ll ॐ नव शिवाय ll

ll  ॐ नव शिवाय   ll
ll ॐ नव शिवाय ll

गुरुवार, 3 फ़रवरी 2011

{} नारी दोस भाग {२] {}

नारी दोस भाग {२]
नारी दोस कितने प्रकार के होते है :
नारी दोस जो सबसे बड़ा होता है :
वो में पहले भी बता चूका हु :
फिर भी दुवारा समझलो :
नारी दोस की पहचान है :
आपके नाम का पहला अक्षर :
जेसे आपका नाम है { राजवीर }{रामवीर }
और आप बीबी का नाम है {कल्पना }अनीता }
तो कल्पना का {क }और राजवीर का {र }
दोनों को मिलाकर देखे :पहला दोस ये है :
की पति के नाम से पहले बीबी का नाम आता है :
जवानी में बिघवा होने का पूरा पूरा योग है :
दूसरा इस नारी दोस में और भी पिरोवलम यह भी  है :
कि पति के कार्य छेत्र में भी रुकाबट आती है है :
क्यों कि पतिऔर पत्नी दोनों का सुर बंद होजाता है :
जेसे :{रक }ये दोनों का सुर :
इसी प्रकार का पुत्र दोस लग जाता  है :
तो जीवन नरक के समान होजाता है :
अगर आप एसे किसी नारी दोस से :
परेशान है तो फोन करे फ्री सेवा  है :
कोई भी प्रकार का ज्योतिष चार्ज नही है :
लेखक :जगदीश भाई चौधरी :
लुनावाडा परा बजार गुजरात {इंडिया }
फोन न o9904271497



मंगलवार, 1 फ़रवरी 2011

गृह दोष निवारण जमीन दोष निवारण


 
गृह दोष निवारण
जमीन दोष निवारण
मकान दोष निवारण
और भी ऐसे  काफी दोस्त जीवन में लगे रहते है जो इंसान को शांति  से जीने नहीं देते
और इंसान सारा जीवन भटकता ही  रहता है
शांति की खोज में इंशान अपना सहारा जीवन वितित कर चला जाता है
मगर उशे कही पर भी शांति नहीं मिलाती
मरने के बाद उसकी आत्मा भटकती रहती है
हर आदमी परेशान  है ऐसे दोषों से छुटकारा कैसे पाए
हजारो लाखो  रूपया बर्बाद करने के  बाद भी निवारण नहीं मिलता
मगर मेरे प्यारे भाईओ अब वो समय  आगया है
जों बिना पेसा  खर्च किये ही एन दोषों से मुक्ति मिल जाएगी
अगर आप ऐसे दोषों से परेशा है
नोट
पिता का नाम -[
अपना नाम -[
 अपनी पत्नी का नाम [
अपने बेटे का नाम [
अपने गाव का नाम [
अपने जिल्ला का नाम [
प्रान्त का नाम [
लिखना न भूले और सभी की उम्र लिखना न भूले
ईमेल हिंदी मेही भेजे इग्लिश में नहीं
आपके अपनेज्योतिषी
जगदीशभाई  चौधरी
जय माता की  
१] नारी दोस
 २] पुत्र  दोस
 3] ग्रह दोस
४ ] पत्नी और पुत्र दोस
५] भूमि दोस
६ ] मकान दोस
७ ]बास्तु दोस
8 पितृ  दोस
९] गाव दोस
१०] पिरांत  दोस ये सभी दोस का निवारण
कृपा करके फ़ोन करे
फ़ोन नुम्बर ९१९९०४२७१४९७
या हिंदी में ईमेल करे
आपके अपनेज्योतिषी
जगदीशभाई  चौधरी
जय माता की  

भारत में पहेली बार अक्षर ज्योतिष ज्योतिषकी दुनिया मै एक नई खोज :

