम दिसा सुर तो नही है :कही आपको जन्म जात दोस तो नही है :

कही आपका मकान दोस तो नही है कही आपका मकान दिशा सुर टी नही है :

कही आप को नारी दोस तो नही है :कही पुत्र दोस तो नही है :

कही देव दोस तो नही है : कही आप को पितृ दोस तो नही है :

कही आप को नगर दोस तो नही है :ये सबकुछ पता चलता है :

आपके नाम के अक्षरों से और अधिक जानकारी के लिए :

रूबरू मिले :पता :हेनी गारमेंट परा बजार लुनावाडा पंच महल गुजरात { इण्डिया :}

या सम्पर्क करे पर या मेल करेchiraglunawada@yahoo.com पर

या फोन करे 919904271497 लेखक ज्योतिषी जगदीश भाई चौधरी :

: फ्री सेवा सभी के लिए :

chaudhri jyotish jagdish bhai: chaudhry akshr jyotish

chaudhri jyotish jagdish bhai: chaudhry akshr jyotish

शुक्रवार, 31 दिसंबर 2010

chaudhry akshr jyotish

हिंदी भाषा बहुत ही अनमोल भाषा है :हिंदी के दरेक अक्षर में वो ज्ञान है :जो किसी भाषा में नही है :हिंदी के हर एक अक्षर में बिधि का बिधान छुपा हुआ है :८४ लाख योनियों का राज छुपा हुआ है :विश्व के सभी इंसानों का भविष्य छुपा हुआ है :मेने हिंदी के हर एक अक्षर को मानव के जीवन पर संसोधन किया है नतीजा बहुत ही चोकाने बाला निकला है :जेसे की {अ}के जो अक्षर है :उनपर [इ]की महात्राइंसान के नाम में लगजाये तो इंसान को लो बी पी की बिमारी होजाती है
 अ     इ    उ    ए   अं =
क  ख     ग     घ   ङ =
च  छ    ज    झ   ञ =
ट  ठ      ड     ढ     ण =
त  थ    द     ध    न =
प  फ    ब      भ    म =
य  र    ल    व        
श  ष    स     ह
क्ष  ज्ञ   त्र................

मेरे प्रिय दोस्तों हमारी ये जो {{अक्षर ज्ञान ज्योतिष है }}वो किसी पंचाग पर आधारित नही है :और नही हमारी इस ज्योतिष कोई भी गृह को कोई उल्लेख आता है :हमारी ये ज्योतिष में हिंदी भासा के 48 अक्षर है इस के अलावा कुछ भी नही है इन अक्षरों सेजो ज्योतिष बनता है वो महा ज्योतिष बनता है  अधिक जानकारी के लिए 
 
.अक्षर योग
अक्षर ज्योतिष
अक्षर साधना
अक्षर यत्र
अक्षर दिशा शुर निवारण
अक्षर पितृ दोष निवारण
अक्षर वास्तु दोष निवारण
अक्षर नारी दोष निवारण
अक्षर पुत्र दोष निवारण
गृह दोष निवारण
जमीन दोष निवारण
मकान दोष निवारण
और भी ऐसे काफी दोस्त जीवन में लगे रहते है जो इंसान को शांति से जीने नहीं देते -
और इंसान सारा जीवन भटकता ही रहता है
शांति की खोज में इंशान अपना सहारा जीवन वितित कर चला जाता है
मगर उशे कही पर भी शांति नहीं मिलाती मरने के बाद उसकी आत्मा भटकती रहती है
हर आदमी परेशान है ऐसे दोषों से छुटकारा कैसे पाए
हजारो लाखो रूपया बर्बाद करने के बाद भी निवारण नहीं मिलता मगर मेरे प्यारे भाईओ
अब वो समय आगया है
जों बिना पेसा खर्च किये ही एन दोषों से मुक्ति मिल जाएगी  / 