प्रिय मित्रो
मेरे जीवन का एक उधेस  था
के में भारत के लिए कुछ करू
मगर में भारत के लिए कुछ कर न सका=
इस बात का मुझे काफी अफ़सोस था
में जिंदगी जी रहा था तो ऐसे जी रहा था
जेसे जिंदगी मेरे ऊपर कोई  बोज हो =
मगर ऊपर वाले ने मेरी सुनी -और मुझे एक बहुत ही अच्छे  गुरु=
= मिल गए
-उन्होंने मेरा जीवन ही सभार दिया
मेरा दुःख तो मिटा ही
ओरो का दुःख मिटने की सकती दी
उन्होंने मुझे ऐसे योग साधना दी
योग सधना से जो मुझे ग्यान मिला वो बहुत ही अनमोल मिला
वो ग्यान है अक्षर ग्यान
-आज में हजारो किलो मीटर दूर से ही काफी लोगो का  दुःख दूर कर सकता हु -
 अक्षर  ज्योतिष के माध्यम से
अक्षर  ज्योतिष बहुँत ही सरल है  ओर सदा है
   भारत में पहेली बार?
अक्षर  ज्योतिष
ज्योतिषकी दुनिया मै एक नई खोज
दुनिया की हर ज्योतिष से अलग अक्षर  ज्योतिष
अक्षर  ज्योतिष में  पचांग की  जरुरत नहीं होती
जनम तारीख कि  तिथि की जरुरत नहीं होती
 अक्षर  ज्योतिष  के हिसाब  से कोई भी ग्रह  किसी भी इन्सान को
किसी भी प्रकार का  अच्छा या बुरा असर नहीं  पहुचाते
 अक्षर ज्योतिष को सीखना  बहुत ही आसन है
कम से कम पढ़ा हुआ इन्सान भी
इस अक्षर ज्योतिष को सीख सकता है
और अपना भविष्य उज्वल और सुखी बना सकता है
 '''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''
जोतिषी  जगदीश भाई चौधरी ki सलाह
 १= धंधे में नुकसान क्यों होता है
२= घर में जगडा कोंसे कारन से होता है
३= पितृ ओ को मोक्ष केसे दिलाये
४= जिव हत्या से केसे छूट्कारा केसे पाए
५= अपने घर का दरवाजा कोंसी दिशा में होना चाहिए
६= अपना घर कितने रूम का होना चाहिए
७= अपनी दुकान का नाम क्या होना चाहिए
८= अपने बच्चे का नाम क्या रखे और केसे रखे
९= अपने लड़के के लिए बहु कोंनसे नाम वाली होनी चाहिए
१०= और अधिक जानने के लिए कोल करे फ़िरी सेवा
आउट ऑफ़ गुजरात वाले  09904271497         
likhk :  जगदीश भाई चौधरी



नारी दोस देखने की समज नारी दोस का असर बहुत ही बुरा होता है :

नारी दोस का असर  बहुत  ही  बुरा  होता  है : 
अगर इस दोस का उपाय जल्दी ना किया जाय तो:
 आदमी को समाज मै सर झुकाकर चलना पड़ता है ;
जिस घर में नारी दोस होता है :
उस घर में से यातो  गेर समाज में से बेटा बहू लेकर आता है:
 या फिर  अपनी लडकी  गेर समाज में अपनी मर्जी से शादी करती है  :
 दोनों मेसे काम कोई भी करे सर तो समाज झुकेगा ही :
आप सोचो किनारी सोस लगता केसे है
नारी दोस देखने की समज  :
आप अपने नाम का  पहला अक्षर देखे  :
आप के नाम के पहले  अक्षर से पहले :
आप ki  बीबी के नाम का आये तो :
मानो आपके घर में नारी दोस है :
:नारी दोस से और भी  काफी  नुकशान होते  है :
नारी दोस सब से पहले तो घर का नास करता है :
धन का भी नास करता है
पति पत्नी में दुरिया बनाता है :
और इसके साथ पुत्र दोस लग जाए तो :
महा हानि होती है :
और साथ में अगर मकान दिशा सूर होतो ऐसेघर को तो :
 फिर भगवान भी नही  बचा सकते  है :
और साथ में घर टाइगर छाप है तो :
बंस डुवने  की पूरी पूरी संभावना होती है :   
नारी दोस से हमेशा सावधान रहे

  नारी दोस अगर आप   के घर में है  :तो कोन टेक करे  {{  फोन न  919904271497  }}
या मेल भेजे {  chiraglunawada @yahoo .com  }}
फ्री सेवा है :
लेखक :जगदीश   भाई  चौधरी 

सोमवार, 31 जनवरी 2011

{;क्या आप सनी की साड़ेसाती से परे शान है }

                                                                         :प्रिय दोस्तों :
सभी ज्योतिषियों कहना है कि सनी की साड़े शाती इन्शान की जिन्दगी में तीनबार आती है :
सबसे पहले बचपन में :दूसरी जवानी में : और तीसरी बुदापे में :
बचपन की साड़े साती खास असर नही करती :बच्चो पर :
जवानी की साड़े साती कुछ नही छोडती :इन्शान को तवाह कर देती है :
और बुदापे की साड़े साती इन्शान को ही नही छोडती :क्या ये सच है :
अक्षर ज्ञान ज्योतिष :के हिसाब से सनी की साड़े साती होती ही नही है :
अगर सनी की साड़े साती होती :तो इन्शान को साड़े सात साल बाद तो
राहत मिलती मेने अपने जीवन में ऐसे इन्शानो को देखा है :
जो बचपन से लेकर बुदापे तक दुःख उठाते देखा है :
उस की  जिन्दगी में साड़े साती उतरी ही नही :ये केसी साड़े साती है  :
अगरआप ऐसी किसी  सनी की साड़े शाती से परेशान है :या सनी की ढइया से हेरान है :
तो घबराओ नही :  अक्षर ज्ञान ज्योतिष में इस का उपाय है :
क्यों कि अक्षर ज्ञान ज्योतिष ऐसी किसी साड़े साती को नही मानता :
क्यों कि अक्षर का सुर इन्शान को बर्बाद करता हैअधिक जान कारी के लिए मेल करे या फोन करे :
लेखक :जगदीश भाई चौधरी :फोन न 919904271497  :
फ्री सेवा है  सभी के लिए :

{;क्या आप सनी की साड़ेसाती से परे शान है }

                                                                       :प्रिय दोस्तों :
सभी ज्योतिषियों कहना है कि सनी की साड़े शाती इन्शान की जिन्दगी में तीनबार आती है :
सबसे पहले बचपन में :दूसरी जवानी में : और तीसरी बुदापे में :
बचपन की साड़े साती खास असर नही करती :बच्चो पर :
जवानी की साड़े साती कुछ नही छोडती :इन्शान को तवाह कर देती है :
और बुदापे की साड़े साती इन्शान को ही नही छोडती :क्या ये सच है :
अक्षर ज्ञान ज्योतिष :के हिसाब से सनी की साड़े साती होती ही नही है :
अगर सनी की साड़े साती होती :तो इन्शान को साड़े सात साल बाद तो
राहत मिलती मेने अपने जीवन में ऐसे इन्शानो को देखा है :
जो बचपन से लेकर बुदापे तक दुःख उठाते देखा है :
उस की  जिन्दगी में साड़े साती उतरी ही नही :ये केसी साड़े साती है  :
अगरआप ऐसी किसी  सनी की साड़े शाती से परेशान है :या सनी की ढइया से हेरान है :
तो घबराओ नही :  अक्षर ज्ञान ज्योतिष में इस का उपाय है :
क्यों कि अक्षर ज्ञान ज्योतिष ऐसी किसी साड़े साती को नही मानता :
क्यों कि अक्षर का सुर इन्शान को बर्बाद करता हैअधिक जान कारी के लिए मेल करे या फोन करे :
लेखक :जगदीश भाई चौधरी :फोन न 919904271497  :
फ्री सेवा है  सभी के लिए :

आओ हिंदी के अक्षरों से अक्षर ज्योतिष सीखे और अपने घर परवार को खुश हाल बनाए भाग {2]

ये छो {६] अक्षर बिज है : अ  इ  उ  ए  ओ  अं :
और ये {६}अक्षर सुर  है :आ ई  ऊ  ऐ  ऑ  अँ :
इन दोनों को मिलाकर {१२}अक्षर होते है  :
मगर महात्रा {११}होती है :
और इन अक्षरों की महात्रा भी बहुत बड़ी सकती है :
ये बात अपने दिमाक में इस तरह से बिठालो कि :
आपके जीते जी आपके दिमाक में से ये बात  :
अपने जीवन में कभी भी नही निकलनी चाहिए :
क्यों कि ये सभी अक्षर ही बिधि का बिधान है :
ये अक्षर किसी  के बनाए हुए  नही है :
 ये इस स्र्सटी के रचेता ही ये है:
इस ब्रह्म्माड के मालिक ये है :
आकाश से लेकर पाताल तक सब इन में समाये हुए है :
ये वो सक्ति है जो कण कण में समाई है :चोरासी लाख योनियों को :
बना ने   बाले   है ये
चारो धर्मो के मालिक है ये : {चार धर्म  }
  {अ }   { ई }         {ऊ }        { ए }
हिन्दू :  इसाई    :मुस्लिम :       सिख :
इन चारो के ग्रिन्थ के बारे  में तो  <span>सारी दुनिया जानती है :</span>
मेरा कने का मत लव ये है :कि
जो कुछ है दुनिया में : है :वो ये है :
अक्षर ज्ञान :आप सीखो और दुसरो को सिखाओ :
सब के जीवन और मृत्यू के मालिक है :
सुख और दुःख सब इनसे ही मिलते है :
सभी जीवो  के कर्मो का हिसाव किताब ये रखते है :
सभी योनियों को कर्मो के हिसाव से ये ट्रांसफर ये करते है :
जेसा  जिस   का  कर्म  वेसी  उस   योनी :
अक्षर  ही   देते  है इन्शान हो अमीरी गरीबी   :
अपने जीवन में सुख  दुःख  हारी  बिमारी :
सन्तान निसंतान बीबी बच्चे घर  परिवार :
यही बनाते है हमे राजा और रंक    :
जब  ये  अक्षर किसी  पर  महरवान होते है :
तो इन्शान को भगवान स्वरूप बनादेते है :
और जानवरों को पूज्यवान बनादेते है :
इस से जादा में आपको और क्या बताऊ :
अबतो सायद आपकी  समझ में आगया होगा :
कि अक्षरों की  ताकत  कितनी है :
और अधिक जान्ने के लिए पड़ते रहे ;
चौधरी अक्षर के नोट :और हर नोट पर :
अपनी टिप्पणी करना  न  भूले :
अधिक जानकारी के लिए हमे फोन   करे :
फोन न 919904271497 :
या मेल करे :
कोपी रायट २०१०:2011
चौधरी अक्षर ज्योतिष :
लेखक जगदीश भाई चौधरी
apne  sarir me ye {12]akshr kyaa kyaa paat
bajaate hai
आगे  पड़े भाग  {3}





chaudhry akshr jyotish ke lekhk jagdish bhai chaudhry

रविवार, 30 जनवरी 2011

आओ हिंदी के अक्षरों से अक्षर ज्योतिष सीखे और अपने घर परवार के खुश हाल बनाए भाग {2]