        {saadi se phle}
सभी {अन बिबाहित} भाइयो  से मेरा निबेदन है :कि शादी के बाद :
 आप को सुख सांति और सर्मधि चाहिए तो  मेरी बात जरुर मानना :
में आप का हितेसी हू :
आप का दुश्मन नही :इन्शानियत के नाते मेरा फर्ज बनता है कि
आप जो नही जानते वो में आप को बताऊ :
आप मेरी बात पर जरुर गोर करना :
भाइयो आप जब भी शादी करे :आपके जीवन साथी का नाम :
आप के नाम के पहले अक्षर  से निचे  के अक्षर में होना चाहिए :
जेसे आप का नाम {कमल  }है तो आप के जीवन साथी का नाम :
: क : से निचे के अक्षर बाली लड़की ही देखे {ख }से लेकर{ ह }तक के अक्षरों में  होना चाहिए :
देखो भाइयो आप की शादी भले ही एकाद साल लेट हो :वो चलेगा :मगर नारी  दोस नही चलेगा :
सभी माता पिता और   भाइयो से भी मेरा यही कहना है :
भलेही कुंडली मिले या न मिले मगर अक्षर जरुर मिला कर देखले :
    {   naari dos }
नारी दोस का असर  बहुत  ही  बुरा  होता  है : अगर इस दोस का उपाय जल्दी ना किया जाय तो आदमी को समाज मै सर झुकाकर
चलना पड़ता है ; जिस घर में नारी दोस होता है उस घर में से यातो  गेर समाज में से बेटा बहू लेकर आता है या फिर  अपनी लडकी
 गेर समाज में अपनी मर्जी से शादी करती है  : दोनों मेसे काम कोई भी करे सर तो समाज झुकेगा ही :आप सोचो किनारी सोस लगता केसे है
नारी दोस देखने की समज  : आप अपने नाम का  पहला अक्षर देखे  आप के नाम के पहले  अक्षर से पहले आप बीबी के नाम का आये तो मानो आपके घर में नारी दोस है :
  अगर  नारी दोस अगर आप   के घर में है  :तो कोन टेक करे  {{  फोन न  919904271497

      
ऐसा कोनसा दोस है
 जो बेटा बालिक होए से पहले ही अनाथ होजाता है
फेसबुक पर फ्री सेवा चौधरी ज्योतिष e मेल करे  करें
ऐसा कोणसा दोस है जो पति पतिनी में दुरीया बनाता है
जीवन साथी होते हुए भी दिलो में दूरिया होती है
ऐसा कोणसा दोस जो बाप बेटे में दुरीया बनाता है दोनों एक घर में खुसी से नही रह सकते
 घर बेठे गृह दोष निवारण  जमीन दोष निवारण  मकान दोष निवारण  और भी ऐसे काफी दोस्त जीवन में लगे रहते है
जो इंसान को शांति से जीने नहीं देते -..
.और इंसान सारा जीवन भटकता ही रहता है
 शांति की खोज में इंशान अपना सहारा जीवन वितित कर चला जाता है
मगर उशे कही पर भी शांति नहीं मिलाती मरने के बाद उसकी आत्मा भटकती रहती है
हर आदमी परेशान है ऐसे दोषों से छुटकारा कैसे पाए हजारो लाखो रूपया बर्बाद करने के बाद भी निवारण नहीं मिलता
मगर मेरे प्यारे भाईओ अब वो समय आगया है
 जों बिना पेसा खर्च किये ही एन दोषों से मुक्ति मिल जाएगी अगर आप ऐसे दोषों से परेशा है
तो कृपा करके फ़ोन करे फ़ोन नुम्बर 919904271497 या हिंदी में ईमेल करे chiraglunawada@yahoo.com
जोतिषी सलाह
१=धंधे में नुकसान क्यों होता
२= घर में जगडा कोंसे कारन से होता है
३= पितृ ओ को मोक्ष केसे दिलाये
४= जिव हत्या से केसे छूट्कारा केसे पाए
५= अपने घर का दरवाजा कोंसी दिशा में होना चाहिए
६= अपना घर कितने रूम का होना चाहिए
७= अपनी दुकान का नाम क्या होना चाहिए
८= अपने बच्चे का नाम क्या रखे और केसे रखे
९= अपने लड़के के लिए बहु कोंसे नाम वाली होनी चाहिए
919904271497          
                                                             जगदीशभाई चौधरी 
  भारत में पहेली बार?
अक्षर  ज्योतिष
ज्योतिषकी दुनिया मै एक नई खोज
दुनिया की हर ज्योतिष से अलग अक्षर  ज्योतिष
अक्षर  ज्योतिष में  पचांग की  जरुरत नहीं होती
जनम तारीख कि  तिथि की जरुरत नहीं होती
 अक्षर  ज्योतिष  के हिसाब  से कोई भी ग्रह  किसी भी इन्सान को
किसी भी प्रकार का  अच्छा या बुरा असर नहीं  पहुचाते
 अक्षर ज्योतिष को सीखना  बहुत ही आसन है
कम से कम पढ़ा हुआ इन्सान भी
इस अक्षर ज्योतिष को सीख सकता है

और अपना भविष्य उज्वल और सुखी बना सकता है अं अः
                                                                             क
                                                                             ण
                                                                                    ळ क्ष ज्ञ त्र



अक्षर ज्योतिष