ये छो {६] अक्षर बिज है : अ  इ  उ  ए  ओ  अं :
और ये {६}अक्षर सुर  है :आ ई  ऊ  ऐ  ऑ  अँ :
इन दोनों को मिलाकर {१२}अक्षर होते है  :
मगर महात्रा {११}होती है :
और इन अक्षरों की महात्रा भी बहुत बड़ी सकती है :
ये बात अपने दिमाक में इस तरह से बिठालो कि :
आपके जीते जी आपके दिमाक में से ये बात  :
अपने जीवन में कभी भी नही निकलनी चाहिए :
क्यों कि ये सभी अक्षर ही बिधि का बिधान है :
ये अक्षर किसी  के बनाए हुए नही है :
 ये इस स्र्सटी के रचेता ही ये है:
इस ब्रह्म्माड के मालिक ये है :
आकाश से लेकर पाताल तक सब इन में समाये हुए है :
ये वो सक्ति है जो कण कण में समाई है :चोरासी लाख योनियों को :
बना ने बाले  है ये
चारो धर्मो के मालिक है ये : {चार धर्म  }
  {अ }   { ई }         {ऊ }        { ए }
हिन्दू :  इसाई    :मुस्लिम :       सिख :
इन चारो के ग्रिन्थ के बारे  में तो  <span>सारी दुनिया जानती है :</span>
मेरा कने का मत लव ये है :कि
जो कुछ है दुनिया में : है :वो ये है :
अक्षर ज्ञान :आप सीखो और दुसरो को सिखाओ :
सब के जीवन और मृत्यू के मालिक है :
सुख और दुःख सब इनसे ही मिलते है :
सभी जीवो  के कर्मो का हिसाव किताब ये रखते है :
सभी योनियों को कर्मो के हिसाव से ये ट्रांसफर ये करते है :
जेसा  जिस   का  कर्म  वेसी  उस   योनी :
अक्षर  <span>ही</span>   देते  है इन्शान हो अमीरी गरीबी   :
अपने जीवन में सुख  दुःख  हारी  बिमारी :
सन्तान निसंतान बीबी बच्चे घर  परिवार :
यही बनाते है हमे राजा और रंक    :
जब  ये  अक्षर किसी पर  महरवान होते है :
तो इन्शान को भगवान स्वरूप बनादेते है :
और जानवरों को पूज्यवान बनादेते है :
इस से जादा में आपको और क्या बताऊ :
अबतो सायद आपकी  समझ में आगया होगा :
कि अक्षरों की  ताकत कितनी है :
और अधिक जान्ने के लिए पड़ते रहे ;
चौधरी अक्षर के नोट :और हर नोट पर :
अपनी टिप्पणी करना  न  भूले :
अधिक जानकारी के लिए हमे फोन   करे :
फोन न 919904271497 :
या मेल करे :
कोपी रायट २०१०:2011
चौधरी अक्षर ज्योतिष :
लेखक जगदीश भाई चौधरी
आगे  पड़े भाग n {3]
or  ye {12}akshr apne jeevn me or pne srir me

aao

आओ हिंदी अक्षरों की पहचान देखे :जो आज तक दुनिया में कोई नही जानता वो चीज आज आप जाने :चौधरी अक्षर ज्योतिष का : भाग {1 }

अ आ इ ई:ये नर योनी है :
उ ऊ ए ऐ :ये पित्रू योनी  है :
ओ ऑ अं अँ : ये देव  योनी है :
ये तोनो योनिया नर रूपा है :
इन में से {अ } ने तीनबार अवतार लिया है :
{१] {अ }भगवान श्री  व्रिह्म्मा जी :
{२}ऑ }भगवान श्री विष्णु जी :
{३] अं }भगवान श्री महेश जी :
क्यों कि ये तीनो एक ही रूप है
ऐसे तीन बार अवतार {ई } ने  लिया है :
{१} माता श्री स्वरसती जी :
{२} माता श्री लक्ष्मी  जी :
{३} माता श्री सक्ति   जी :
ये तोनो  मानव   रूपा है :
''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''
बाकी की योनियो के  बारे में निचे पड़े :
अ ई ऊ ऐ :ये {4}प्रिकार होते योनियों के :
मानव में देखोगे तो भी चार प्रिकार होते है :
नारी चार प्रिकार की होती है :
<span>प्रित्रुओ </span>   में भी चार प्रिकार होते है :
देवो में देखो तो चार प्रकार होते है :
जानवरो में देखो तो भी चार होते है :
उधारन के तोर पर में एक जानवर के :
बारे में लिख  <span>रहा</span>  हु बाकी के अपने आप :
सेट कर लेना क्यों कि समझ दार को इशारा काफी है:
       अ             ई                     ऊ              ऐ              {अं }
{१]कुत्ता :{२}घोदुआ :{३}लकड़भग्गा :{४}भेडिया:
   { क }       { ख }              { ग }        { घ }........{.ड़ }.
     क ...........ख .............ग ..........घ ........ { ङ }
    च............ छ..............ज............ झ.........{ ञ }
   ट.............. ठ............. ड.............ढ.........{ ण }
   त............  थ............. द.............ध.........{.न }
  प.............  फ...........  ब........... .भ..........{म }
  य.............. र ............ ल ........ व    
  श............  ष .............स............श्र ...........{}           
  ह.............क्ष............. ज्ञ ..........  त्र............{{}
 ये चारो का रूप एक ही है:
जेसे जेसे अक्षर आगे बड़ते जाते है :
वेसे वेसे ही जहर बड़ता  जाता है :
ये सभी अक्षर अलग अलग योनियों के है ;
आप किस योनी में से आये है :
आप अपने नाम के अक्षर मिलाये :
और उस अक्षर कि योनी मिलाये :
आपका सुभाव जीस योनी से मिलता है :
मानो आप उन योनी में से आये है :
जब कोई जीव अच्छे काम करता है :
तो उसे मानव योनी मिलती है :
और जब मानव अच्छे कर्म करता है :
तो उसे देव योनी मिलती है :
जब देवलोक में देवताओ से भूल होती है :
तो उसे भी उसी प्रिकार की योनी मिलती है :
जिस प्रिकार की उस देव ने भूल की है :
''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''
मक्खियों में देखो तो भी चार प्रिकार होते है :
     {१}                   {२}             {३}               {४]
{१}मक्खी : {२]मध् माखी  {३}:पहाडू माखी {४} ततैया :
    { क }              {ख }              {ग }                {घ }
ये चारो का रूप एक ही है:
जेसे जेसे अक्षर आगे बड़ते जाते है :
वेसे वेसे ही जहर बड़ता  जाता है
''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''
हमने सिर्फ उधारन लिखे बाकी आप अपने नाम के आधार पर सेट करले :
अगर अभी भी आपकी समझ में नही आरहा  तो हमे फोन कर के पूछ सकते है :
 हमारा नाम :जगदीश  भाई  चौधरी  :
फोन न .919904271497 है  
 चौधरी अक्षर ज्योतिष :

शनिवार, 29 जनवरी 2011

नाम में महात्रा की जानकारी भाग {१}

प्रिय दोस्तों आज में बहुत ही अनमोल बात बता रहा हु :
नाम के अक्षरों में महात्रा के लगाए :
आ के :अक्षरों पर इ उ ऐ ओ अं की महात्रा बहुत ही नुकशान दायक होती है :
 और इन के अक्षरों   इ उ ऐ ओ अं के अक्षरों पर आ की महात्रा फायदा करती है :
इ के अक्षरों  पर आ की महात्रा फायदा कारक है :
और आ के अक्षरों इ की महात्रा नुकशान कारक है
और इन सब के अक्षरों पर  उ ऐ ओ अं  इ की महात्रा फायदा कारक है :
उ की महात्रा  इ आ के अक्षरों पर नुकशान कारक है :
ऐ ओ अं के अक्षरों पर फायदा कारक है :
ऐ की महात्रा आ इ उ के अक्षरों पर नुकशान दायक है :
और ओ अं के अक्षरों ऐ की महात्रा फायदा कारक है :
ओ की महात्रा अं की अक्षरों पर फायदा कारक है :
और आ इ उ ऐ के अक्षरों पर नुकशान दायक है :
अं की महात्रा अपने अक्षरों को <span>छोड़</span>  कर   :
आ इ उ ऐ ओ इन सभी के अक्षरों पर नुकशान दायक है :
'''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''
आप किसी का भी नाम कर्ण करते हो तो :
अक्षरों के साथ साथ अक्षरों की महात्रा का जरुर ध्यान देना जरूरी है :
चाहे आप किसी का भी नाम कर्ण कर रहे हो :
चाहे वो नाम बच्चे का हो
चाहे वो नाम फेक्ट्री  का हो :
चाहे वो नाम  दूकान  का हो:
अपनी लाय्फ़ में किसी का भी नाम कर्ण कर रहे हो :
इन बातो का जरुर ध्यान देना है :
अधिक जानकारी के लिए फोन करे :
''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''
फोन न 919904271497 :
लेखक ज्योतिषी जगदीश भाई चौधरी :
अक्षर ज्ञान ही महा ज्ञान है :
'''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''
chaudhry  akshr jyotish


बुधवार, 26 जनवरी 2011

{} अक्षर योग साधना की समझ {} भाग { 1 }

अ इ उ ए अं =क ख ग घ ङ =च छ
ट ठ ड ढ ण = त थ द ध न =प फ ब भ म =य र ल व श ष
क्ष
::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::;;;;;;;;;;::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::
अक्षर योग और साधना  :आपने  अपने  जीवन सायद पहली बार सुना होगा :
जब किसी चीज की पहली बार खोज की जाती है तो नया ही लगता है  :
अक्षर योग और साधना की खोज पृथ्वी पर पहली बार की गयी है  :
अक्षर योग और साधना मानव के लिए राम बाण की तरह है  :
अक्षर योग साधना एक इसी साधना है :
जिस से इन्सान ओने जीवन को सफलता की और लेके जासकता है :
.........................................................................................
अक्षर योग और साधना को मेरा नेट पर लिखने का कोई इरादा नही था :
मगर कोगो के प्यार ने और उनके बिसबास ने :
मुझे लिखने पर मजबूर ;कर दिया :
कि में अक्षर योग और साधना के बारे में लिखू  :
में अक्षर योग साधना के बिसे में लिखने से पहले :
में आपको कुछ सावधनिया बताऊगा जो आपको बरतनी होगी :
आपको अपनी मर्जी से अक्षर योग अथवा साधना नही करनी है :
क्यों कि आपकी अपनी मर्जी से किये गये योग साधना :
आपको काफी हानि पंहुचा सकती है :
इसी लिए ये अक्षर योग साधना बहुत ही सोच समझ के कि जासकती है :
जिस तरह सी लिखा गया है :
आप  उसी तरह से योग सुरु करे :
.................................................................................
 सुरु करने से  पहले आपको हमे फोन कर के  बताना :
 होगा  कि आप अक्षर योग क्यों करना कहते है :
                फोन न 919904271497
..................................................................................
अक्षर योग  साधना सुरु कने से पहले आप अपने सरीर को :
स्वछ करे :जेसे कि सुबह कुल्ला दातुन करने के बाद :
और सामको खाना खाने से एक घंटा पहले :
इस योग को किया जासकता है :
...............................................................................
अक्षर योग और साधना अपने नाम के हिसाब से कीया जाता है :
सभी को एक तरीके से नही करना है :
......................................................................
अक्षर योग आपको करना क्यों है   :
{ ! } क्या आप कोई असादय रोग से परेशान है :
{ २ }क्या आपका धंदा नही चलरहा है :
{ ३ }क्या आपको धन्दे में हानि होरही है :
{ ४ }क्या आपको नोकरी नही मिल रही है :
{ ५ }क्या आपके हाथो में जस नही है :
{ ६ }क्या आपका पड़ाई में मन नही लगरहा है :
{७ }क्या आपको भूलने की बिमारी है :
{८ }क्या आप अपने सरीर की ऊर्जा सकती बडाना चाहते हो :
{९} क्या आप अपने ईस्ट देव को मनाना चाहते हो :
{१०} क्या  आपका   भक्ति में मन नही लगता :
{११}क्या आपकी बात किसीको अच्छी नही लगती :
{१२}क्या आपको गुस्सा बहुत आता है :
....................................................................
{१३}क्या आप कुदरती सकती पाना चाहते हो
 ये पारवारिक इंशानो के लिए नही है :
संत फकीर बाबा सन्यासीयो के लिए है :
या फिर आप घर से मुक्त हो और :
आपकी उम्र {50 } से उपर होनी चाहिए :
.....................................................................
इतने प्रकारों में से आपको किस की जरूरत है :
उसीके हिशाब से आपको अक्षर योग बताया जाएगा :
अक्षर योग आपके नाम और आपकी उम्र के हिसाब से :
किया जाता है :
   लेखक :जगदीश भाई चौधरी :}
           {    फोन न 09904271497    }
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स ह ज्ञ त्र
ज झ ञ =

akshr yog

akshr  योग  और  साधना   

रविवार, 23 जनवरी 2011

अक्षर और बिमारी भाग { 2 }इ दुसित है तो

अ     इ    उ    ए    अं =
क  ख     ग     घ   ङ =
च  छ    ज    झ    ञ =
ट  ठ      ड     ढ     ण =
त  थ    द     ध     न =
प  फ    ब     भ    म =
य  र    ल     व    
श  ष    स     ह
क्ष  ज्ञ   त्र
;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;

इ अगर  आपकी दुसित है या इ की महात्रा आपके के नाम में  दुसित है या इ के अक्षर आपके नाम में दुसित है :
तो पानी से लगती बिमारीयो का सामना आपको करना ही  पड़ेगा :
जेसे  ki  सरीर में पानी की कमी रहेगी पानी से लगती बिमारी आपको लगती रहेगी :
टायफोड़ :जोंडिस :पीलिया :मल खुसक:एसिडिटी :कब्जी पानी में दूवना :सर्दी :
खाशी जुकाम :लगेही रहेगे :
इ   के अक्षरों पर आ  की महात्रा बहुत ही अच्छी होती है :
बाकी के अक्षरों की महात्रा इ के अक्षरों पर नुकशान  दायक  होती है
बच्चे का नाम कर्ण करते समय  इस  बात का  जरुर ध्यान रक्खे :
इ की महत्रा आ के अक्षरों पर बहुत बुरा असर करती है ;
अगर आप इ के अक्षर बाले है और आप इसी किसी बिमारी से परेशां है :
तो घबराए नही फोन करे  और इ के योग से अपनी बीमारियों से
हमेशा के लिए छुटकारा पाए :
लेखक जगदीश भाई चौधरी
फोन न 919904271497
<Photo 1>                      

{} अक्षर और बिमारी भाग :; 2 :: अ इ उ ए ओ अं {}

इ अगर आपके नाम में दुसित है :या इ कि महात्रा आपके नाम में दुसित है या इ :के अक्षर आपके नाम में दुसित है तो या इ  का स्वर किसी अक्षर ने बंद कर दिया है तो आपको इन समस्याओं सामना करना पड़ेगा :
पानी से लगती हुई बिमारी आपको हेरान परेसान कर सकती है जेसे कि :सरीर में पानी की कमी रहसकती है :
पानी से पैदा होने बाली बिमारी हेरान परेशान कर सकती है जेसे कि : जोंडिस पीलिया टा

शनिवार, 22 जनवरी 2011

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{} अक्षर और बिमारी अ इ उ ए ओ अं {}

       अं          इ            उ            ए            ओ               अं      
    हवा      पानी     अग्नि         अन्न      आकाश         प्रथ्वी                                                 
 इन सब से हमारा  सरीर चलता है :इन में से कोई भी चीज की कमी हमारे सरीर  को  :        
   वीमार कर देती है और हम रोगी होजाते है :कभी हम डोक्टर के यहा चक्कर लगाते है :   
    तो कभी हम ज्योतिषियों के यहा तो कभी हम भोआ ओ के यहा कभी हम त्रिन्तिक के :      
 यहा चक्कर लगाते है मगर फीर भी हमे कोई फायदा नही मिलता है तो हम हार करके :      
  डॉक्टर की बात मान कर हम हमेश के लिए दवा चालू कर देते है : और दवा खाखाकरके :  
  हमारा सरीर सरीर न रहकर मेडिकल स्टोर बन जाता है
                                                    {}अब हम आपको बताते है  {}                                                      

         {}  अक्षर और बिमारी के बारे में {}
1} :अ :अगर आपके नाम में दुसित है या आ :की महात्रा आपके नाम में दुसित है :
तो या फीर {आ }के अक्षर आपके नाम में दुसित है तो ::
हवा से लगती हुई बिमारी आपको लगजायेगी :जेसे कि लकवा पेट में गेस :
बादी कब्जी मुटापा नाक बंद सर्दी खासी स्वास ब्लड पेसर :हाई या लो :
हो सकता है और गुस्सा बहुत आसकता   है और  भी हवा से लगती हुई बिमारी इन लोगो को हो सकती है :
                {}  ये बिमारी कब और केसे लगती है {}
आ }के अक्षरों पर {इ }या {उ} या {ए }या {ओ }या {अं }की महात्रा लगजाये तो ::
या इन अक्षरों का आधा अक्षर लगजाये तो :या बंद सुर हो तो  इन इन्शान  को ::
बीमारियों का सामना करता है ::
अगर आप आ  अक्षर बाले इन्शान है और आपको इसी  किसी बिमारी ने ::
घेर रक्खा है तो :फोन करे :फ्री सेवा है सभी के लिए :
फोन .न .919904271497 फोन करने का समय सुबह ११ से साम के ६ बजे तक
 :
                    
                       {}   लेखक :जगदीश भाई चौधरी   {}
अ इ उ ए अं =क ख ग घ ङ =च छ
ट ठ ड ढ ण = त थ द ध न =प फ ब भ म =य र ल व श ष
क्ष
स ह ज्ञ त्र
ज झ ञ =

बुधवार, 19 जनवरी 2011

सब से  पहले  आप जाने अक्षरों के बारे में                        
                                                    

शनिवार, 8 जनवरी 2011

{}; अपने पित्रू ओ को हम मोक्ष केसे दिलाये :{}

अपने पित्रू ओ को हम मोक्ष केसे दिलाये :

मेरे प्रिय दोस्तों :पित्रू ओ को मोक्ष दिलाना किसी { यज्ञ से कम नही होता :}
पित्रू दोस की बिधी बहुत ही सादा तरीके से होती है
:कोई खास खर्चा नही होता :बस इतना करे
कि आप किसी अच्छे इस्थान पर जाकर ये विधि कर सकते है :
जेसे कि गंगा जमुना या त्रिवेणी संगम में ये विधि की जा सकती है :
अथवा तो :{ गया जी :कासी : इलाहवाद :हरिदुवार :कुरछेत्र:में होती है :
इनमे से किसी भी घाट पर जाकर ये विधि करे :और ये विधि समुन्दर के
घाट पर भी कर सकते है :
[याद रहे ये विधि बुधवार को करे ";या फिर अमावस्या को करे :}
{बाकी के दिनों में ये विधि नही होती :}

{पित्रू दोस की विधि की सामिग्री }

एक किलो दोसो पचास ग्राम जो का आटा { 1 . 250 ग्राम }
और इतना ही दूध ले : { 1 . 250 ग्राम }
नही तो गंगा जल ले ले :
और { 54} पिंड बनाये :एक थाली में {54 } पिंडो को रखले :
और सभी पिंडो को चन्दन से तिलक करे :
गुलाव के फुल तल चावल उन उपर चदाये
और किसी भी घाट पर जाकर आसन बिछा कर बेठे :
: पलाठी लगाकर :
फिर बारह वार ये मन्त्र बोले :
{ मन्त्र }>सदा भवानी दाहिनी :गोरी पुत्र गणेश :}

[ पांचो देव मेरी रक्षा करो ब्रह्ममाँ विष्णू महेश :}

उस के बाद माता गंगा जी का आहवान करो :

माता गंगा जी का { मन्त्र }माफ़ करे {में लिख नही सकता:
इसी लिए में अपना मोबायल नंबर लिख रहा हु :

फिर मुझे फोन करे :919904271497 :फोन कर ने के दो पाच मिनट बाद वहा माता गंगा जी का आहवान :

होजायेगा और आपको वहा माता गंगा जी दिखने लगेगी :उनके आनेका आभास आपको जरुर होगा :

अगर आप गंगा घाट पर नही है तो

महर वानी कर के हमे एक दो दिन पहले कहना होगा :कि कल हमे पिंड दान करने जाना है :

दर पिंड दान करते समय जो आप को बोलना है वो में आपको फोन पर ही बता दूंगा :

फिर श्री गणेशाय बोलकर पिंड दान सुरु करे :



{}ध्यान रहे {}जो

पिंडो के में नाम लिख रहा हु :और उनमे से कोई हाजिर है तो उस इन्शान का नाम निकाल कर :

उनका नाम लिखे जो हाजिर नही है :

{१}गुरु जी का
{२}गुरु माता का
{३}भगवान श्री व्रह्म्मा, जी को अरपित करे और
{4} माता स्वरसती
{५} विष्णू जी का
{६]लक्ष्मी जी का
{७}सिव जी का
{८}पार्वती जी का
{९}कुल देव का
{१०}कुलदेवी का
{११}कुल गुरु का
{12} कुल गुरु माता का
{13}पिता जी
{१४}माँ का
{१५}दादा जी का
{१६}दादी जी क
{१७}नाना जी का
{१८ननि जी का
{१९}काका जी का
{२०}काकी जी का
{२१}भाई का
{२२}बहन का
{23.24 }मामा मामी
{२५.२६ }माशा माशी
{२७.२८ }पर दादा और पर दादी का
{२९}अपने पालतू जानवर का गाय
{३०} बेल
{३१.३२ }भेस भेसा
{३३.34}कुत्ताकुतिया
{३५.36}घोडा घोड़ी
{३७}जो जीव आप मकान बनाते समय हत्या हुई है उनका
{३८}आपके चलते समय होई कार्य करते समय जीव ह्त्या हुई है उनका
{३९}आपने जान बुझ कर मारा है उनका
{४०}जो पेरो पर चलते है वो
{४१}परों से उड़ते है वो
{४२}जो पेट के बल से चलते है वो
{४३}जमीन में से उगते है वो
{४४}पूर्व दिशा में रहते है वो
{४५}पछिम दिशा में रहते है वो
{४६}उत्तर दिशा में रहते है वो
{४७}दछिन दिशा में रहते है वो
{४८.49 }अपने पिछले जन्म के माता पिता को पिंड दान करे
{५०}अपने पिछले जन्म के सह पूर्वज को पिंड दान करे
[५१}इक्यावन माँ पिंड :प्रीत य्योनी में रहते वो
{५२} देव य्योनी में रहते है वो
{53}धरती के निचे रहते है वो
{५४}धरती से उपर रहते है वो :
ये सभी पिंड दान बहुत ही सांति के सांति के साथ करे :
अपने पंडित जी के साथ कराये तो बहुत ही अच्छा रहिगा :
कोई भी कारण बस अगर कुछ पिंड आपके पास बचते है :
तो आप एक पिंड लेकर ये मन्त्र बोल कर पिंड दान करे :
{ मन्त्र }
{१}गुरु व्रह्म्मा गुरु विष्णु गुरु महेश राय :
{२}माता स्वरसती माता लक्ष्मी माता महेश्वरी :
इन { मन्त्र }को बोलकर पिंडो को पूरा करे :
जो दूध या गंगा जल आपके पास है वो वही गंगा जी में
चदाये और अपने घर चले जाए पीछे मुड कर न देखे :
अपने घर की छत पर सात बुध वार एक अगरबती लगाये :
भगवान की क्रपा से आपके सारे काम पुरे होंगे
{} जय माता की {}

आपके अपने जगदीश भाई चौधरी :

फोन : 919904271497 :